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'सही जानकारी नहीं पहुंची, तो युवा कॉकरोच... ', उपराष्ट्रपति ने मीडिया को दे डाली वार्निंग

Vice President on CJP: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि पत्रकारिता का काम समाज में विश्वास बढ़ाने का होना चाहिए. और अखबारों में वो ताकत है कि वो समाज में बदलाव ला सकें. सीपी राधाकृष्णन ने ये सारी बातें मलयालम अखबार 'दीपिका' की 140वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में कहीं. उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर बड़ी चेतावनी भी दी है.

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सीपी राधाकृष्णन ने कॉकरोच जनता पार्टी पर निशाना साधा है. (फोटो-इंडिया टुडे)

देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने पत्रकारों को बड़ी नसीहत दी है. नसीहत युवाओं तक, सही और पॉजिटिव खबरें पहुंचाने की. उन्होंने ये भी कहा है कि अगर उनतक सही खबर नहीं पहुंची तो देश के युवा कॉकरोच को फॉलो करने लग जाएंगे. यहां कॉकरोच मतलब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से है. 

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एक कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘पॉजिटिव कामों को अच्छी तरह से दिखाया और बताया जाना चाहिए. तभी युवाओं तक सही जानकारी पहुंचेगी. वरना वो रुचि खो देंगे और कॉकरोच के पीछे चल पड़ेंगे. अगर कोई काम सच में अच्छा है, तो लोग उसकी अहमियत एक हफ्ते, 10 दिन या एक महीने बाद भी समझेंगे.’ 

उन्होंने आगे कहा कि लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें पहले कोई नहीं जानता. फिर अचानक वो हर जगह दिखाई देने लगते हैं. ऐसी लोकप्रियता ज़्यादा समय तक नहीं टिकती.

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पत्रकारों के लिए क्या कहा?  

राधाकृष्णन ने कहा कि पत्रकारिता का काम समाज में विश्वास बढ़ाने का होना चाहिए. और अखबारों में वो ताकत है कि वो समाज में बदलाव ला सकें. सीपी राधाकृष्णन ने ये सारी बातें मलयालम अखबार 'दीपिका' की 140वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में कहीं. उन्होंने कहा कि युवाओं तक सही और पॉजिटिव चीज़ें पहुंचनी चाहिए. वरना वो कॉकरोच को फॉलो करने लगेंगे.

उन्होंने बताया कि वे बोलने की आज़ादी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनका कहना है कि हमारे मुद्दे ऐसी बातों पर नहीं टिके होने चाहिए जो समय की कसौटी पर खरा न उतर पाएं. उनका मानना है कि वैसी विचारधारा या मुद्दे ही समाज तक पहुंचने चाहिए जो समाज से जुड़े हुए हों. 

ये भी पढ़ें: कॉकरोच पार्टी विवाद: LG वीके सक्सेना पर भड़के Sonam Wangchuk, बोले-'फालूदा बना दिया...'

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कॉकरोच विवाद क्या है? 

15 मई को एक वकील की याचिका पर सुनवाई करते हुए CJI सूर्यकांत ने कहा था, 'कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं.' इस बयान के सामने आते ही विवाद शुरू हो गया. जब बात ज़्यादा बढ़ गई तो CJI ने कहा कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया है. CJI ने इसपर सफाई भी दी थी. 

लेकिन बात हाथ से निकल चुकी थी. सरकार और न्यायालय पर व्यंग्य के तौर पर कॉकरोच नाम से पार्टी तक बना दी गई. नाम रखा गया कॉकरोच जनता पार्टी. लेकिन ध्यान रखिए कि ये कोई असली पॉलिटिकल पार्टी नहीं है, सिर्फ Satire यानी आलोचना के तौर पर बनाई गई है. अब अरविंद केजरीवाल, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और मनीष सिसोदिया समेत विपक्ष के बड़े-बड़े नेता इसके सपोर्ट में हैं. 

वीडियो: राजधानी: कॉकरोच जनता पार्टी सच में 'आंदोलन' है या सिर्फ एक 'मीम'?

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