भारत स्वच्छ हो जाए, इसमें कोई समस्या नहीं. एक बार पीएम ने झाड़ू लगा के बता भी दिया कि ऐसे करना है. लेकिन किसी भी सरकारी पहल के साथ एक दिक्कत होती है, ये कि वो सरकारी हो जाती है. स्वच्छ भारत अभियान के साथ भी यही हो रहा है. भारत को स्वच्छ करते हुए फोटू खिंचवा कर ऊपर भेजने के चक्कर में फर्ज़ी सफाई अभियान चलाने का मामले सामने आते रहते हैं. ताज़ा कांड किया है असम राइफल्स के कुछ जवानों और अफसरों ने. हुआ ये कि 29 सितंबर, 2017 को नागालैंड के मोकुकचुंग के एक स्कूल में 44 असम राइफल्स असम राइफल्स के कुछ जवान झाड़ू और डस्टबिन लेकर पहुंचे. प्लान था कि स्कूल के बच्चे और फौजी मिल कर सफाई करेंगे और इसका बढ़िया सा फोटू खींच लिया जाएगा. स्कूल के प्रिंसिपल ने इसकी इजाज़त भी दे दी थी. लेकिन स्कूल साफ करने से पहले जवानों ने वहां कचरा फैला दिया! अब इससे पहले कि खेला शुरू होता, कुछ जागरूक नागरिक वहां पहुंच गए और ऐतराज़ जताया. जवानों के साथ आए अफसर ने अपनी ओर से सफाई पेश की कि ऐसा तो हमने बाकी जगह भी किया है, लेकिन लोग नहीं माने. ऊपर से उन्होंने एक लोकल चैनल को बुला लिया जिसने इस पूरे ड्रामे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया. इस वीडियो में एक सज्जन असम राइफल्स के एक अफसर पर स्कूल में कचरा करने के लिए नाराज़ होते नज़र आ रहे हैंः इसके बाद जवानों के साथ आए अफसर ने अपनी गलती मान ली और बच्चों को वापस क्लास में भेज दिया गया. जवानों ने अपना फैलाया कचरा समेटा और वापस हो लिए. नागालैंड से चलने वाली एक वेबसाइट के मुताबिक ये वाकया ईडिथ डगलस स्कूल का है. ये भी दावा किया गया कि इस तरह के फर्ज़ी सफाई अभियान क्वीन मैरी हायर सेकेंडरी स्कूल, टाउन हायर सेकेंडरी स्कूल और जूबली मेमोरियल हायर सेकेंडरी स्कूल में भी हुए थे. असम राइफल्स के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल चौहान का कहना है कि मामले की खबर उन तक भी पहुंची है और उन्होंने कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का आदेश दे दिया है ताकि पता चल सके कि फोटू के चक्कर में वीडियो कैसे बन गया और इसमें किसकी गलती है. यहां एक चीज़ का ज़िक्र ज़रूरी है. अगर आप असम राइफल्स के हेडक्वार्टर, डायरेक्टर जनरल के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर जाएं तो आपको इन दिनों शेयर हुईं ऐसी दर्जनों तस्वीरें मिलेंगी जिनमें असम राइफल्स के जवान अलग-अलग जगहों पर सफाइ अभियान चलाते नज़र आ रहे हैं. अब इस तरह के वीडियो सामने आने पर लोग पूछने लगेंगे कि भैया कौन-कौनसी तस्वीरें असली हैं. तो बेहतर यही है कि कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की फाइल ज़्यादा मोटी न हो और जल्दी मालूम चले कि गलती किसकी है.
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स्वच्छ भारत की ओर फौजी भाइयों ने उठाया एक अनोखा कदम, कूड़ा फैलाया
क्योंकि भारत तभी साफ़ हो पाएगा न जब गंदा होगा.
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असम राइफल्स पिछले कुछ दिनों से लगातार स्वच्छ भारत अभियान के तहत सफाई कार्यक्रम चला रही है
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