चंडीगढ़ मेयर चुनाव (Chandigarh Mayor Election) में मतपत्रों के साथ छेड़छाड़ मामले में चुनाव अधिकारी अनिल मसीह ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है. 5 अप्रैल को सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी, CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच के सामने मसीह की ओर से पेश हुए. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी.
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में 'धांधली' के आरोपी अधिकारी अनिल मसीह ने आखिरकार SC में मांगी माफी
Chandigarh Mayor Election इस साल 30 जनवरी को हुआ था. इस दौरान पीठासीन अधिकारी रहे अनिल मसीह ने कांग्रेस-AAP गठबंधन के 8 वोटों को ‘इनवैलिड’ करार दिया था. मसीह ने BJP प्रत्याशी को विजेता घोषित किया था. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने AAP के प्रत्याशी को विजेता घोषित किया था.


बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक रोहतगी ने कहा,
"हमने बिना शर्त माफी मांगी है. मेरी उनसे लंबी बातचीत हुई. वो पहला एफिडेविट वापस ले लेंगे और इस कोर्ट के सामने सरेंडर कर देंगे. ये बिना शर्त माफी है."
इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे हफ्ते में की जाएगी.
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मेयर चुनाव में BJP को ‘धांधली’ कर जिताया गया थाबता दें कि 30 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर का चुनाव हुआ था. इस चुनाव में कांग्रेस-AAP गठबंधन के पास कुल 20 वोट और भाजपा (BJP) के पास 16 वोट थे. लेकिन उस दौरान पीठासीन अधिकारी रहे अनिल ने कांग्रेस-AAP गठबंधन के 8 वोटों को ‘इनवैलिड’ करार दिया था. इससे कांग्रेस-AAP गठबंधन के वोटों की संख्या 12 हो गई थी. इस तरह अनिल मसीह ने BJP के मनोज सोनकर (Manoj Sonkar) को विजेता घोषित किया था.
इस पर काफी हंगामा हुआ था. AAP और कांग्रेस ने चुनाव में 'धांधली' का आरोप लगाया था. एक वीडियो भी शेयर किया गया था. इसके आधार पर आरोप लगाया गया था कि पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह ने बैलेट पेपर से छेड़छाड़ की.

मेयर का चुनाव हारने वाले AAP के पार्षद कुलदीप कुमार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया था. मांग की गई थी कि मेयर चुनाव के नतीजों को रद्द किया जाए. वहीं हाई कोर्ट ने 31 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर चुनाव के नतीजे पर तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया था. साथ ही, AAP पार्षद की याचिका को तीन हफ्ते बाद लिस्ट करने की बात कही थी.
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सुप्रीम कोर्ट ने AAP के प्रत्याशी को विजेता घोषित किया थाकुलदीप कुमार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने मत पत्रों के छेड़छाड़ वाला वीडियो देख हैरानी जताई थी और इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ बताया था.
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को चंडीगढ़ मेयर चुनाव के नतीजे रद्द कर दिए थे. CJI चंद्रचूड़ ने कहा था कि चुनाव वाले दिन रिटर्निंग ऑफिसर ने जिन 8 वोटों को अवैध करार दिया था, वो सभी वोट AAP-कांग्रेस के प्रत्याशी कुलदीप कुमार के पक्ष में थे. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप कुमार को चंडीगढ़ मेयर चुनाव का विजेता घोषित कर दिया था.
सुप्रीम कोर्ट ने पाया था कि रिटर्निंग ऑफिसर अनिल मसीह ने जानबूझकर 8 मतपत्रों को खराब किया, जो AAP प्रत्याशी कुलदीप कुमार के पक्ष में डाले गए थे. CJI ने कहा था कि अनिल मसीह ने अपराध किया है और उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. अब अनिल मसीह ने इस मामले में माफी मांग ली है. उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी, ये आगे पता चलेगा.
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