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बिहार: नकली शराब से अब तक 21 मौतें, तेजस्वी का दावा- CM नीतीश की शह पर बांटी गई

तेजस्वी यादव ने जहरीली शराब से 21 नहीं, बल्कि 50 मौतें होने का दावा भी किया है.

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(बाएं) जहरीली शराब पीने से मारे गए एक व्यक्ति के परिवार के लोग. तस्वीर तेजस्वी यादव के ट्विटर हैंडल से साभार है. (दाएं) बिहार के सीएम नीतीश कुमार. (तस्वीर- पीटीआई)
बिहार में कथित रूप से जहरीली शराब पीने से कम से कम 21 लोगों के मारे जाने और दर्जनों के बीमार पड़ने की खबर है. बिहार सरकार ने इसकी पुष्टि की है. न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक बिहार सरकार के मंत्री सुनील कुमार ने बताया है कि गोपालगंज में 11 लोग जहरीली शराब पीने की वजह से मारे गए हैं. वहीं बेतिया में 10 लोगों की मौत हुई है. कुछ देर पहले पश्चिम चंपारन के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने बेतिया में कम से कम 8 मौतें होने की पुष्टि की थी. एजेंसी को जानकारी देते हुए उन्होंने कहा,
"हमने बेतिया में 8 मौतें होने की जानकारी को वेरिफाई किया है. पहली बार में देखने पर लगता है कि ये कि मौतें जहरीली शराब के कारण हुई हैं. यहां मेडिकल टीम भी पहुंची हुई है."
वहीं इंडिया टुडे/आजतक को मिली जानकारी के मुताबिक चंपारण रेंज के डीआईजी ने बेतिया में 13 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है.

मातम में बदला त्योहार

गुरुवार 4 नवंबर को जब देशभर में दिवाली का त्योहार मनाया जा रहा था, उसी दौरान बिहार से जहरीली शराब से मौतें होने की जानकारी आने लगी थी. शुरुआती रिपोर्टों में 8-10 मौतों की जानकारी दी गई, लेकिन जल्दी ही ये आंकड़ा 20 के पार चला गया. सोशल मीडिया पर मृतकों के परिवारों के वीडियो वायरल हैं जो बताते हैं कि कैसे नकली शराब ने उनके लिए दिवाली को मातम में तब्दील कर दिया. मामले को लेकर विपक्ष पर बिहार सरकार पर हमलावर है. RJD नेता और बिहार विधानसभा में लीडर ऑफ ऑपजिशन तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कई आरोप लगाए हैं. उन्होंने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है. इसमें सीएम नीतीश कह रहे हैं,
"अब पीजिएगा तो गड़बड़ तो होगा ही. जहां भी शराब चल रहा है, वहां भी तो ये सब गड़बड़ होती रहती है. और ये करिएगा (मतलब नकली शराब पीना) तो इसी तरह से (कोई) पिला देगा. और चले जाइएगा."
सीएम नीतीश के इस बयान पर तेजस्वी यादव ने कहा है,
"शराबबंदी पर बड़बड़ करने वालों के राज में विगत 3 दिनों में ही जहरीली शराब से 50 से अधिक मौतें हो चुकी हैं. मुख्यमंत्री स्वयं, प्रशासन, माफिया और तस्कर पुलिस पर कार्रवाई की बजाय पीने वालों को कड़ा सबक सिखाने की धमकी देते रहते हैं."
एक दूसरे ट्वीट में तेजस्वी ने कहा,
"मुख्यमंत्री गड़बड़ पर जब बड़बड़ प्रवचन दे रहे हैं तो इनकी बगल में जो भाजपाई मंत्री खड़े हैं ना, उनके स्कूल के अंदर से दो ट्रक शराब बरामद हुई थी. पुलिस FIR में इसका ज़िक्र भी है. मंत्री के नामजद भाई को आज तक बिहार पुलिस गिरफ़्तार नहीं कर सकी है. ये इनकी कथित शराबबंदी की सच्चाई है."
   

तेजस्वी का बड़ा आरोप

तेजस्वी यादव गुरुवार से ही इस प्रकरण को लेकर लगातार ट्वीट कर रहे हैं. राज्य सरकार ने अब तक 21 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है, लेकिन तेजस्वी का दावा है कि नकली शराब से 50 लोगों की मौत हुई है. उनका ये भी आरोप है कि पुलिस शवों को बिना पोस्टमार्टम के जला रही है. इसके अलावा RJD नेता ने सवालिया लहजे में नीतीश सरकार को इन मौतों का जिम्मेदार ठहराया. बीते दिन किए एक ट्वीट में उन्होंने आरोप लगाया,
"उपचुनाव में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी की शह पर उनके मंत्रियों और पुलिस प्रशासन ने स्वयं मतदाताओं के बीच शराब वितरण किया. किस बात की शराबबंदी? इन मौतों का ज़िम्मेवार कौन है? बिहार में 20 हज़ार करोड़ की अवैध तस्करी और समांतर ब्लैक इकॉनमी के सरगना सामने आकर इसका जवाब दें."

सरकार क्या कह रही है?

बिहार सरकार ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. साथ ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह रही है. बिहार के खान और भूतत्व मंत्री जनक चमार ने ANI से बातचीत में कहा,
"साफ देखा जा सकता है कि नकली शराब के बहाने साजिश रची गई. ये (नकली शराब) पीने वाले गरीब लोग हैं. कब ऐक्शन लिया जाएगा, कब रेड मारी जाएंगी. कमजोर ही दबोचा जाता है. कमजोर ही मरते हैं. ये दुर्भाग्यपूर्ण है."
बिहार सरकार के एक और मंत्री और BJP नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा,
"ये एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. पूरी जांच कराई जाएगी. जो भी नकली शराब की सप्लाई के दोषी पाए जाएंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा."
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक शाहनवाज हुसैन ने साफ किया कि बिहार में शराबबंदी है और आगे भी रहेगी. और जो लोग नकली शराब और शराब तस्करी का काम रहे हैं उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.

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