सूट-बूट पहने ‘वीआईपी’ दिखने वाले लोगों में मार हो गई. खूब लात-घूंसे चले. जमकर गाली-गलौज भी हुई. किसी की नाक फूटी. किसी के कपड़े फट गए. ऐंबुलेंस तक बुलानी पड़ी. झगड़ा छुड़ाने वालों के तो पसीने छूट गए. अंदाजा लगाइए ये किस जगह की घटना हो सकती है. स्कूल-कॉलेज की? सड़क-चौराहे की? या चौक-बाजार की?
सत्ताधारी पार्टी के सांसद ने विपक्ष के नेता पर तंज मारा, आर्मेनिया की संसद में लात-घूंसे चले, कपड़े फट गए
संसद को लोकतंत्र का मंदिर कहेंगे या बहस का अखाड़ा. जो भी कहें. एक मर्यादा से तो बांधेंगे. माननीय सांसद लोगों के बैठने की जगह होती है. अखाड़ा भी कहेंगे तो इसका मतलब कुश्ती नहीं होगा. दलीलों की लड़ाई हो सकती है. लेकिन आर्मेनिया के सांसद लोगों ने इसे कुश्ती वाला अखाड़ा ही बना दिया.

नहीं. ये सब संसद भवन में हुआ. जहां देश भर से चुने गए नेता कानून बनाने के लिए जमा होते हैं. ऐसी 'पंचायत' में सत्ता और विपक्ष के सांसदों के बीच ये ‘असली कुश्ती’ लड़ी गई. और ये सब किसी फिल्म की तरह सारे देश के लोगों ने देखा, क्योंकि सदन की कार्यवाही लाइव चल रही थी. इसका पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल है.
कहां की घटना है?बात आर्मेनिया के संसद की है. पश्चिम एशिया का यह देश तुर्किये के पूर्व में और ईरान के उत्तर में पड़ता है. 29 अक्टूबर को यहां की संसद में ऑडिट चैंबर के एक सदस्य के चुनाव को लेकर बहस हो रही थी. ‘सिविल कॉन्ट्रैक्ट पार्टी’ आर्मेनिया की सत्ता में है. इसी पार्टी के एक सांसद हैं टारोन चाखोयान. वो विपक्षी गठबंधन ‘स्ट्रॉन्ग आर्मेनिया’ के नेता नारेक करापेत्यान को टारगेट कर रहे थे. जुबानी तंज मारे जा रहे थे. तभी चाखोयान ने करापेत्यान को उनका एक चुनावी वादा भी याद दिलाया.
दरअसल, करापेत्यान के एक चचेरे भाई ने ‘चुनावी जोश’ में ऐलान कर दिया था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वो देश की महिलाओं की जरूरतें पूरी करने के लिए ‘महिलाओं को संतुष्ट करने वाला मंत्रालय’ बनाएंगे. टीओआई ने आर्मेनिया की समाचार एजेंसी आर्मेनप्रेस के हवाले से बताया कि चाखोयान ने करापेत्यान को याद दिलाया कि उनके चचेरे भाई ने अब तक अपने इस बयान के लिए देश के लोगों से माफी नहीं मांगी है.
इस पर पहले तो करापेत्यान ने पहले अपनी सीट से ही जवाब दिया. लेकिन बाद में वह अपनी सीट से उठकर स्पीकर की कुर्सी के पास पहुंच गए. दूसरे पक्ष के लोग भी कम नहीं थे. उन्होंने भी आस्तीनें चढ़ा लीं. देखते-देखते दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई. इसने मारपीट का रूप ले लिया. सांसद एक-दूसरे पर मुक्के और लात चलाने लगे. लड़ाई संसद के गलियारे तक पहुंच गई. झगड़ा छुड़ाने में सुरक्षाकर्मियों और दूसरे सांसदों की हालत खराब हो गई. इस दौरान गाली-गलौज भी सुनाई दी. ये सारा सीन टीवी पर लाइव चल रहा था क्योंकि सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जा रहा था.
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किसने शुरू की लड़ाई?
संसद के स्पीकर रूबेन रुबिन्यान ने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार विपक्षी नेता करापेत्यान ही हैं. उन्होंने सदन की कार्यवाही का वीडियो देखा है. चाखोयान ने कोई ऐसी विवादित या अपमानजनक बात नहीं कही थी, जिस पर कोई ऐसे आपा खो बैठे. रुबिन्यान ने कहा,
करापेत्यान, आप अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए. आपने अपनी सीट से अपमानजनक टिप्पणियां कीं और फिर उठकर टारोन चाखोयान को मारने की कोशिश की.
रुबिन्यान ने आगे दावा किया कि मारपीट शुरू होने के बाद विपक्षी सांसद गार्निक दावत्यन ने चाखोयान को एक बार मारा था. उन्होंने जानबूझकर संसद की लाइव स्ट्रीमिंग बंद नहीं होने दी, ताकि जनता देख सके कि सदन के अंदर क्या हो रहा है. बताया गया कि मारपीट के बाद संसद भवन में एंबुलेंस भी पहुंची थी. विपक्षी सांसद आंद्रानिक गेवरग्यान की नाक से खून बह रहा था. वहीं एक दूसरे सांसद रूबेन मिखितार्यान के कपड़े फट गए थे.
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