सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर संजय सिंह. (बाएं) दूसरी ओर अखिलेश यादव की फाइल फोटो.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन होने की अटकलें तेज होने लगी हैं. AAP और सपा खुद इसके संकेत दे रही हैं. AAP के सांसद संजय सिंह ने बुधवार, 24 नवंबर को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत चली. इससे पहले सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर संजय सिंह ने उनसे मुलाकात की थी और बर्थडे विश किया था. अब अखिलेश से मुलाकात के बाद इस बात की चर्चा शुरूहो गई है कि क्या समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी गठबंधन की तैयारी कर रहे हैं.
क्या कह रहे हैं संजय सिंह?
संजय सिंह आम आदमी पार्टी के सांसद होने के साथ-साथ पार्टी के यूपी प्रभारी भी हैं. यूपी चुनाव से पहले उनके और अखिलेश यादव के बीच हुई ये तीसरी मुलाकात थी. चुनाव में दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन होने की अटकलों पर संजय सिंह ने आजतक से बातचीत की. उन्होंने कहा,
गठबंधन पर आज बातचीत शुरू हुई है. उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के कुशासन को हटाना हमारी प्राथमिकता है. इसी दिशा में बातचीत की शुरुआत हुई है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तमाम दलों से बातचीत कर रहे हैं. ये उस दिशा में बढ़ता हुआ कदम है. विपक्ष की जो पार्टियां हैं, उनकी प्राथमिकता यही होनी चाहिए. एक ऐसा कुशासन जिसमें हर आदमी परेशान है, उसे कैसे हटाया जाए.
एक सवाल के जवाब में संजय सिंह ने कहा,
गठबंधन पर जब अंतिम निर्णय हो जाएगा तो जरूर बताएंगे, लेकिन मैं ये कह सकता हूं कि इस दिशा में बातचीत की शुरुआत हुई है. 300 यूनिट फ्री बिजली पर अखिलेश सहमत थे. किसानों और नौजवानों के मुद्दे पर सहमति बनी, ऐसे तमाम मुद्दों पर बातचीत हुई.
वहीं सीटों के बंटवारे को लेकर संजय सिंह ने कहा,
राजनीति में अंतिम फैसले तक इंतजार करना सही होता है. हमें इस मामले में और इंतजार करने की जरूरत है कि किसी नतीजे तक पहुंचने से पहले बातचीत की शुरुआत हुई है. इस दिशा में जल्दी फैसला हो जाएगा. सीटों को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई. सार्थक शुरुआत हुई है बातचीत की. आगे जो भी होगा जरूर बताएंगे.
संजय सिंह ने अपनी बातों से ये तो साफ कर दिया है कि AAP और सपा गठबंधन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, केवल अंतिम फैसला होना बाकी है. हालांकि जैसा संजय सिंह ने ही कहा, राजनीति में अंतिम फैसले तक इंतजार करना सही होता है. तो इंतजार रहेगा कि ये गठबंधन वाकई में होता है या कोई ऐन वक्त पर भांजी मार देता है. वैसे इससे पहले आम आदमी पार्टी ने अकेले दम पर यूपी चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. पार्टी के यूपी प्रभारी संजय सिंह ने ही कहा था कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. पार्टी ने अपने संभावित उम्मीदवारों की एक सूची भी जारी की थी. लेकिन अगर सपा से AAP का गठबंधन हुआ तो देखना दिलचस्प होगा कि संजय सिंह अपने पुराने ऐलान और संभावित सूची को लेकर क्या दलील देंगे.
अन्य दलों को साथ लाने की कोशिश में सपा
दूसरी ओर समाजवादी पार्टी आगामी चुनाव के लिए और दलों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है. खबर है कि अपना दल की अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने भी अखिलेश यादव से मुलाकात की है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा,
मैंने अखिलेश यादव से बातचीत की. हमारी पार्टी सपा के साथ गठबंधन में 2022 का चुनाव लड़ने जा रही है.
इससे पहले सपा का ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और जयंत चौधरी की आरएलडी के साथ गठबंधन फाइनल हो चुका है. 2019 के लोकसभा चुनाव में दो धुर विरोधी पार्टियों सपा और बसपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था. लेकिन इसका कोई खास फायदा सपा को नहीं मिला. उससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था, लेकिन नतीजे निराश करने वाले रहे. बड़ी पार्टियों के साथ गठबंधन का प्रयोग सफल नहीं रहने के बाद अखिलेश यादव ने कहा था कि वो 2022 के विधानसभा चुनाव में छोड़ी पार्टियों के साथ गठबंधन करेंगे. उसी दिशा में वो आरएलडी, सुहलदेव पार्टी, अपना दल, आम आदमी पार्टी और अन्य दलों से गठबंधन कर रहे हैं.