शैलेष सिंह जेट एयरवेज़ में टेक्नीशियन थे और कैंसर से भी पीड़ित थे. जेट एयरवेज स्टाफ एंड एंप्लॉयज़ एसोसिएशन के मुताबिक वो आर्थिक दिक्कतों का तो सामना कर ही रहे थे, साथ ही साथ उनकी कीमोथेरेपी भी चल रही थी.
पुलिस के मुताबिक ये भी मुमकिन है कि वो बीमारी की वजह से डिप्रेशन से गुज़र रहे थे इसीलिए उन्होंने आत्महत्या कर ली. लेकिन एसोसिएशन के मुताबिक पैसों की कमी की वजह से ही उन्होंने आत्महत्या की है. जेट एयरवेज के बंद होने के बाद ये किसी भी कर्मचारी की आत्महत्या का पहला मामला सामने आया है.

खुदकुशी से पहले अपनी छत पर बैठे दिखे थे शैलेष.
खुदकुशी से पहले शैलेष छत पर बैठे दिखे. आस पास देख रहे लोगों ने उन्हें नीचे आने की गुहार लगाई. लेकिन कुछ ही देर बाद ही शैलेश सिंह इमारत की छत से कूद गए. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. शैलेष सिंह के परिवार में पत्नी उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं.

जेट एयरवेज़ की उड़ाने फिलहाल रोकने से 20 हजार से ज्यादा कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं.
दूसरी तरफ जेट एयरवेज की उड़ान बंद होने के बाद कर्मचारियों का प्रदर्शन लगातार जारी है. शनिवार को भी कर्मचारियों और उनके परिवार वालों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कैंडल मार्च निकाला. प्रदर्शनकारी फिर से जेट एयरवेज की उड़ान को बहाल करने की मांग कर रहे हैं. कर्मचारियों के प्रदर्शन में उनके छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल थे.
जेट एयरवेज के पायलटों का प्रतिनिधित्व करने वाली द नेशनल एविएटर गिल्ड यानी नैग ने शनिवार को पीएम ऑफिस को एक ईमेल भेजा. ईमेल में पीएम मोदी से ये अनुरोध किया गया कि सभी कर्मचारियों को एक महीने की सैलरी दी जाए. साथ ही साथ जेट एयरवेज के विमानों के रजिस्ट्रेशन कैंसल करने की प्रकिया पर रोक लगाने की गुजारिश की गई है.












