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'BJP का ऑपरेशन पंजाब फेल', सत्येंद्र जैन को जमानत मिलने के बाद क्या बोली AAP?

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता Satyendar Jain को जमानत दे दी है. उन्हें पिछले महीने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के कथित भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया गया था.

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आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन. (फोटो: PTI)

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  • दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट टेंडर में भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार होने के बाद जमानत दे दी।
  • यह मामला 2024 में दर्ज हुआ था, जिसमें आरोप है कि टेंडर में तकनीकी शर्तों में हेरफेर करके यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को अनुचित लाभ दिया गया।
  • जमानत मिलने के बाद सत्येंद्र जैन के मामले की जांच जारी रहेगी और इससे जुड़े अन्य आरोपियों की कानूनी प्रक्रिया भी पूर्ववत जारी रहेगी।
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सृष्टि ओझा

दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को जमानत दे दी है. पिछले महीने दिल्ली पुलिस की एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने उन्हें गिरफ्तार किया था. यह मामला दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर में कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज दिग्विनय सिंह ने गुरुवार, 3 सितंबर को यह आदेश दिया. सुनवाई के बाद कोर्ट से बाहर निकलते हुए सत्येंद्र जैन ने कहा,

"यह सच की जीत है. यह केस उस समय दर्ज किया गया था जब ED ने मुझे पिछली बार गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था. यह एक मनगढ़ंत मामला है." 

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जब सत्येंद्र जैन से पूछा गया कि केंद्रीय जांच एजेंसियां ​​उनके पीछे क्यों पड़ी हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, "क्या मुझे इस पर कुछ कहने की जरूरत है? आप लोग (मीडिया) मुझसे बेहतर जानते हैं."

यह मामला 2024 में दर्ज किया गया था. इसके बाद 18 अगस्त 2026 को सत्येंद्र जैन को पांच अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया. अगले दिन यानी 19 अगस्त को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO और IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव, AN एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा शामिल हैं.

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'BJP का ऑपरेशन पंजाब फेल'

आम आदमी पार्टी (AAP) के सीनियर नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, "BJP का ऑपरेशन पंजाब आज फेल हो गया है. आम आदमी पार्टी और BJP के बीच राजनीतिक लड़ाई के पहले राउंड में AAP की जीत हुई है."

उन्होंने कहा कि यह मामला पूरी तरह से नकली और झूठा था. सौरभ ने इस बात पर जोर दिया कि जब टेंडर मंजूर हुए थे, तब सत्येंद्र जेल में थे.

क्या है DJB टेंडर में हेरफेर का मामला?

एसीबी के जॉइंट पुलिस कमिश्नर विक्रमजीत सिंह के मुताबिक, जांच में पता चला है कि टेंडर में यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने के लिए तकनीकी शर्तों में हेरफेर की गई. उनके मुताबिक, टेंडर की पायलट स्टडी नहीं कराई गई और जरूरी पैरामीटर हटा दिए गए. 

फाइनेंशियल जांच में पता चला कि यूरोटेक से जुड़ी यूनिट्स ने मेसर्स एएन एंटरप्राइजेज (नागेंद्र यादव) और मेसर्स सृजनहार (पंकज वर्मा) के जरिए कमीशन का पैसा घुमाया. दिल्ली जल बोर्ड के तत्कालीन सीईओ उदित प्रकाश राय को 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत मिली. ये पैसे उनके और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों से मिली है. इस पैसे से अचल संपत्ति खरीदी गई.

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टेंडर की टाइमलाइन

इस टेंडर की पूरी प्रक्रिया साल 2021 में शुरू हुई. तब सत्येंद्र जैन जल मंत्री के पद पर थे. 7 अक्तूबर 2021 को IFAS तकनीक का प्रस्ताव आया, जिसे 14 अक्टूबर 2021 को तत्कालीन मंत्री सत्येंद्र जैन ने सैद्धांतिक मंजूरी दी. 21 और 23 दिसंबर, 2021 को जैन, सलाहकार अंकित श्रीवास्तव और सीईओ उदित प्रकाश राय की बैठक में टीओआर तय हुआ. 

28 दिसंबर 2021 के प्रस्ताव से 1,546.32 करोड़ रुपये का नया एस्टीमेट बना. 17 मई 2022 को टेक्निकल बिड खुली और 30 मई 2022 को अप्रूव हुई थी. एसीबी का आरोप है कि टेंडर जारी होने से पहले ही गोपनीय शर्तें आरोपियों के फोन पर शेयर की जा रही थी. 

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