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असदुद्दीन ओवैसी के घर पर फेंकी गई स्याही, उन्होंने सीधा अमित शाह को सुना दिया

ओवैसी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि अपने दिल्ली आवास पर हुए हमलों की संख्या अब वे भूल गए हैं. उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी सवाल किया कि सांसदों की सुरक्षा की गारंटी है या नहीं.

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ओवैसी ने दिल्ली पुलिस पर भी सवाल खड़े किए हैं. (फोटो- पीटीआई)

हैदराबाद से लोकसभा सांसद और AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया है कि उनके घर पर कुछ "अज्ञात बदमाशों" ने काली स्याही से नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें दिल्ली में अशोका रोड स्थित उनके आवास के बाहर कुछ पुलिस वाले दिखाई पड़ रहे हैं. वीडियो में दिख रहा है कि आवास के बाहर नेम प्लेट पर काली स्याही पोती गई है. पुलिस वाले स्याही मिटाते दिख रहे हैं. ओवैसी ने इस घटना को लेकर दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाए हैं.

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बीते दिनों ओवैसी ने संसद में शपथ ग्रहण के दौरान "जय फिलिस्तीन" का नारा लगाया था. इसके बाद से उनकी काफी आलोचना हो रही है. कई तबकों में उनकी सांसदी छिने जाने की मांग की जा रही है. हालांकि नारे को सदन के रिकॉर्ड से हटा दिया गया था.

27 जून की रात ओवैसी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि अपने दिल्ली आवास पर हुए हमलों की संख्या अब वे भूल गए हैं. उन्होंने लिखा है, 

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"मैंने जब दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से पूछा कि आपकी नाक के पीछे ये कैसे हो रहा है तो उन्होंने असमर्थता जाहिर कर दी. अमित शाह, ये सब आपकी नजर के सामने हो रहा है. ओम बिरला, कृपया हमें बताएं कि सांसदों की सुरक्षा की गारंटी है या नहीं."

ओवैसी ने इसी पोस्ट में आगे लिखा है, 

"मेरे घर को निशाना वाले इन दो कौड़ी के गुंडों को कहना चाहता हूं कि इनसे मैं नहीं डरता हूं. सावरकर टाइप इस कायर हरकतों को छोड़ो और मर्द बनकर मेरा सामना करो. स्याही और कुछ पत्थर से हमले करके मत भागो."

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ये पहली बार नहीं है जब ओवैसी के घर को निशाना बनाया गया हो. पिछले साल अगस्त में भी उनके इसी घर पर पत्थर फेंके गए थे. ओवैसी ने आरोप लगाया था कि पत्थर से घर की खिड़कियों के कांच टूट गए थे. उन्होंने संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी. तब उन्होंने ये भी आरोप लगाया था कि 2014 के बाद से ये चौथी घटना है.

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25 जून को लोकसभा में सांसद के रूप में शपथ लेने के बाद ओवैसी ने "जय भीम, जय मीम, जय तेलंगाना, जय फलस्तीन, तकबीर...अल्लाह हू अकबर" के नारे लगाए थे. भाजपा सांसदों ने नारेबाजी के खिलाफ हंगामा कर दिया था. तब, स्पीकर की कुर्सी पर बैठे राधामोहन सिंह ने सांसदों को भरोसा दिलाया दिया कि शपथ के अलावा सबकुछ रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा. बाद में जिन भी सांसदों ने शपथ के अलावा किसी तरह की नारेबाजी की, उसे रिकॉर्ड से हटाया गया.

केंद्रीय मंत्री शोभा करांदलाजे ने स्पीकर और अमित शाह को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी. वहीं, बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर लिखा कि असदुद्दीन ओवैसी को दूसरे देश के प्रति निष्ठा जताने के लिए लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जा सकता है. उन्होंने इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 102-डी का हवाला दिया था.

हालांकि, संसद के बाहर मीडिया के पूछे जाने पर ओवैसी ने सफाई दी कि उन्होंने इसलिए “जय फिलिस्तीन” का नारा लगाया क्योंकि वहां के लोग उत्पीड़ित हैं.

वीडियो: ओवैसी के 'जय फिलिस्तीन' के नारे पर सपा सांसद इकरा चौधरी ने क्या प्रतिक्रिया दी?

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