अडानी समूह (Adani Group) के खिलाफ अमेरिका में जांच शुरू होने वाले दावे पर कंपनी ने सफाई दी है. अमेरिकी मीडिया संस्थान ब्लूमबर्ग ने कुछ अधिकारियों के हवाले से दावा किया था कि अडानी समूह पर अमेरिका में न्यायिक जांच शुरू हो रही है. दावा ये भी किया गया कि ये जांच धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर हो रही है.
Adani पर अमेरिका में रिश्वतखोरी का आरोप, जांच के दावे पर कंपनी ने अब क्या बताया?
Adani Group की कंपनी या Gautam Adani या फिर उनकी कंपनी से जुड़े बाकी लोग, भारत में एक एनर्जी प्रोजेक्ट को पाने के लिए रिश्वत देने में तो नहीं शामिल थे. ऐसी जांच चलने का दावा मीडिया रिपोर्ट्स में किया गया है. अडानी ग्रुप का अब इस पर बयान आया है. लेकिन सवाल कि अमेरिका में ये जांच क्यों हो रही है?


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अडानी समूह ने अमेरिका में जांच शुरू होने वाले दावे पर कहा,
'हमें अभी तक अमेरिका के न्यायिक विभाग से घूसखोरी के आरोपों पर जांच को लेकर किसी भी तरह का नोटिस नहीं मिला है. पिछले हफ्ते ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में लोगों से कहा था कि अमेरिकी अधिवक्ताओं ने अडानी समूह के खिलाफ जांच तेज कर दी है. उनका कहना था कि अमेरिकी वकील अडानी समूह के रिश्वतखोरी में लिप्त होने वाले मामले की जांच कर रहे हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अडानी समूह के फाउंडर गौतम अडानी के खिलाफ भी जांच की जा रही है.'
रिपोर्ट सामने आने के बाद भी अडानी समूह ने ऐसी किसी जांच बारे में पता ना होने की बात कही थी.
'रिश्वतखोरी' का ये मामला आखिर है क्या?अमेरिकी मीडिया संस्थान ब्लूमबर्ग ने 15 मार्च को एक रिपोर्ट छापी थी. रिपोर्ट के मुताबिक मामला एनर्जी प्रोजेक्ट से जुड़ा है. बताया गया था कि जांचकर्ता इस बात का पता लगा रहे हैं कि क्या अडानी समूह, गौतम अडानी या इससे जुड़े लोगों ने भारतीय अधिकारियों को एक एनर्जी प्रोजेक्ट में मन मुताबिक काम करवाने के लिए घूस दी थी?
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जांच में रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी - एज्यूर पावर ग्लोबल - के शामिल होने की बात भी सामने आई थी. दावा किया गया था कि न्यूयॉर्क के पूर्वी डिस्ट्रिक्ट का अटॉर्नी ऑफिस और वाशिंगटन के न्याय विभाग की फ्रॉड यूनिट मामले की जांच कर रही है. हालांकि इस मामले पर ब्रुकलिन और वाशिंगटन के न्याय विभाग के अधिकारियों ने किसी भी तरह से टिप्पणी करने से मना कर दिया था.
बता दें कि बीते साल अमेरिका की एक शॉर्ट सेलिंग कंपनी 'हिंडनबर्ग रिसर्च' ने अडानी समूह के खिलाफ एक रिसर्च पेपर जारी किया था. जिसके बाद अडानी समूह को काफी नुकसान झेलना पड़ा था. हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडानी समूह पर अपने स्टॉक्स के प्राइस के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था. हालांकि अडानी समूह ने हिंडनबर्ग की इस रिपोर्ट का सिरे से खारिज कर दिया था.
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