अगर आप भी बीच (Beach) और थ्रिल के शौकीन हैं और थाईलैंड घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो जरा ठहरिए! थाईलैंड सरकार ने हाल ही में भारतीय पर्यटकों के लिए अपने नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अचानक आई बैंकॉक में भारतीय दूतावास की इस 11-सूत्रीय एडवाइजरी ने कई पर्यटकों को चिंता में डाल दिया है.
भारतीय सैलानियों पर और सख्त हुआ थाईलैंड, वीजा के बाद 11 नई ट्रैवल शर्तें भी जोड़ दीं!
Thailand's new travel guidelines for Indian tourists: 'आगमन पर वीजा' (Visa on Arrival) बंद करने के एक महीने बाद थाईलैंड ने भारतीय पर्यटकों के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. इसके तहत थाईलैंड जाने वाले भारतीयों को 11 शर्तें पूरी करनी होगी.


आइए बेहद आसान शब्दों में समझते हैं कि आखिर थाईलैंड का रुख अचानक क्यों बदला और अब आपको किन बातों का ख्याल रखना होगा.
क्यों कड़े करने पड़े नियम?
थाईलैंड ने यह कदम किसी दुश्मनी में नहीं, बल्कि अपनी आंतरिक सुरक्षा (National Security) और सिस्टम को सुधारने के लिए उठाया है. इसके पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण हैं,
फर्जी टूरिस्ट्स और 'जॉब स्कैम' पर चोट: पिछले कुछ समय में म्यांमार और कंबोडिया के बॉर्डर इलाकों से सटे थाईलैंड के क्षेत्रों में अवैध साइबर सिंडिकेट्स (फेक कॉल सेंटर्स) का जाल फैला है. कई लोग टूरिस्ट वीजा या वीजा वेवर का फायदा उठाकर वहां जाते हैं और अवैध रूप से काम करने लगते हैं या इन स्कैम्स में फंस जाते हैं. सरकार इसी मानव तस्करी और अवैध रोजगार को रोकना चाहती है.
ओवरस्टे (Overstay) की समस्या: बहुत से लोग घूमने के बहाने जाते हैं और तय समय सीमा खत्म होने के बाद भी वहीं छिपकर रहने लगते हैं.
सिस्टम का डिजिटलाइजेशन: थाईलैंड अब पुराने कागजी फॉर्म्स (TM6) को पूरी तरह खत्म करके सुरक्षा जांच को ऑटोमेट और डिजिटल कर रहा है, ताकि हर आने-जाने वाले का सटीक रिकॉर्ड रहे.
अब क्या बदल गया है? (नया ट्रैवल चेकलिस्ट)
नई दिल्ली स्थित थाईलैंड के दूतावास ने जो नई गाइडलाइंस जारी की है, उसके मुताबिक भारतीय पर्यटकों को थाईलैंड पहुंचने से पहले ये 6 शर्तें पूरी करनी ही होंगी,
6 महीने वैध पासपोर्ट: आपका पासपोर्ट भारत से रवाना होने की तारीख से कम से कम 6 महीने तक वैलिड होना चाहिए.
कन्फर्म रिटर्न टिकट और होटल बुकिंग: इमिग्रेशन काउंटर पर आपको अपनी वापसी की कन्फर्म फ्लाइट टिकट और रुकने की जगह (होटल/रिज़ॉर्ट) के पुख्ता दस्तावेज दिखाने होंगे. फर्जी या 'ओपन टिकट' अब नहीं चलेंगे.
20,000 बाहत कैश (THB): ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ के मुताबिक अगर आप वीजा ऑन अराइवल (VOA) या वीजा वेवर का लाभ ले रहे हैं, तो आपके पास प्रति यात्री कम से कम 20,000 थाई बाहत (या इसके बराबर की विदेशी करेंसी) कैश में होनी चाहिए. ये आपकी आर्थिक क्षमता को परखने के लिए है.
इंडिविजुअल डाक्यूमेंट्स: अगर आप पूरे परिवार या ग्रुप के साथ जा रहे हैं, तो भी ग्रुप के हर सदस्य (यहां तक कि बच्चों) के पास अपने डाक्यूमेंट्स की अलग कॉपी होनी चाहिए.

सबसे बड़ा गेम चेंजर: TDAC (Thailand Digital Arrival Card)
इस नए नियम का सबसे अहम हिस्सा है TDAC. अब हर भारतीय को थाईलैंड पहुंचने से 72 घंटे पहले ऑनलाइन पोर्टल (tdac.immigration.go.th) पर जाकर अपनी पूरी जानकारी डिजिटल रूप में भरनी होगी.
कैसे काम करता है TDAC?: फॉर्म भरने के बाद आपको एक QR Code मिलेगा. इस क्यूआर कोड को अपने फोन में सेव कर लें या प्रिंट निकाल लें. थाईलैंड एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अफसर इसी कोड को स्कैन करेंगे. इसके बिना आपको फ्लाइट में बोर्डिंग से भी रोका जा सकता है.
आगे बढ़ने से पहले याद दिला दें कि इसी साल मई में थाईलैंड ने भारतीय सैलानियों के लिए वीजा अनिवार्य कर दिया था, लल्लनटॉप पर वो ख़बर “थाईलैंड में भारतीयों के लिए वीजा-फ्री एंट्री बंद, तंग आ गई थी थाई सरकार” टाइटल से मिल जाएगी. दिलचस्पी हो तो क्लिक करके पढ़ सकते हैं.
चलते-चलते: सबसे जरूरी चेतावनी
एडवाइजरी में साफ तौर पर लिखा है कि अगर आपके पास थाईलैंड में किसी नौकरी का ऑफर (Job Offer) है, तो भूलकर भी टूरिस्ट रूट या वीजा वेवर का इस्तेमाल न करें. पकड़े जाने पर भारी जुर्माना, जेल और थाईलैंड से हमेशा के लिए डिपोर्ट (Ban) होने की नौबत आ सकती है.
लब्बोलुआब ये है कि यदि आप वाकई सिर्फ घूमने के इरादे से जा रहे हैं और आपके सारे कागजात पक्के हैं, तो आपको डरने की कोई जरूरत नहीं है. डिजिटल सिस्टम होने के कारण अब सही कागजात वालों का इमिग्रेशन और भी तेजी से क्लियर हो रहा है. बस अपनी तैयारी पूरी रखिए और बेफिक्र होकर यात्रा का आनंद लीजिए!
वीडियो: थाईलैंड ने वीजा के नियमों को क्यों बदल दिया?
















