उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी संख्या में हिंदू वोटर्स के नाम लिस्ट से कटने पर अपनी चिंता जाहिर की है. भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि वोटर लिस्ट से करीब 1 करोड़ से ज्यादा हिंदू वोटर्स के नाम गायब हैं. सीएम योगी ने कहा कि करीब 66 लाख ऐसे लोग भी हैं, जिनके नाम पंचायत मतदाता सूची में तो दर्ज हैं, लेकिन विधानसभा की वोटर लिस्ट में से उनका नाम गायब है. और तो और करीब 55 लाख ऐसे लोगों के नाम वोटर लिस्ट से कटे हैं, जो सरकारी योजनाओं के लाभार्थी हैं.
यूपी में 1.27 करोड़ हिंदू वोटर्स के नाम कट गए? CM योगी ने BJP वर्कर्स के सामने क्या दावा किया?
बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि 66 लाख लोगों के नाम पंचायत वोटर लिस्ट में हैं, लेकिन विधानसभा की सूची में नहीं हैं. उन्होंने करीब 55 लाख सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के नाम भी वोटर लिस्ट से गायब होने का दावा किया.

2027 में यूपी के विधानसभा चुनाव हैं. ऐसे में हर पार्टी अपने-अपने हिसाब से वोटर्स को साधने की कोशिश में लगी है. यही वजह है कि सीएम योगी की सरकार ऐसे वोटर्स को साधना चाहती है जो भाजपा के परंपरागत वोटर्स हैं.
हिंदू फायरब्रांड नेता जैसी छवि रखने सीएम योगी का फोकस हिंदू वोटर्स पर है. लेकिन इनमें से लाखों ऐसे लोग हैं जिनका नाम लिस्ट में नहीं आया है. इसके अलावा सीएम योगी ने 18 से 19 साल की उम्र के करीब साढ़े चार लाख युवाओं के नाम कटने पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि युवाओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब होना चिंताजनक है.
आजतक से जुड़े आशीष श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम योगी आदित्यनाथ ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे हर बूथ पर खुद वोटर लिस्ट की जांच करें. उन्होंने कार्यकर्ताओं से वोटर लिस्ट की जांच करने और छूटे हुए एलिजिबल वोटर्स के नाम जुड़वाने का आह्वान किया. सीएम योगी ने कार्यकर्ताओं को बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के साथ को-ऑर्डिनेशन बनाकर नाम जुड़वाने का अभियान चलाने को कहा है. सीएम ने कहा कि इसकी नियमित समीक्षा की जाए.
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न सिर्फ कार्यकर्ताओं बल्कि सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों को भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए हैं. वहीं उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे वोटर लिस्ट में अपना नाम जरूर चेक करें और नाम नहीं होने पर उसे जुड़वाएं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान ऐसे समय पर आया, जब उत्तर प्रदेश में विपक्षी समाजवादी पार्टी (SP) लगातार वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठा रही है. हाल ही में पीलीभीत में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के मामले में दो SDM और एक कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ FIR दर्ज की गई.
जांच में सामने आया कि वोटर लिस्ट में बदलाव के लिए 13,779 फॉर्म भरे गए थे. इनमें से 10,470 फॉर्म मंजूर किए गए, लेकिन इनसे जुड़े जरूरी कागजात दफ्तर में नहीं मिले. अब इन सभी मंजूर फॉर्म की दोबारा जांच होगी.
दोनों SDM को उनके पद से हटाकर जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया गया है. वहीं, कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी खत्म कर दी गई है. दोनों SDM के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है. चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों के निर्वाचन अधिकारियों से भी वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की जांच करके रिपोर्ट देने को कहा है.
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