उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के शाहगंज थाना इलाके में 13 मई की सुबह एक पत्रकार की हत्या कर दी गई. हत्या का आरोप अज्ञात बदमाशों पर लगा है. मृतक की पहचान 43 साल के आशुतोष श्रीवास्तव (Ashutosh Srivastava Jaunpur) के तौर पर हुई है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
यूपी के जौनपुर में पत्रकार की गोली मारकर हत्या, 'गोकशी' के खिलाफ खबरें लिख रहे थे
मृतक आशुतोष श्रीवास्तव सबरहद गांव के रहने वाले थे. वो 13 मई की सुबह साढ़े नौ बजे अपने घर से निकलकर इमरानगंज बाजार जा रहे थे. इसी बीच जौनपुर-शाहगंज मार्ग के पास चौराहे पर ही अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी.

न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, शाहगंज क्षेत्र के सर्किल ऑफिसर अजीत सिंह चौहान ने बताया कि आशुतोष श्रीवास्तव सबरहद गांव के रहने वाले थे. सोमवार की सुबह साढ़े नौ बजे वो अपने घर से निकलकर इमरानगंज बाजार जा रहे थे. उन्होंने बताया कि इसी बीच जौनपुर-शाहगंज मार्ग के पास चौराहे पर ही अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी. उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.
रिपोर्ट के मुताबिक, मृतक पत्रकार के घरवालों ने बताया कि आशुतोष श्रीवास्तव ने एक महीने पहले ही शाहगंज पुलिस को पत्र लिखा था. इस पत्र में उन्होंने पुलिस से उन्हें सुरक्षा देने की मांग की थी. लेकिन पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया. घटना के बाद पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शाहगंज के लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया. वे विरोध-प्रदर्शन भी कर रहे हैं.
वहीं स्थानीय पत्रकारों ने बताया कि आशुतोष श्रीवास्तव क्षेत्र में हो रही कथित गोकशी के विरोध में लगातार खबरें लिख रहे थे. उनका कहना था कि इस मामले को लेकर कई बार उन्हें गो-तस्करों से धमकी भी मिली थी. उन्होंने इसकी सूचना लिखित रूप से पुलिस अधिकारियों को भी दी थी.
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पुलिस अधीक्षक डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही हत्यारों को पकड़ लिया जाएगा.
जौनपुर पत्रकार संघ ने हत्या की निंदा करते हुए हत्यारों को जल्द-से-जल्द गिरफ्तार करने और मृतक पत्रकार के परिवार को राज्य सरकार द्वारा 50 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग की है. पत्रकार संघ ने आरोप लगाया है कि पुलिस की लापरवाही के चलते आशुतोष श्रीवास्तव की जान गई है.
वीडियो: गोकशी को लेकर अलग-अलग राज्यों में क्या कानून है











