धर्मेंद्र प्रधान ने आखिरकार शिक्षामंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया. सरकार के सूत्रों का कहना है कि प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए खुद इस्तीफा दिया है. यही मांग लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर एक महीने से विरोध प्रदर्शन चल रहा था. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी तकरीबन 26 दिनों तक भूख हड़ताल पर थे. विरोध प्रदर्शन का दायरा दिल्ली से बढ़कर देश भर में फैल रहा था. शनिवार, 25 जुलाई को बिहार, महाराष्ट्र, यूपी, तमिलनाडु समेत कई राज्यों में लोग सीजेपी के सपोर्ट में सड़कों पर उतर आए थे.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की 10 बड़ी बातें, रिजाइन करने की 'असली' वजह ये बताई है
धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG विवाद और जंतर-मंतर पर जारी विरोध के बीच नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षामंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इस्तीफे की चिट्ठी में उन्होंने परीक्षा में हुई अनियमितताओं, CBI जांच, दोबारा परीक्षा और छात्रों के भविष्य को लेकर अपनी चिंता जाहिर की.

इन सारे दबावों के बीच शनिवार, 25 जुलाई को दोपहर ढाई बजे के आसपास खबर आई कि धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. एक्स पर उन्होंने इस्तीफे का पत्र भी शेयर किया, जिसमें कई सारी बातें लिखी हैं. प्रधान ने कहा कि जंतर-मंतर पर जो भी हुआ, वो सब देखकर उनका मन व्यथित था. इसका फायदा राष्ट्रविरोधी ताकतें न उठाएं, इसलिए उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया है. यह तो मेन बात है. दो पन्नों की चिट्ठी में धर्मेंद्र प्रधान ने और क्या-क्या लिखा है? चलिए जानते हैं.
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धर्मेंद्र प्रधान ने कहा-
– पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने मन को अत्यंत दुखी किया. यह व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का नहीं बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का विषय है.
– भारत की युवा शक्ति ही देश की असली ताकत है और उसे भ्रम और षड्यंत्र के जाल में फंसने नहीं दिया जाएगा.
– 3 मई 2026 की NEET-UG परीक्षा में सामने आई. अनियमितताओं के बाद तुरंत CBI जांच कराई गई. परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की गई.
– अगले साल से NEET-UG परीक्षा कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराई जाएगी.
– 20 लाख से ज्यादा छात्रों की परीक्षा निष्पक्ष और सुचारु रूप से कराने के लिए 'Whole of Government Approach' के तहत केंद्र, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, अभिभावकों और छात्रों ने मिलकर काम किया.
– पहले दिन से इस पूरे मामले की जिम्मेदारी ली और यह संकल्प रहा कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने दिया जाएगा.
– 16 जुलाई को घोषित NEET-UG परिणाम संतोषजनक रहे, जिनमें गरीब पृष्ठभूमि के कई मेधावी छात्रों को सफलता मिली.
– परिणाम आने के बाद भी जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ.
– जंतर-मंतर और देश में बनी स्थिति का राष्ट्रविरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे और कोई भी छात्र कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है.
– प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर आग्रह किया गया कि छात्र अपना समय पढ़ाई और करियर बनाने में लगाएं.
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