The Lallantop

राष्ट्रपति से मिले इनाम के पैसों से कैदियों को छुड़वा रहा है 14 साल का आयुष

जिनके पास जुर्माने के पैसे नहीं, उन्हें आज़ाद कराने में लगा है ये लड़का.

Advertisement
post-main-image
आयुष किशोर को 2016 में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
क्या सारे मुजरिमों को एक तराजू में तोला जा सकता है? नहीं तोला जा सकता. जेल में बंद हर कैदी भी एक सा नहीं होता. कुछ तो बहुत ही गरीब होते हैं. कुछ तो ऐसे होते हैं जिन्हें जेल में कई साल गुज़र जाते हैं, लेकिन कोई अपना उनसे मिलने नहीं आता. भोपाल सेंट्रल जेल में भी ऐसे चार कैदी हैं, जिन्हें जेल में रहते-रहते एक दशक से ज़्यादा का समय बीत चुका है. वो सिर्फ़ इसलिए बाहर नहीं निकल पा रहे थे क्योंकि उनके पास जुर्माना चुकाने के पैसे नहीं थे.
इनकी मदद के लिए आगे आया एक 14 साल का लड़का आयुष किशोर. आयुष को 2016 में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. उन्हें ये पुरस्कार गणित में अच्छी परफॉर्मेंस के चलते मिला था. राष्ट्रपति से उन्हें 10 हज़ार रुपए प्राइज़ मनी मिली थी. वहीं स्कूल में हर तरह से सबसे अच्छा स्टूडेंट होने के चलते उन्हें 28 हज़ार रुपए दिए गए थे. इन पैसों को आयुष उन चार कैदियों को दे रहे हैं ताकि वो अपना आज़ाद होने का सपना पूरा कर सकें. ये चारों कैदी इस 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के मौके पर रिहा हो जाएंगे.
ayush kishore
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से सम्मान पाते आयुष किशोर.

चार कैदियों में से एक 46 साल के श्रीजन सिंह हैं. उन पर हत्या का आरोप है लेकिन जेल में अच्छे आचरण के चलते उन्हें सज़ा पूरी होने से पहले रिहा किया जा रहा है. जेल में काम करते हुए श्रीजन ने कुछ फ़ाइन तो चुका दिया था. लेकिन अब भी पांच हज़ार रुपए देने बाकी थे. श्रीजन की मदद के लिए कभी कोई घरवाला आगे नहीं आता, ये बात वो जानते हैं क्योंकि घरवाले पहले ही उनका त्याग कर चुके थे. ऐसे में आयुष उनके लिए उम्मीद की किरण बने.
आयुष की मां विनीता मालवीय एक पुलिस अधिकारी हैं. उन्होंने बताया कि उनका बेटा अक्सर जेल की ज़िंदगी के बारे में सवाल करता रहता है. आयुष बताते हैं, 'मेरी मां ने मुझे बताया कि कुछ कैदी बहुत ही ज़्यादा गरीब हैं. वो जेल में कई साल काम करते हैं, ताकि उससे मिली कमाई से अपना फ़ाइन भर सकें. कुछ तो अपनी आज़ादी के लिए दो हज़ार तक नहीं चुका पाते.'


ये भी पढ़ें:
लोग मैदान में शौच करके, कील फेंककर चले जाते थे, ताकि ये लड़की खेल न पाए

जमे हुए बालों वाला बच्चा, जिसकी एक तस्वीर ने सोशल मीडिया को रुला दिया

दिल्ली की गलियों में घूमता है सचमुच का सुपरहीरो, नाम है मटका मैन



वीडियो देखें:

Advertisement
Advertisement