10 करोड़ कस्टमर बनाने का है टारगेट
मुकेश अंबानी ने बयान जारी करके कहा, 'सारे इंडिया से जियो के वेलकम में लोगों का ये शानदार रिस्पॉन्स देखकर हम खुश हैं. जियो को हर इंडियन को डाटा का पावर देने के लिए बनाया गया है. हम खुश हैं कि लोगों ने जियो को अपनाया है और इसकी सर्विसेज का पूरा फायदा उठा रहे हैं. हम हर दिन इसे और इंप्रूव करने की कोशिश करते हैं.' रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 42वीं जनरल मीटिंग में बोलते हुए मुकेश अंबानी ने कहा, हमारा 10 करोड़ कस्टमर बनाने का टारगेट होगा. कम से कम वक्त में और ये एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाएगा. अभी रिलांयस जियो 250 GB डाटा को हर महीने ट्रांसफर कर सकता है.बहुत आसानी से मिल जाएगा जियो सिम, बस आधार कार्ड बनवाए रहो
जियो ने 'आधार कार्ड' के इस्तेमाल से 3100 शहरों और कस्बों में पेपरलेस सिम देने का फैसला किया है. ये प्रॉसेस मिनटों में सिम एक्टिवेट करने में भी मदद करेगा. अगले कुछ ही हफ्तों में ये तरीका पूरे देश में अपनाया जाएगा. जियो, जिसकी देश में एंट्री ने ही दुनिया के दूसरे सबसे बड़े टेलिकॉम मार्केट इंडिया में टैरिफ वॉर की शुरुआत कर दी थी. इसको टेस्ट फेज में ही 15 लाख लोगों ने अपना लिया था.15 साल में बनने वाले कस्टमर 15 हफ्ते में बना के दे सकता है जियो
खासकर एयरटेल और वोडाफोन को जियो से कड़ी टक्कर मिल रही है. इसने उतरते ही ऐलान किया था कि 5 सितंबर से अगले 4 महीने तक जियो फ्री में सारी सर्विसेज देगा. जिसके बाद उसने 10 तरह से टैरिफ प्लान शुरू करने वाला था. जिसमें सबसे छोटा प्लान 19 रुपये का, महीने भर का सबसे छोटा प्लान 149 रुपये का और सबसे बड़ा प्लान 4999 रुपये का होगा. वैसे अगस्त के आंकड़ों के हिसाब से एयरटेल के भारत में 25 करोड़ 75 लाख कस्टमर हैं. जबकि एयरटेल ने जुलाई में 1.07 कस्टमर जोड़े थे. वोडाफोन के 20 करोड़ कस्टमर हैं. आइडिया के 17.7 करोड़. एयरसेल के 8.9 करोड़. टेलिनॉर के 5.3 करोड़. MTNL के 36 लाख. भारती एयरटेल के 3G और 4G यूज करने वाले कुल मिलाकर 3.5 करोड़ कस्टमर हैं. वोडाफोन के ऐसे 2.5 करोड़ यूजर्स हैं. इतने कस्टमर पाने में इन कंपनियों को 15 साल लगे हैं. जबकि जियो ने 1.6 करोड़ ब्रॉडबैंड यूजर एक महीने में ही से भी कम समय में बना लिए हैं. आसार हैं कि अक्टूबर के अंत तक जियो एयरटेल को पछाड़ देगा. यानी मार्केट में जियो इस मामले में सबसे आगे होगा.पर अभी भी कॉलड्रॉप और कनेक्टिविटी की प्रॉब्लम बनी हुई है
हालांकि जियो के नेटवर्क में कनेक्टिविटी की बहुत प्रॉब्लम हो रही है. कॉल ड्रॉप की भी बहुत समस्या आ रही है. 23 सितंबर को रिलायंस ने एक स्टेटमेंट जारी किया था जिसमें जियो ने कहा था कि 12 करोड़ कॉल रोज फेल हो रही हैं. ज्यादातर कॉल ऐसी हैं जो एअरटेल, वोडाफोन और आइडिया या दूसरे नेटवर्क पर की गई हैं.ये भी पढ़ें -











