हैरानी इस बात की है कि बच्चों ने खतरनाक काम किया और घरवालों ने रोका तक नहीं. ये दुखद खबर है, न कि उनपर खुश होने की. हां, देखों बच्चे कितना पसंद करते हैं अखिलेश को. अपने खून स ख़त लिख दिया. ये बिल्कुल गलत है, जिसे आगे नहीं दोहराया जाना चाहिए. किसी को चाहने के और भी तरीके होते हैं, ये नहीं कि दीवानापन दिखाने के लिए अपने आप को नुकसान पहुंचाया जाए या फिर किसी दूसरे किसी को चोट पहुंचाई जाए. पता नहीं ये सच में दीवानगी है या फिर कुछ और. क्योंकि इस तरह की ख़बरें एक समर्थन तैयार करती हैं.
क्या है कहा गया है इस ख़त में
दोनों भाई बहन सना और अज़ीम गाजियाबाद में रहते हैं. उन्होंने अखिलेश यादव के लिए अपनी दीवानगी का इज़हार किया है. ख़त में लिखा है, 'हम अपने होश-ओ-हवास में यह लेटर मुलायम सिंह यादव और चुनाव आयोग को अपने खून से लिख रहे हैं. आपसे हमारी गुजारिश है कि माननीय अखिलेश यादव को चुनाव चिन्ह साइकिल ही दिया जाए. अगर नहीं दिया तो हम दोनों बच्चे सुसाइड कर लेंगे और उसके जिम्मेदार चुनाव आयोग और मुलायम सिंह यादव होंगे. हमारे घर में हम अपनी मर्जी से अखिलेश का अपनी कविता लिखकर चुनाव प्रचार करते हैं और उनके विकास की तारीफ करते हैं, क्योंकि वह इस लायक हैं. धन्यवाद!'
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खबर है कि इस लेटर को दोनों भाई-बहन ने चुनाव आयोग के अलावा डीएम, मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव को भी भेजा है. सना आध्यात्मिक नगर इंटर कॉलेज में हाई स्कूल के एग्जाम देने की तैयारी कर रही है, जबकि अजीम मदरसे में पढ़ता है. सना की उम्र 15 साल है, और अज़ीम 10 साल का है.
इस बच्चे ने खा लिया था ज़हर
5 जनवरी को खबर आई थी कि दिल्ली में एक प्रोड्यूसर के नौ साल के लड़के ने जहर खा लिया. बताया जा रहा है कि वह बच्चा समाजवादी पार्टी में चल रहे घमासान से दुखी था. फैमिली दिल्ली के जामिया नगर में रहती है. घर वालों ने उसे हॉस्पिटल में एडमिट कराया, जहां उन्हें पता चला कि उसने चूहे मारने वाली दवाई खायी थी. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक जिसने ज़हर खाया उसका नाम मुनीर है. वह चौथी क्लास में पढ़ता है. उसके पिता अजहर दिलशाद खान प्रोड्यूसर हैं और आने वाले वक्त में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर फिल्म बनाने वाले हैं. अजहर ने बताया कि मुनीर पढ़ाई लिखाई में अच्छे होने के साथ-साथ यूपी की राजनीति पर अपनी मां से काफी बातें करता है. हालांकि बाद में ये भी खबर भी आई कि बच्चे ने धोखे से ज़हर खा लिया था.अखिलेश, हमको भी साइकल लेने के लिए बचपन में बहुत पापड़ बेलने पड़े थे
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