क्या था ट्वीट में?
ताहिर अशरफ ने 2002 के गुजरात दंगों पर पीएम नरेंद्र मोदी के एक इंटरव्यू का हवाला दिया था. इसमें गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने कहा था कि एक पिल्ला भी कार के नीचे आता है तो उन्हें दु:ख होता है. इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अशरफ ने ट्वीट किया था,2002 के दंगों पर नरेंद्र मोदी की पिल्ला वाली तुलना उनके वास्तविक चरित्र परपीड़ाअभिलाषी को दर्शाता है.
ताहिर अशरफ के 2013 में किए गए ट्वीट का स्क्रीन शॉर्ट.यह ट्वीट तब चर्चा में आया, जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फोटो जर्नलिस्ट मसरत जेहरा के खिलाफ FIR की. UAPA कानून के तहत. उन पर 'देश विरोधी' गतिविधियों वाली तस्वीरें पोस्ट करने का आरोप लगाया गया. बता दें कि UAPA कानून का इस्तेमाल आतंकवादियों और ऐसे लोगों के खिलाफ किया जाता है, जिनसे देश की अखंडता और संप्रभुता को खतरा हो.
21 अप्रैल को मसरत को साइबर सेल ने पूछताछ के लिए बुलाया था. यह सेल अशरफ को रिपोर्ट करता है. इसके बाद लोगों ने ताहिर अशरफ के पुराने ट्वीट के लिए उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की.
MUSAIB BIN UMEYR नाम के यूजर ने लिखा,
ताहिर अशरफ खुद को गिरफ्तार करो. आपका ट्वीट राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए खतरा है.
मुझे लगता है कि साइबर पुलिस को ताहिर अशरफ को गिरफ्तार करना चाहिए. कृपया सोशल मीडिया को साफ करने में मदद कीजिए.
Video: तबलीगी जमात में इंडोनेशिया के लोगों को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने छिपाया था?














