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राष्ट्रपति का रोल करते-करते सच में राष्ट्रपति बन गया

एक कॉमेडियन के राष्ट्रपति बनने की कहानी बड़ी दिलचस्प है.

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सर्वेंट ऑफ द पीपल के सीन में यूक्रेन के नए राष्ट्रपति वोलोदमीर जेलेंस्की. फोटो. रॉयटर्स.
मान लो कपिल शर्मा भारत के प्रधानमंत्री बन जाएं! यकीन करना थोड़ा मुश्किल है. पर सच यही है. रूस के पड़ोसी मुल्क यूक्रेन में कुछ ऐसा ही हुआ है. एक स्टैंडअप कॉमेडियन वोलोदमीर जेलेंस्की को यूक्रेन का राष्ट्रपति चुन लिया गया है. 41 साल के हास्य अभिनेता वोलोदिमीर ने 73 फीसदी से ज्यादा वोट पाकर जीत हासिल की. उन्होंने मौजूदा राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको को हराया. खास बात ये है कि जेलेंस्की के पास कोई राजनीतिक अनुभव नहीं है. अब उनकी जीत की दुनिया भर में चर्चा हो रही है.
मौजूदा प्रेसिडेंट पोरोशेंको को महज 24.4 फीसद वोट मिले. यूक्रेन के इतिहास में ये एक ऐसा चुनाव था, जो मजाकिया तौर पर शुरू हुआ था. कॉमेडियन जेलेंस्की ने मजाक-मजाक में लोगों को अपने साथ जोड़ना शुरू किया. और आखिर में वो देश की सबसे ताकतवर कुर्सी तक पहुंचने में कामयाब हो गए.
सर्वेंट ऑफ द पीपल के सीन में यूक्रेन के नए राष्ट्रपति वोलोदमीर जेलेंस्की. फोटो स्क्रीनशॉट.
सर्वेंट ऑफ द पीपल के सीन में यूक्रेन के नए राष्ट्रपति वोलोदमीर जेलेंस्की. संसद के अंदर गोली चलाता उनका किरदार. फोटो स्क्रीनशॉट.

कौन हैं वोलोदमीर जेलेंस्की? जेलेंस्की का जन्म मंगोलिया में हुआ था. मगर उनका परिवार यूक्रेन में आकर बस गया. जेलेंस्की ने करियर की शुरुआत पहले एक एडवोकेट के तौर पर की. फिर उनकी दिलचस्पी एक्टिंग की तरफ हो गई. साल 2015 में उनका एक टीवी सीरियल 'सर्वेंट ऑफ द पीपल' यानी जनता का सेवक ऑन एयर हुआ. देखते-देखते ये शो यूक्रेन का पॉपुलर टीवी शो बन गया. यह टीवी शो एक राजनीतिक व्यंग्य था. इसमें जेलेंस्की ने इतिहास के एक ऐसे टीचर का रोल किया था, जिसके एक भाषण का वीडियो वायरल हो जाता है. फिर यूक्रेन की जनता उसे देश का राष्ट्रपति चुन लेती है. इतिहास के टीचर का ये भाषण भ्रष्टाचार के विरोध में होता है. इस सीरियल में एक सीन में जेलेंस्की का किरदार संसद के अंदर सांसदों पर गोली बरसाता है.
ये शो इतना लोकप्रिय हुआ कि देश के लोग उस इतिहास के टीचर जैसा ही राष्ट्रपति चाहने लगे. और इसी के साथ जेलेंस्की की लोकप्रियता बढ़ती गई. साल 2019 के चुनाव में देश के लोगों ने उनको चुनाव लड़ने के लिए प्रेरित किया. और आखिर में उन्हें भारी मतों से चुनाव में जीत दिलाकर राष्ट्रपति के तौर पर चुन लिया. जेलेंस्की को यूरोप समेत दुनिया भर से बधाई मिल रही है. जानिए क्यों जीत हुई कॉमेडियन की? 1-साढ़े 4 करोड़ की आबादी वाले यूक्रेन में गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर है. 2-मौजूदा राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको 2013 में बड़ी उम्मीदों के साथ सत्ता में आए थे. मगर उनसे लोग बुरी तरह निराश हो गए. 3-पेट्रो पोरोशेंको ने वादा किया था कि सत्ता में आने पर रूस से युद्ध खत्म होगा. देश के ताकतवर कुलीन वर्ग पर लगाम लगाएंगे. भ्रष्टाचार खत्म करेंगे. पर हालात और बिगड़ गए. 4-कॉमेडियन वोलोदिमीर जेलेंस्की के सीरियल में एक अध्यापक अपनी ईमानदारी के चलते देश का राष्ट्रपति बन जाता है. ये लोगों को बेहद पसंद आया. 5-एक सर्वे के मुताबिक 54 फीसदी जेलेंस्की के साथ इसलिए थे. क्योंकि वो राजनीतिक बैकग्राउंड से नहीं थे. लोग मानते थे कि वे भ्रष्टाचार नहीं करेंगे. छह फीसदी लोग उनके टीवी सीरियल के किरदार से प्रभावित थे.
राष्ट्रपति तो बन गए अब किन चुनौतियों से जूझना होगा? 1-यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में रूस समर्थक अलगाववादी सक्रिय हैं. यहां रूसी लड़ाकों का दबदबा है. 2-सामाजिक अन्याय, भ्रष्टाचार और आर्थिक समस्याएं गंभीर हैं. लोग भ्रष्टाचार से निजात पाना चाहते हैं. 3-रूस और यूक्रेन के बीच क्रीमिया को लेकर तनाव चलता आ रहा है. साल 2003 के एक समझौते के मुताबिक दोनो देशों के बीच कर्च जलमार्ग और ओजोव सागर के बीच जल सीमाएं बंटी हुई हैं. पर टकराव चलता रहता है.
जीत के बाद क्या कहा जेलेंस्की ने? चुनाव के बाद जेलेंस्की ने कहा कि,
'मैं आपको कभी शर्मिंदा नहीं होने दूंगा. मैं सोवियत काल के बाद के सभी देशों से कह सकता हूं कि हमें देखिए, हर चीज संभव है.'
रूस और यूक्रेन के बीच काफी वक्त से तनाव है. ये बीते दिनों और भी बुरी हालत में पहुंच गया. माना जा रहा है कि जेलेंस्की ने ये बयान पड़ोसी मुल्क रूस को ध्यान में रखकर दिया है. रूस में बीते 20 साल से ब्लादिमीर पुतिन ही घूम-फिरकर सत्ता में हैं.


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