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'मुझे टोटी चोर कहें तो कहने दो...', अखिलेश यादव ने सपा नेताओं को क्या समझाया?

2027 यूपी चुनाव से पहले Akhilesh Yadav ने सपा के प्रवक्ताओं और पैनलिस्टों के साथ करीब दो घंटे बैठक की. TV डिबेट में भाषा की मर्यादा, उकसावे से बचने, डेटा के साथ जवाब देने, AI-generated वीडियो से दूरी और कांग्रेस गठबंधन पर सवालों के जवाब को लेकर निर्देश दिए गए.

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अखिलेश यादव ने सपा प्रवक्ताओं को कई अहम टिप्स दिए हैं (COURTSEY- India Today)

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  • उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने 26 सितंबर को प्रवक्ताओं और पैनलिस्टों की बैठक कर चुनावी रणनीति और संवाद कौशल पर चर्चा की।
  • बैठक की पृष्ठभूमि में विपक्षी दलों की तैयारियों और राजनीतिक विपक्ष के बढ़ते दबाव के कारण सपा ने अपनी रणनीतियों को मजबूत करने की आवश्यकता को महसूस किया।
  • आगे सपा प्रवक्ताओं को शालीनता बनाए रखने, AI जेनरेटेड वीडियो से बचने और सामाजिक न्याय पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे चुनावी संवाद में सुधार हो सके।

उत्तर प्रदेश में 2027 में चुनाव होने हैं. इस बीच विपक्ष की समाजवादी पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. 26 सितंबर को अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं और पैनलिस्टों के साथ बैठक की. ये मीटिंग करीब दो घंटे तक चली. इस मीटिंग में विशेषज्ञ के तौर पर न्यूज एंकर रहीं रितुल जोशी को बुलाया गया था. रितुल जोशी ने वहां मौजूद नेताओं को बताया कि न्यूज चैनलों के डिबेट में अपनी बात कैसे रखें? बाइट देते समय किन बातों का खयाल रखें? 

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उन्होंने ये भी बताया कि पत्रकारों से ‘ऑफ द रिकार्ड’ बात करते समय क्या करें और न करें? इसके अलावा सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी तमाम प्रवक्ताओं को चुनावी टिप्स दिए. उन्होंने प्रवक्ताओं और पैनलिस्टों से अपनी बात शालीनता से रखने को कहा. उन्होंने यह भी कहा कि ‘अगर मुझे कोई टोंटी चोर भी कहता है तो आप गाली गलौज न करें.’ 

उकसावे में न आने की सलाह

अखिलेश यादव ने मीटिंग में बताया कि बीजेपी वालों ने उनकी बेटी पर भी आपत्तिजनक वीडियो बनाए और टिप्पणी की. इस पर भी उन्होंने धैर्य बनाए रखने को कहा. पूर्व सीएम ने सलाह दी कि प्रवक्ताओं और पैनलिस्टों को किसी पत्रकार के उकसावे में नहीं आना है. अखिलेश यादव ने उन्हें पूरी तरह से सामाजिक न्याय, आरक्षण और संविधान बचाने पर फोकस करने को कहा. 

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आगे उन्होंने कहा कि कोई भी सवाल आए तो डेटा के साथ सवालों के जवाब दें. साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी कानून व्यवस्था पर हमेशा बात करती है. अगर इस मुद्दे पर बात हो तो आप सब 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव की सरकार में हुए कामकाज को बताएं.

AI जेनरेटेड वीडियो से बचने की सलाह

अखिलेश यादव ने अपने प्रवक्ताओं और पैनलिस्टों से AI जेनरेटेड वीडियोज से बचने को कहा. उन्होंने कहा कि सपा के लोग न तो AI जेनरेटेड वीडियो बनाएं और न ही उन पर कोई टिप्पणी करें. इसके अलावा उन्होंने न्यूज चैनलों के डिबेट दिखाकर नेताओं को समझाया. मीटिंग में तीन डिबेट दिखाए गए और बताया गया कि कैसे एंकरों के उकसावे पर लोग फंसते हैं. वीडियो दिखाकर ऐसे मौकों पर बचने की सलाह दी गई. 

(यह भी पढ़ें: 'अखिलेश रायबरेली जाएंगे तो हम कन्नौज जाएंगे', चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस में जुबानी जंग)

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उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन था, है और रहेगा. उन्होंने कहा कि इसी गठबंधन से हमने 2024 में बीजेपी को हराया और 2027 में भी हराएंगे. अखिलेश यादव ने कहा कि अगर कांग्रेस से सीटों के बंटवारे पर सवाल हो तो कहना है कि ये फैसला केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा. अखिलेश ने ओवैसी से जुड़े सवालों पर भी नसीहत दी. उन्होंने कहा कि ओवैसी के मुद्दे पर क्लियर जवाब न दें. कुल मिलाकर ये बैठक करीब दो घंटे तक चली. इस बैठक अखिलेश यादव ने प्रेजेंटेशन के साथ प्रवक्ताओं और पैनलिस्टों को 2027 के चुनावों से जुड़े कई टिप्स दिए.

वीडियो: राजधानी: ओवैसी की डेडलाइन पर अखिलेश यादव ने क्या कहा?

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