तबीयत ठीक करने के लिए मांग भरी कुतिया की
ये मामला है झारखंड के जमशेदपुर जिले का. जिले के मोहलडीहा गांव में चार साल के अनिल की कुतिया से शादी करवाई गई. वजह, वही जो हमेशा होती है. किसी मूर्ख ओझा/तांत्रिक/बाबा की सलाह. अनिल बीमार रहता था. उसकी मां सरस्वती सरदार ने डॉक्टर को नहीं दिखाया. झाड़ फूंक वालों के पास ले गईं. उन्होंने कहा, कुतिया से ब्याह दो. बच्चा चंगा हो जाएगा. फिर क्या, तमाशा शुरू. इसमें गांव वाले भी जुट गए.
बच्चे की कुतिया से शादी कराती मां15 जनवरी के रोज गांव के चौराहे पर शादी करवाई गई. महिलाओं ने गीत गाए. पुरुष बाराती बन पहुंचे. गांव की एक कुतिया खोजकर लाई गई दुलहन बनाने के लिए. उसे वरमाला पहनाई गई और फिर तांत्रिक के निर्देश मुताबिक मांग भी भरी गई.
मगर मामला सिर्फ बच्चे की सेहत नहीं, बल्कि गांव पर प्रेतात्मा के साये का भी है.
सारे मामले की जड़ मसूड़े का दांत
झारखंड के इस इलाके में एक अजीब मान्यता है. इसके मुताबिक किसी बच्चे का पहला दांत अगर ऊपरी मसूड़े में आता है, तो इसे अपशकुन माना जाता है. लोग मानते हैं कि ये प्रेत आत्माओं का साया है. इसके चलते पूरे गांव पर बुरा असर होगा. और इससे निवारण पाने के लिए कुतिया से शादी करनी होगी.
(सभी तस्वीर दैनिक भास्कर से साभार.)













