वाराणसी के बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के एक रिटायर्ड डॉक्टर हैं- प्रोफेसर टीके लाहिरी. पद्मश्री अवार्डी हैं. अधिकारियों ने बताया कि उन प्रोफेसर लाहिरी को एक एसोसिएट प्रोफेसर ने कथित तौर पर थप्पड़ मारा है. उनके साथ बदसलूकी की है. अब अधिकारियों ने इन आरोपों की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड बनाया है. ‘डॉक्टर गॉड’ के नाम से मशहूर प्रोफेसर लाहिरी पिछले कुछ महीनों से अस्पताल में भर्ती हैं. वो कार्डियोथोरेसिक डिपार्टमेंट में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है.
BHU के जिन प्रोफेसर को 'डॉक्टर गॉड' कहते हैं लोग, उन्हें ICU में थप्पड़ किसने मारा?
परिवार की ओर से BHU अस्पताल प्रशासन को भेजे गए ईमेल में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद पांडे पर बदसलूकी और थप्पड़ मारने का आरोप लगाया गया है. प्रशासन ने मेडिकल बोर्ड बनाकर जांच शुरू कर दी है.

डेक्कन हेराल्ड के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा कि अस्पताल प्रशासन को प्रो. लाहिरी के परिवार वालों ने एक ईमेल किया था. ईमेल के जरिए मिली एक शिकायत में आरोप लगाया गया कि एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद पांडे ने प्रोफेसर लाहिरी के साथ बदसलूकी की. और तो और उन्हें थप्पड़ भी मारा. इस वजह से प्रोफेसर लाहिरी के चेहरे पर चोट आई है.
अस्पताल प्रशासन ने क्या बताया?प्रोफेसर लाहिरी, BHU के उन डॉक्टर्स में से हैं, जिन्होंने अपनी सेवा के जरिए काफी सम्मान अर्जित किया है. इसलिए उन पर कथित हमला या उन्हें थप्पड़ मारने का मामला काफी तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले पर जानकारी देते हुए अस्पताल के अधिकारी ने कहा,
कांग्रेस ने घटना की निंदा कीप्रोफेसर लाहिरी परिवार वालों से ईमेल के जरिए शिकायत मिली थी. मामले की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड बनाया गया है और इसकी रिपोर्ट जल्द ही सौंपी जाएगी. मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
इस घटना ने राजनीतिक रंग भी ले लिया जब कांग्रेस ने पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में इस तरह की घटना होने पर हैरानी जताई. यूपी कॉन्ग्रेस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पद्मश्री से सम्मानित डॉ. टीके लाहिरी के साथ ICU में कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की घटना निंदनीय, शर्मनाक और चिंताजनक है. 85 साल के डॉक्टर ने अपना पूरा जीवन शिक्षा, चिकित्सा और मरीजों की सेवा में समर्पित कर दिया. उनके साथ ऐसा व्यवहार होना न सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान है, बल्कि चिकित्सा और शिक्षा जगत की गरिमा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है. कांग्रेस पार्टी ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और जल्दी से जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए.
(यह भी पढ़ें: BHU के ‘ब्राह्मणवादी पितृसत्ता’ वाले सवाल पर हंगामा, अखिलेश यादव ने सब BJP पर डाल दिया)
प्रोफेसर टीके लाहिरी 2003 में BHU के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IMS) से रिटायर हुए थे. लेकिन रिटायरमेंट के बाद भी वह मरीजों को मुफ्त मेडिकल सलाह देते रहे. समाज सेवा के कामों के लिए मशहूर प्रोफेसर लाहिरी अपनी पेंशन का एक बड़ा हिस्सा भी चैरिटी के कामों के लिए दान करते हैं. समाज और मेडिकल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें 2006 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. उनके इन्हीं कामों की वजह से उन्हें ‘गॉड डॉक्टर’ कहा जाता है,
वीडियो: मनोज सिन्हा ने साथियों संग बीएचयू के पूर्व कुलपति का अपहरण कर उन्हें जूते की माला क्यों पहनाई थी?













