दोस्तों पंद्रह लाख तो पता है न? सैंतालीस, चौरासी, छैबारा, नौग्यारा के बाद सबसे फेमस आंकडा है ये. तो भले आपको पंद्रह लाख न मिले हों. पंद्रह हजार का जुगाड़ हो गया है. कम से कम पंद्रह हजार. हर महीने जानते हैं कैसे? मोदी जी की कृपा से. फेसबुक पर हैं. किसी भी पेज के कमेंट बॉक्स में चले जाइए. दो ही चीजें मिलेंगी ट्रंप-केजरीवाल. या चैम्पकैश का ऐड. हम अपने पेज का बताएं. अपडेट बाद में आता है चैम्पकैश का ऐड पहले आ जाता है. अब तो ऐसे लगने लगा है. जब मैं पैदा हुआ था तो सबसे पहले नर्स को नहीं चैम्पकैश का ऐड देखा था.
अगर फेसबुक के कमेंट्स से कुछ होना होता तो अब तक Champcash नया धर्म बन चुका होता.
तो अब चैम्पकैश मोदी जी से जुड़ गया है. कैसे क्यों और वजह न पूछिए, आजकल इस देश में सब मोदी जी से जुड़ जाता है. वजह चाहे कुछ हो न हो. मोदी के बाद आपको एक सपोर्टिंग की वर्ड की जरूरत होती है. वो है 'डिजिटल इंडिया'. वैसा ही जैसे नासा और यूनेस्को होता है. ये ऑफर सिर्फ देशसेवकों के लिए है. काहे कि जिंदगी मे कुछ करना है तो देशसेवा से जुड़ें. अब ये ऐप इन्स्टाल करना देशसेवा है या देशसेवक ऐप इन्स्टाल कर सकते हैं ये बहस का विषय है. बहस का विषय तो ये भी है कि कैसे आजकल जिसे भी अपनी दुकान चलानी होती है. फेसबुक के एक सड़े से कमेन्ट में भी 'देश' को इस्तेमाल कर लेता है. (पढ़ें 'देश के प्रधानमंत्री को भी'!)

और मजे की बात ये कि आप ये कमाई फेसबुक और व्हाट्सएप से भी कर सकते हैं. ऐसी बातों से मैं खुश हो जाता हूं. आजकल तो व्हाट्सएप से देश की जीडीपी भी सुधारी जा रही है. ये काम भी सही. अब सुनो, कमेंट कितना काव्यात्मक आता है.
तो टोटली फ्री ज्वॉइनिंग है,
ना कुछ खरीदना है
ना कुछ बेचना है
ना किसी से पैसे लेना है
ना किसी को पैसे देने हैं
घर बैठे ही करे बिजनेस
खाली समय का करे इस्तेमाल
ना किसी के पास जाना है
ना कोई सेमीनार की फीस
इनके ऐड का तरीका देखो. हर तरीके से आपको अमीर बनाने में लगे हैं.

और जितनी बार खोलोगे उत्ता अमीर हो जाओगे. ऐसा मुंह खोलने पर कोई ऑफर होता तो मैं दुनिया में सबसे अमीर होता.
डॉक्टर कलाम भी इनके पोस्टर बॉय हैं.

ये कंपनी है क्या बला?
लोग कहते हैं कि ऑनलाइन बिजनेस करने वाली बाकी कंपनियों की तरह चैम्पकैश में इन्वेस्टमेंट नहीं करना पड़ता. इसमें वही चैन सिस्टम है. यहां आप अपने दोस्तों को इन्वाइट करके ज्वॉइन करवाऐंगे तो आपको कमीशन मिलेगा. उसके बाद आपका दोस्त जितनी कमाई करेगा, उसका 50% आपको कमीशन में मिलेगा.
और आपको तो पता है ऐसे ऑफर्स में सच्चाई कितनी होती है. ;) तो भाइयों और बहनों, मोदी जी को कोसना बंद करो. अच्छे दिन पर चुटकुला न मारो. पनरह लाख के लिए न कोसो. इन फेसबुक कमेन्ट बॉक्स के वीरों की राह पर बलिदान हो जाओ और खूब अमीर हो जाओ और जब अमीर हो जाओ तो हमको बर्फी भिजा देना.