एक हफ्ते के भीतर आंध्र प्रदेश के तट से दूसरा चक्रवात टकराया है. पहले चक्रवात अर्नब ने तबाही मचाई थी. अब गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ ने दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक दी है. तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रही. इनके झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे. कई इलाकों में भारी बारिश हुई है. समुद्र में ऊंची लहरें भी उठ रही हैं. तटीय इलाके में रहनेवाले परिवारों को सुरक्षित जगह पर भेजा गया है.
अर्नब के बाद आंध्र प्रदेश में मुरासु ने मचाई तबाही, भारी बारिश, स्कूल-कॉलेज बंद, अलर्ट पर NDRF
आंध्र प्रदेश में एक और चक्रवात 'मुरासु' ने दस्तक दे दी है. इससे पहले अर्नब चक्रवात ने आंध्र प्रदेश में तबाही मचाई थी. IMD की चेतावनी को देखते हुए तटीय इलाके और आसपास रहनेवाले लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कैंप भेज दिया गया है.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के मुताबिक, मुरासु की लैंडफॉल प्रक्रिया 3 नवंबर की रात करीब 1 बजे शुरू हुई. तूफान का केंद्र सुबह करीब 4:30 बजे तट पर पहुंचा. सुबह 6:40 बजे तक इसके तट पार करने की खबर आई.
यहां लैंडफॉल का मतलब समझना जरूरी है. जब किसी चक्रवात का केंद्र समुद्र से निकलकर जमीन पर पहुंचता है, तो इसे लैंडफॉल कहते हैं. इस दौरान तूफान अपने साथ तेज हवाएं और भारी बारिश लाता है. लैंडफॉल के बाद समुद्र से मिलने वाली नमी कम होने लगती है. इसलिए आमतौर पर तूफान धीरे-धीरे कमजोर पड़ता है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि खतरा खत्म हो गया. भारी बारिश, बाढ़ और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है.
मुरासु का असर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दिख रहा है. प्रकाशम जिले के कोथापटनम में 3 नवंबर की सुबह 164.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. विजयवाड़ा में भी भारी बारिश के चलते कई जगह पानी भर गया.
प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया. करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी की गई थी. कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ने की खबरें भी आई हैं. हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, अब तक किसी की मौत या घायल होने की खबर नहीं है.
मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और नरसपुर के बीच तट से टकराया है. तूफान के हालात को देखते हुए आंध्र प्रदेश के तीन एयरपोर्ट पर 19 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. वहीं, चेन्नई एयरपोर्ट से भी 11 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं. पांच राज्यों में NDRF की 37 टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें से 13 टीमें आंध्र प्रदेश में हैं.
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कहां-कहां होगी बारिश?तूफान को देखते हुए आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, ओडिशा और केरल में भारी बारिश का अनुमान है. इसके अलावा कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भी बारिश की संभावना जताई गई है.
मुरासु के चलते समुद्र में एक से डेढ़ मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई थी. इससे निचले तटीय इलाकों में पानी भरने का खतरा था. मछुआरों को समुद्र में नहीं उतरने और लोगों को समुद्र तट से दूर रहने की सलाह दी गई है.
अब मुरासु की तुलना कुछ दिन पहले आए चक्रवात अर्नब से भी हो रही है. दोनों तूफानों में एक बड़ा अंतर उनकी तीव्रता का है. मौसम विभाग ने अर्नब को ‘बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान’ बताया था. जबकि मुरासु ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ की श्रेणी में रखा.
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