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अयोध्या में मस्जिद के लिए मिली जमीन पर महिला ने किया दावा, कहा- 'कागज भी हैं...'

Ayodhya के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद केस का फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए जमीन दी थी. अब इसी जमीन पर एक महिला ने दावा ठोका है, इनका क्या कहना है?

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अयोध्या में बनने वाली मस्जिद का प्रारूप | फोटो: आजतक

राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद केस में जब फैसला सुनाया गया था तो सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को भी मस्जिद निर्माण के लिए जमीन देने का आदेश दिया था. प्रशासन ने अयोध्या के ही धन्नीपुर इलाके में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को ये जमीन दी थी. लेकिन, अब मस्जिद का निर्माण शुरू होने से पहले इस जमीन पर एक महिला ने दावा ठोक दिया है. उनका कहना है कि ये जमीन इनके परिवार की है और इसलिए इसपर उन्हें कब्जा दिलाया जाए.

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दिल्ली की रहने वाली रानी पंजाबी ने न्यूज़ एजेंसी PTI से इस बारे में बात की है. उन्होंने एजेंसी को बताया कि साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में जो पांच एकड़ जमीन मुस्लिम पक्ष को मस्जिद बनाने के लिए दी है, वो उनके परिवार की 28.35 एकड़ जमीन का हिस्सा है. उन्होंने आगे कहा कि उनके पिता ज्ञान चंद पंजाबी ने देश के बंटवारे के बाद पाकिस्तान छोड़ दिया था और भारत आ गए थे. इसके बाद वो यूपी के फैजाबाद जिले (जो अब अयोध्या जिला है) में गए थे, जहां उन्हें 28.35 एकड़ जमीन अलॉट की गयी थी.  

रानी पंजाबी के मुताबिक साल 1983 तक उनके पिता ने इस जमीन पर खेती की. लेकिन, जब उनके पिता का स्वास्थ्य खराब हुआ तो परिवार उनके इलाज के लिए दिल्ली में रहने लगा. उन्होंने दावा किया कि तब से ही इस जमीन पर धीरे-धीरे अतिक्रमण किया जाने लगा. रानी का कहना है कि उन्हें मस्जिद के निर्माण से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वह चाहती हैं कि प्रशासन उनके साथ न्याय करे. रानी का कहना है कि उनके पास जमीन के मालिकाना हक़ वाले दस्तावेज हैं और अब वो इन्हें लेकर जल्द सुप्रीम कोर्ट जाएंगी.

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मस्जिद निर्माण कमेटी का क्या कहना है? 

उधर, मस्जिद को बनाने के लिए बने - इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट - के प्रमुख जुफर फारूकी ने रानी पंजाबी के दावों को गलत बताया है. उनका कहना है कि रानी के दावों को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2021 में ही ख़ारिज कर दिया था. फारूकी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं. उन्होंने जानकारी देते हुए ये भी बताया कि मस्जिद का निर्माण अक्टूबर 2024 से शुरू किया जाएगा.

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रानी पंजाबी के दावों पर मस्जिद निर्माण ट्रस्ट से जुड़े एक अन्य अधिकारी ने भी PTI को कुछ जानकारी दी है. नाम न छापने की शर्त पर इस अधिकारी ने कहा कि वो रानी पंजाबी से कई बार मिल चुके हैं और उन्हें बताया कि इस्लाम में विवादित भूमि पर मस्जिद बनाने की इजाजत नहीं है, इसलिए वो अपने दावे को लेकर ठोस सबूत दिखाएं. इस अधिकारी के मुताबिक रानी उन्हें जमीन पर मालिकाना हक वाला कोई ठोस दस्तावेज नहीं दिखा सकीं.

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