पहला लेटर है गाजियाबाद से मधुबन सिनेमा वाले का. ये लिखते हैं "हमारा सिनेमा बंद होने वाला था. दंगल आई तो हिम्मत करके डिजिटल करा लिया. अभी तक ये हाल था कि 8-10 हजार की कमाई होती थी. इस बार पौने दो लाख कमाए. आप ऐसी फिल्में बनाते रहें कि सिंगल स्क्रीन वालों की रोजी रोटी भी चलती रहे. आपने वो फिल्म बनाई है जिसे घर के बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक एक साथ बैठकर देख सकते हैं." छत्तीसगढ़ के रायगढ़, सिटी सिनेमा से मोहसिन ने लिखा है कि "एक साल से हमारा सिनेमा घाटे में जा रहा था. बंद करने वाले थे. फिर दंगल आई और लोग परिवार समेत इसको देखने आए. मरते हुए धंधे को जिंदगी मिल गई. मंदी और नोटबंदी के बाद चार पैसे का जुगाड़ हो गया. दंगल की पूरी टीम को धन्यवाद." आमिर की तरफ से सोर्सेज ने बताया कि चिट्ठियां उनको मिल गई हैं. उनको बहुत खुशी हुई. वो तो वैसे भी सोशल मसाले वाली फिल्में बनाती हैं. अगर फिल्म नहीं देखे हो तो देख आओ. कम से कम अपनी लिस्ट बढ़ाने के लिए ही. ट्रेलर यहां देख लो. https://www.youtube.com/watch?v=x_7YlGv9u1g ये भी पढ़ें: 'दंगल' बनाने वालों ने आंखें जूम करके 400 करोड़ पर टिका ली हैं इस हिसाब से 'सुल्तान' से बहुत आगे निकल जाएगी 'दंगल'










