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शिवसेना नेता ने डॉक्टर को मारा थप्पड़, सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- ऐसे लोग खुला कैसे घूम रहे?

Supreme Court ने Maharashtra में डॉक्टरों पर बढ़ते हमलों पर सख्त नाराजगी जताई है. अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि हमलावर नेताओं को तुरंत हिरासत में लिया जाए. कोर्ट ने कहा कि ऐसे लोगों को खुलेआम घूमने की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए.

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सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में डॉक्टरों पर बढ़ते हमलों पर नाराजगी जताई. (फोटो: इंडिया टुडे)

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  • सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में डॉक्टरों पर हुए लगातार हमलों पर नाराजगी जताते हुए सरकार को निर्देश दिया कि हमलावरों को तुरंत हिरासत में लिया जाए।
  • पालघर जिले के हेल्थकेयर सेंटर में शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं द्वारा डॉक्टरों पर कई बार मारपीट करने की घटनाओं के कारण यह निर्देश जारी हुआ है।
  • सरकार और पुलिस ने इस मामले में कम से कम 17 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है, जिससे आगे की कानूनी कार्रवाई संभव है।

महाराष्ट्र में डॉक्टरों पर बार-बार हो रहे हमलों पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है. अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि ऐसे लोगों को तुरंत हिरासत में लिया जाए. सुप्रीम कोर्ट का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब एक दिन पहले शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं ने पालघर जिले के एक हेल्थकेयर सेंटर में डॉक्टरों के साथ मारपीट की. अदालत ने कहा कि ऐसे हमलों के पीछे ‘एक ही विचारधारा’ के लोग हैं. 

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सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच एक मामले की सुनवाई कर रही थी. इस मामले में भी शिवसेना (शिंदे गुट) के एक नेता पर डॉक्टरों के साथ मारपीट करने का आरोप है. कोर्ट ने सोमवार, 7 सितंबर को कहा कि कल (6 सितंबर) उसी ग्रुप के लोगों ने डॉक्टरों पर फिर हमला किया. बेंच ने पालघर जिले के एक हेल्थकेयर सेंटर में डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट का जिक्र किया. कोर्ट ने कहा, 

"हालात और खराब होते जा रहे हैं. कल एक और घटना हुई. वही लोग. फिर से डॉक्टरों पर हमला किया गया."

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इस पर शिवसेना नेता की तरफ से पेश सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने कहा, 

"वे एक ही ग्रुप के लोग नहीं हैं. मैंने इसकी जांच की है."

इसके बाद कोर्ट ने साफ किया कि वह हमलावरों की राजनीतिक विचारधारा की बात कर रही थी. जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा, 

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"विचारधारा एक ही है. इसे कैसे सही ठहराया जा सकता है कि आप उनके चैंबर में जाकर उन पर हमला करें और बेरहमी से पीटें? यह कानून और सार्वजनिक व्यवस्था, दोनों का मामला है. इसलिए उन्हें हिरासत में लिया जाना चाहिए. ऐसे लोग सड़कों पर घूमने के लायक नहीं हैं." 

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डॉक्टर को थप्पड़ जड़ा

रविवार सुबह ‘दही हांडी उत्सव’ के दौरान घायल हुए एक व्यक्ति को अस्पताल से छुट्टी देने पर विवाद हुआ. इसे लेकर शिवसेना (शिंदे गुट) के कार्यकर्ताओं ने 'रिलीफ हॉस्पिटल' के कॉरिडोर में जमकर हंगामा किया. शिकायत के मुताबिक, शिवसेना (शिंदे गुट) जिला अध्यक्ष कुंदन सांखे, भाजपा विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित गावित, राहुल घरात और पार्षद नीलम सांखे समेत कई लोग अस्पताल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में घुस गए और डॉक्टरों से बहस करने लगे. 

CCTV फुटेज के मुताबिक, उनमें से एक ने रिसेप्शनिस्ट को थप्पड़ मारा. बीच-बचाव करने की कोशिश करने पर एक महिला कर्मचारी को भी धमकाया गया. पालघर पुलिस ने पार्टी के सदस्यों समेत कम से कम 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

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