जिनके साथ पढ़ा, जिन्हें बचपन से देखा, उन्हीं मुस्लिमों के वोट कटवाने के लिए एक BJP एजेंट ने कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से 30 ‘Form 7’ भरे. एक साथ 30 फॉर्म, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को जमा करने पहुंचा तो मामला पकड़ में आया. मामला तेलंगाना के हैदराबाद के चिक्काडपल्ली थाना क्षेत्र का है. आरोपी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बूथ लेवल एजेंट (BLA) एस बालाचंदर के खिलाफ FIR दर्ज हो गई है. इल्जाम है कि सभी फॉर्म मुशीराबाद विधानसभा क्षेत्र के मुस्लिम वोटर्स के खिलाफ भरे गए थे.
BJP एजेंट वोटर लिस्ट से मुस्लिमों के नाम कटवाने पहुंचा, खुद भर दिए 30 फॉर्म-7
हैदराबाद के अधिकारियों का कहना है कि 1 अक्टूबर को उन्होंने खुद जाकर फील्ड वेरिफिकेशन किया तो वे सभी 30 लोग, हैदराबाद की मुशीराबाद सीट के निवासी निकले. पुलिस में FIR हुई और आरोपी बीजेपी कार्यकर्ता पकड़ा गया.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मोहम्मद शफुद्दीन के भाई मोहम्मद ने कहा कि परिवार कई पीढ़ियों से इसी इलाके में रह रहा है. उन्होंने आगे कहा,
"हम यहां करीब 80 साल से रह रहे हैं. वही घर, वही इलाका. जिस शख्स ने 'फॉर्म 7' जमा किया है, वो हमें जानता है. हमने उसे बचपन से देखा है, और वो मेरे भाई के साथ पढ़ता भी था. ये चौंकाने वाला और दर्दनाक है कि हमारे किसी जानने वाले ने ऐसा किया है."
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मुशीराबाद इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) टी प्रवीण कुमार रेड्डी की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की. ERO की शुरुआती जांच में पता चला कि BJP एजेंट के जमा किए गए 'फॉर्म 7' पर पहले से ही वोटरों के नाम प्रिंटेड थे. हैदराबाद की बहादुरपुरा और गोशामहल सीटों से भी ऐसे ही मामले सामने आए, जहां पहले से प्रिंटेड नामों वाले फॉर्म मिले.
BJP विरोधी पार्टियों ने दावा किया कि ये इस बात का सबूत है कि ये 'फॉर्म 7' बीजेपी ऑफिस से ही 'सेंट्रली जेनरेट' (केंद्रीय स्तर पर तैयार) किए गए थे. रिपोर्ट के मुताबिक, BJP एजेंट ने जिन 30 लोगों के खिलाफ 'फॉर्म 7' जमा किए, उनमें एक कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट (BLA) मोहम्मद शफुद्दीन भी हैं.
FIR के मुताबिक, BJP एजेंट ने पहले से प्रिंटेड 30 'फॉर्म 7' लिए और उनके नाम हटाने की बुरी नीयत से 28 सितंबर, 2026 को पोलिंग स्टेशन नंबर 210 के BLO को इन्हें जमा करने की कोशिश की. FIR में ये भी कहा गया कि जब BLO और BLO सुपरवाइजर ने 'BJP के उस BLA की बार-बार की गुजारिशों के बावजूद' फॉर्म लेने से 'साफ मना कर दिया', तो बालाचंदर 'फॉर्म BLO के दफ्तर में ही छोड़कर भाग गया'.
अधिकारियों का कहना है कि 1 अक्टूबर को उन्होंने खुद जाकर फील्ड वेरिफिकेशन किया. तब वे सभी 30 लोग, हैदराबाद की मुशीराबाद विधासभा क्षेत्र के निवासी मिले, जिनके नाम हटाने के लिए BJP एजेंट ने फॉर्म दिए थे. FIR में कहा गया कि इसलिए उन 'फॉर्म 7' को मंजूर नहीं किया गया और रिजेक्ट कर दिया गया.
BJP एजेंट एस बालाचंदर पर भारतीय न्याय संहिता (BNSS) की धारा 217 और 318 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है. FIR में बालाचंदर पर एक सरकारी अधिकारी को गलत जानकारी देने और धोखाधड़ी करने का आरोप है. इसके अलावा, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 भी लगाई गई है.
Form 7 पर सियासत तेज'फॉर्म 7' को लेकर तेलंगाना में सियासत तेज हो गई है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी दावा किया गोशामहल क्षेत्र में मुस्लिम वोटर्स के नाम डिलीट करने के लिए गलत तरीके से 'फॉर्म 7' भरे जा रहे हैं. उन्होंने तेलंगाना के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) सी सुदर्शन रेड्डी से मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
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सोमवार, 5 अक्टूबर को तेलंगाना CEO ने भी सभी जिलों के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टरों (DC) और जिला चुनाव अधिकारियों को गलत 'फॉर्म 7' भरने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया. वहीं, BJP स्टेट प्रेसिडेंट एन रामचंदर राव ने वोटरों के नाम हटाने की पार्टी की किसी भी कोशिश से इनकार किया. उन्होंने कांग्रेस पर चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के खिलाफ जनता को 'गुमराह' करने का आरोप लगाया.
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