एक्चुअली में देखा जाए तो बड़े दुख की बात है जो कुछ हुआ. आज सुबह ही मैं अखबार पढ़ रहा था. एक सोल्जर के बारे में पढ़ रहा था कि कैसे उसने एक आतंकवादी को निहत्थे ही पकड़ा. उसकी AK-47 ले के उसी पर वार करके उसे मारा. लेकिन पीछे से एक और आतंकवादी ने उसे गोली मार दी. ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतनी जानें चली जाती हैं. देखिए मैं रियल हीरो तो हूं नहीं. मैं एक रील हीरो हूं. अपनी तरफ से जितनी भी कोशिश कर सकता हूं 'बेबी' जैसी फिल्म, 'हॉलिडे' जैसी फिल्म, 'गब्बर' जैसी फिल्म. मैं दिखाना चाहता हूं कि हमारी जो फौज है. हमारे जो लोग हैं वो हमारे लिये जान दे देते हैं और उनके परिवार के साथ क्या होता है. तो इसका कोई फिक्स्ड फॉर्मूला नहीं है. इसका एक ही फॉर्मूला हो सकता है कि भय्या अंदर घुस कर मारो. और कुछ नही.
पर इसका ये मतलब नहीं कि अक्षय शोर मचाने वाले उन लोगों की तरह हैं. जो बस मौके पर मारो-काटो चिल्लाना जानते हैं. जब उनसे ये पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री को इस अटैक के बाद पाकिस्तान से बात बंद कर देनी चाहिए? तो उनका जवाब था.
Source- Youtube screengrab
पठानकोट हमले पर बोले अक्षय कुमार, अंदर घुस के मारो
देखिए मैं रियल हीरो तो हूं नहीं रील हीरो हूं. अपनी तरफ से जितनी भी कोशिश कर सकता हूं करता हूं.
Advertisement

Source- Youtube screengrab
फिल्म वाले जब देश के मामलों में बोलते हैं तो अक्सर बवाल ही कटता है. अक्षय कुमार भी बोले हैं लेकिन लोग उन्हें सराह रहे हैं. पठानकोट में जो टेररिस्ट अटैक हुआ है उस पर अक्षय कुमार बोले कि पाकिस्तान की तरफ से टेररिस्ट अटैक रोकने का एक ही तरीका है इन्हें अंदर घुस के मारो.
Advertisement











