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खुदकुशी से पहले अपनी छत पर परेशान बैठे थे जेट एयरवेज के कर्मचारी शैलेष सिंह

सैलरी रुकने के बाद कर्मचारियों के मेडिक्लेम पर भी आफत आने वाली है.

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जेट एयरवेज़ के 43 साल के टेक्नीशियन शैलेष सिंह ने छत से कूद कर जान दे दी.
जेट एयरवेज की फ्लाइट्स बंद होने से कंपनी के 20 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की स्थिति दयनीय बनी हुई है. कर्मचारी लगातार अलग-अलग जगहों पर अपनी मांगों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें बचा लिया जाए. इसी बीच मुंबई से एक खबर आई कि जेट एयरवेज़ के 43 वर्षीय कर्मचारी ने आत्महत्या कर ली. रिपोर्ट्स के मुताबिक वो जेट एयरवेज़ बंद होने और कई महीने से सैलरी नहीं आने की वजह से डिप्रेशन में थे. इसी वजह से उन्होंने महाराष्ट्र के नालासोपारा में अपनी छत से कूद कर जान दे दी.
शैलेष सिंह जेट एयरवेज़ में टेक्नीशियन थे और कैंसर से भी पीड़ित थे. जेट एयरवेज स्टाफ एंड एंप्लॉयज़ एसोसिएशन के मुताबिक वो आर्थिक दिक्कतों का तो सामना कर ही रहे थे, साथ ही साथ उनकी कीमोथेरेपी भी चल रही थी.
पुलिस के मुताबिक ये भी मुमकिन है कि वो बीमारी की वजह से डिप्रेशन से गुज़र रहे थे इसीलिए उन्होंने आत्महत्या कर ली. लेकिन एसोसिएशन के मुताबिक पैसों की कमी की वजह से ही उन्होंने आत्महत्या की है. जेट एयरवेज के बंद होने के बाद ये किसी भी कर्मचारी की आत्महत्या का पहला मामला सामने आया है.
खुदकुशी से पहले अपने छत पर बैठे दिखे थे शैलेष.
खुदकुशी से पहले अपनी छत पर बैठे दिखे थे शैलेष.

खुदकुशी से पहले शैलेष छत पर बैठे दिखे. आस पास देख रहे लोगों ने उन्हें नीचे आने की गुहार लगाई. लेकिन कुछ ही देर बाद ही शैलेश सिंह इमारत की छत से कूद गए. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. शैलेष सिंह के परिवार में पत्नी उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं.
जेट एयरवेज़ की उड़ाने फिलहाल रोकने से 20 हजार से ज्यादा कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं.
जेट एयरवेज़ की उड़ाने फिलहाल रोकने से 20 हजार से ज्यादा कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं.

दूसरी तरफ जेट एयरवेज की उड़ान बंद होने के बाद कर्मचारियों का प्रदर्शन लगातार जारी है. शनिवार को भी कर्मचारियों और उनके परिवार वालों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कैंडल मार्च निकाला. प्रदर्शनकारी फिर से जेट एयरवेज की उड़ान को बहाल करने की मांग कर रहे हैं. कर्मचारियों के प्रदर्शन में उनके छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे.
जेट एयरवेज के पायलटों का प्रतिनिधित्व करने वाली द नेशनल एविएटर गिल्ड यानी नैग ने शनिवार को पीएम ऑफिस को एक ईमेल भेजा. ईमेल में पीएम मोदी से ये अनुरोध किया गया कि सभी कर्मचारियों को एक महीने की सैलरी दी जाए. साथ ही साथ जेट एयरवेज के विमानों के रजिस्ट्रेशन कैंसल करने की प्रकिया पर रोक लगाने की गुजारिश की गई है. कहते हैं ना कि मुसीबत आती है तो हर तरफ से आती है. जेट एयरवेज के कर्मचारियों के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. जेट एयरवेज़ अपने कर्मचारियों को मेडिक्लेम मुहैया कराती है. मेडिक्लेम की अवधि इसी साल 31 जुलाई को खत्म हो रही है. इसे रिन्यू करने के लिए ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी ने जेट एयरवेज़ से संपर्क किया, लेकिन मेडिक्लेम को रिन्यू करने के लिए किसी तरह की कोई जानकारी कंपनी को नहीं दी गई. कुल मिलाकर अगर जेट एयरवेज मेडिक्लेम रिन्यू नहीं कराती है फिर सैलरी के साथ जेट एयरवेज के कर्मचारियों को मेडिक्लेम की सुविधा से वंचित होना पड़ सकता है.


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