एड-टेक कंपनी बायजू (Byju's) इन दिनों विवादों में है. 23 फरवरी को कंपनी के निवेशकों के बीच एक हाई लेवल की मीटिंग होनी थी. कुछ निवेशकों ने CEO बायजू रवींद्रन (Byju Raveendran) को हटाने की मांग उठाई थी. उसी पर मतदान होना था. खबरें उठीं कि रवींद्रन को CEO पद से हटा दिया गया है. हालांकि अब बायजू रवींद्रन ने साफ कर दिया है कि वो कंपनी के CEO के तौर पर काम करते रहेंगे.
Byju से रवींद्रन को हटा दिया गया? कंपनी के CEO ने खुद जवाब दे दिया, सच क्या निकला?
Byju Raveendran ने अपने कर्मचारियों को लिखा- 'चुनिंदा शेयरधारकों के एक छोटे ग्रुप ने दावा किया कि उन्होंने EGM में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है. ये दावा पूरी तरह से गलत है.' और क्या बताया है?


23 फरवरी को शेयरधारकों की मीटिंग (Extraordinary General Meeting EGM) में रवींद्रन को बोर्ड से बाहर करने को लेकर मतदान हुआ था. एक दिन बाद 24 फरवरी को रवींद्रन ने अपने कर्मचारियों को एक लेटर लिखकर कंपनी के CEO पद से हटाए जाने की मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया. उन्होंने बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स में मामले को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया जो कि गलत है. लिखा,
मैं आपको हमारी कंपनी के CEO के रूप में लिख रहा हूं. आपने मीडिया में जो भी पढ़ा, उसके विपरीत मैं CEO बना रहूंगा, मैनेजमेंट और बोर्ड भी वही रहेगा. मेरी बर्खास्तगी की अफवाहें गलत हैं.
रवींद्रन ने लिखा,
जिस तरह आप सभी खिलाड़ियों की सहमति के बिना खेल के नियमों को बीच में नहीं बदल सकते, उसी तरह हम इन सख्त दिशानिर्देशों का पालन किए बिना हमारी कंपनी को चलाने के तरीके में बदलाव नहीं कर सकते. असाधारण EGM में कई जरूरी नियमों का उल्लंघन किया गया. बैठक में जो भी फैसला लिया गया वो मान्य नहीं है.
उन्होंने दावा किया,
चुनिंदा शेयरधारकों के एक छोटे ग्रुप ने दावा किया कि उन्होंने EGM में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया है. ये दावा पूरी तरह से गलत है. 170 शेयरधारकों में से केवल 35 ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया. ये अपने आप में बहुत सीमित समर्थन को दर्शाता है.
बता दें कि बायजू रवीन्द्रन, उनकी पत्नी और उनके भाई अब तक कंपनी बोर्ड में केवल तीन सदस्य हैं. वो छह निवेशकों के ग्रुप द्वारा बुलाई गई EGM में शामिल नहीं हुए. इन निवेशकों के पास बायजू का संचालन करने वाली कंपनी में सामूहिक रूप से 32 फीसदी हिस्सेदारी है.
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21 फरवरी को कर्नाटक हाई कोर्ट ने कंपनी की एक याचिका के जवाब में निर्देश देते हुए कहा था कि मीटिंग में पारित किए जाने वाले किसी भी प्रस्ताव को याचिका की अंतिम सुनवाई तक अमान्य माना जाएगा. ये याचिका बायजू की पैरेंट कंपनी, थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड ने दायर की थी. इस बीच ED ने इमिग्रेशन ब्यूरो से CEO के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करने की मांग भी की है ताकि रवींद्रन बिना बताए देश छोड़कर बाहर ना जा सकें. बायजू कंपनी पर विदेशी मुद्रा उल्लंघन से जुड़े आरोप हैं.
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