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जम्मू-कश्मीर पुलिस के साइबर सेल प्रमुख को सात साल पुराना ट्वीट क्यों डिलीट करना पड़ा?

कुछ लोगों ने इस ट्वीट के लिए उनकी गिरफ्तारी तक की मांग कर दी.

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जम्मू-कश्मीर साइबर सेल के प्रमुख ताहिर अशरफ को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया. (फोटो-ट्विटर)
ताहिर अशरफ. जम्मू-कश्मीर पुलिस में साइबर सेल के प्रमुख हैं. 2013 में किए गए एक ट्वीट को उन्हें 2020 में डिलीट करना पड़ा. ये सब तब हुआ जब पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट के लिए फोटो जर्नलिस्ट से पूछताछ की थी. उसके कुछ घंटे बाद ही अशरफ को उनके पुराने ट्वीट के लिए ट्रोल किया जाने लगा. बाद में उन्हें अपना ट्वीट हटाना पड़ा.

क्या था ट्वीट में?

ताहिर अशरफ ने 2002 के गुजरात दंगों पर पीएम नरेंद्र मोदी के एक इंटरव्‍यू का हवाला दिया था. इसमें गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कहा था कि एक पिल्ला भी कार के नीचे आता है तो उन्‍हें दु:ख होता है. इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अशरफ ने ट्वीट किया था,
2002 के दंगों पर नरेंद्र मोदी की पिल्ला वाली तुलना उनके वास्तविक चरित्र परपीड़ाअभिलाषी को दर्शाता है.
ताहिर अशरफ के 2013 में किए गए ट्वीट का स्क्रीन शॉर्ट. ताहिर अशरफ के 2013 में किए गए ट्वीट का स्क्रीन शॉर्ट.

यह ट्वीट तब चर्चा में आया, जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फोटो जर्नलिस्ट मसरत जेहरा के खिलाफ FIR की. UAPA कानून के तहत. उन पर 'देश विरोधी' गतिविधियों वाली तस्वीरें पोस्ट करने का आरोप लगाया गया. बता दें कि UAPA कानून का इस्तेमाल आतंकवादियों और ऐसे लोगों के खिलाफ किया जाता है, जिनसे देश की अखंडता और संप्रभुता को खतरा हो.
21 अप्रैल को मसरत को साइबर सेल ने पूछताछ के लिए बुलाया था. यह सेल अशरफ को रिपोर्ट करता है. इसके बाद लोगों ने ताहिर अशरफ के पुराने ट्वीट के लिए उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की.
MUSAIB BIN UMEYR नाम के यूजर ने लिखा,
ताहिर अशरफ खुद को गिरफ्तार करो. आपका ट्वीट राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए खतरा है. AngryKangri ने लिखा,
मुझे लगता है कि साइबर पुलिस को ताहिर अशरफ को गिरफ्तार करना चाहिए. कृपया सोशल मीडिया को साफ करने में मदद कीजिए. महिला पत्रकार के  खिलाफ केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने पत्रकार और लेखक गौहर गिलानी के खिलाफ भी केस दर्ज किया है. आरोप है कि गौहर गिलानी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ग़ैरकानूनी गतिविधियों में भी शामिल हैं, जो कि देश की एकता के लिए ख़तरा है.


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