लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा मर्डर केस की आरोपी श्रद्धा दुबे को पुलिस को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस से लुका-छिपी खेल रही सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर को 11 दिन बाद पुलिस गिरफ्तार कर पाई है. पुलिस तलाश में लगी थी और इधर श्रद्धा मीडिया के सामने आकर अपना बयान देकर गायब हो जाती थी. लेकिन, आखिरकार इस बार श्रद्धा दुबे को पुलिस को पकड़ लिया. ये गिरफ्तारी कैसे हुई, पुलिस की मदद किसने की, कहां-कहां छापेमारी हुई? एक-एक कर के समझते हैं.
UP से नेपाल तक चकमा देती रही श्रद्धा दुबे, एक गलती से नागपुर में फंसी पुलिस के जाल में
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में वॉन्टेड श्रद्धा दुबे को नागपुर से अरेस्ट कर लिया गया है. यूपी STF, लखनऊ पुलिस और नागपुर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार किया. पुलिस ने सोशल मीडिया ट्रैकिंग और सीसीटीवी फुटेज की मदद से ऑपरेशन अंजाम दिया.

एक बड़ी सी ब्लैक कलर की कार में सादे कपड़े में पुलिस वाले गिरफ्तारी करने पहुंचे थे. इस दौरान सादे कपड़े पहने लोग कह रहे है कि मीडिया ने तो तुम्हारी भद्द पीट दी है. मीडिया तो कुछ भी दिखाती है. दिलचस्प बात यह है कि पुलिस टीम मर्डर के आरोपी को यह सब कुछ कह रही है.
सिर्फ इतना भर ही नहीं. वीडियो के अगले हिस्से में श्रद्धा दुबे पुलिस वालों से पूछ रही है कि आगे बैठ जाऊं? इस पर पुलिस ने कहा नहीं पीछे बैठो. तो श्रद्धा कहने लगी कि बहन को बीच में बैठने दीजिए, सांस लेने में दिक्कत है, लेकिन पुलिस ने कहा कि पीछे बैठ जाइए. दवा दिलाएंगे. इस वीडियो को देखकर पहली नजर में कोई बिल्कुल नहीं कह सकता है कि ये गिरफ्तारी का वीडियो है. आरोपी के चेहरे पर किसी तरह का तनाव नहीं नजर आ रहा है. सब कुछ एकदम आराम से हो रहा है. मानो किसी स्क्रिप्ट की कहानी को कैमरे पर फिल्माया जा रहा है.
श्रद्धा दुबे को 20 अक्टूबर को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया गया. यूपी एसटीएफ, लखनऊ पुलिस और नागपुर पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में श्रद्धा के साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली को गिरफ्तार किया गया है. इन तीनों पर लखनऊ पुलिस ने 50-50 हजार रुपये के इनाम का ऐलान किया था.
करीब 11 दिनों तक पुलिस श्रद्धा की तलाश में उत्तर प्रदेश से लेकर नेपाल तक सर्च ऑपरेशन चलाती रही. इस दौरान नेपाल में छिपने, लखनऊ लौटने, वकील से मिलने और आगरा के रास्ते नागपुर पहुंचने की खबरें भी सामने आई थीं. दरअसल श्रद्धा दुबे की फरारी के दौरान पुलिस को कई अलग-अलग लोकेशन की सूचनाएं मिलीं. शुरुआत में उसके नेपाल भागने की जानकारी सामने आई, फिर उसके यूपी लौटने और आगरा पहुंचने की खबरें आईं. इसके बाद फाइनली 20 अक्टूबर को नागपुर के एक फ्लैट से उसकी गिरफ्तारी हुई. उनकी गिरफ्तारी पर जानकारी देते हुए यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने कहा,
श्रद्धा दुबे लखनऊ पुलिस की 50 हजार की इनामी थी. वो शिवा शर्मा मर्डर केस में वांछित (वॉन्टेड) थी. नागपुर से उसकी गिरफ्तारी हुई है. साथ में उसकी बहन और ड्राइवर भी हैं. इन लोगों ने पुलिस को काफी चकमा दिया. ये लोग बुर्का पहनते थे. टैक्सी से ट्रेवल करते थे. टैक्सी को एक जगह छोड़ किसी और साधन को लेकर ये आगे बढ़ जाते थे, ताकि पुलिस इन तक जल्दी पहुंच न पाए. जब तक पुलिस उन जगहों पर पहुंचती, ये आगे निकल जाया करते थे. इस कारण से थोड़े समय तक इन्होंने पुलिस को चकमा दिया. लेकिन फाइनली नागपुर से यूपी पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया.
लखनऊ के हजरतगंज इलाके में बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद 28 वर्षीय कारोबारी शिवा शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां रात करीब 9 बजे उनकी मौत हो गई. इसके बाद उनकी मां रंजना शर्मा ने श्रद्धा दुबे और अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया. पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया. जांच के दौरान श्रद्धा, उसकी बहन और ड्राइवर पुलिस के रडार पर आए. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तीनों घटना के बाद लखनऊ से निकल गए थे.
लखनऊ से रुपईडीहा बॉर्डर और फिर भागे नेपालशिवा की मौत के बाद श्रद्धा दुबे अपनी स्कॉर्पियो से लखनऊ से निकली. उनकी गाड़ी चौक और पक्के पुल के रास्ते सीतापुर होते हुए बहराइच जिले के रुपईडीहा बॉर्डर तक पहुंची. 10 अक्टूबर की सुबह करीब 6:10 से 6:20 बजे के बीच गाड़ी सीमा के पास कस्टम कार्यालय की पार्किंग में खड़ी मिली. इसके बाद पुलिस को आशंका हुई कि तीनों पैदल सीमा पार कर नेपाल चले गए. सीमा के पास गाड़ी मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने मोबाइल सर्विलांस और अन्य तकनीकी सुरागों के जरिए उनकी तलाश तेज कर दी.
नेपाल में अलग अलग जगहों पर छिपी थी श्रद्धानेपाल पहुंचने के बाद श्रद्धा की लोकेशन को लेकर अलग-अलग खबरें सामने आईं. कुछ रिपोर्ट में नेपाल के बांके और सुर्खेत का जिक्र किया गया, जबकि दूसरी खबरों में पोखरा में उसकी मौजूदगी की बात कही गई. पुलिस ने इन जानकारियों के आधार पर तलाश की और नेपाल पुलिस से संपर्क साधा. लेकिन इन सभी जगहों पर श्रद्धा के ठहरने की पुष्टि नहीं हुई. इस बीच पुलिस ने श्रद्धा, उसकी बहन और ड्राइवर पर इनाम की राशि बढ़ाकर 50 हजार कर दी.
फरारी के दौरान श्रद्धा ने जारी किया था वीडियोपुलिस की तलाश के बीच श्रद्धा दुबे के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए. इन वीडियो में उसने खुद को निर्दोष बताया और शिवा शर्मा की मौत को हत्या के बजाय आत्महत्या करार दिया. श्रद्धा का दावा था कि शिवा भारी कर्ज और मानसिक तनाव से परेशान था. उसने यह भी मांग की कि अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज सामने लाए जाएं, ताकि घटना का सच सामने आ सके. हालांकि इन वीडियो से श्रद्धा की लोकेशन नहीं पता चल रही थी.
17-18 अक्टूबर: नेपाल से वापसी और वकील से मुलाकातफरारी के बीच श्रद्धा से दोबारा यूपी लौटी. महाराजगंज सीमा के रास्ते एंट्री ली. 18 अक्टूबर को लखनऊ हाई कोर्ट परिसर में वकीलों से मुलाकात करने और कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की बात भी सामने आई. इस बीच मामले की जांच में लापरवाही को लेकर पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हुई.
19 अक्टूबर: आगरा से सहारनपुर!लखनऊ में वकील से मुलाकात के बाद श्रद्धा के आगरा पहुंचने की खबर आई. रिपोर्टों के मुताबिक, उसने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे का रास्ता लिया और आगरा के एक होटल में ठहरी. फिर उसके पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की तरफ जाने की सूचना भी सामने आई.
20 अक्टूबर: आगरा से नागपुर तक पहुंचने का सुरागआगरा के बाद श्रद्धा, उसकी बहन और ड्राइवर के नागपुर पहुंचने की जानकारी सामने आई. शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने आगरा से विमान के जरिए नागपुर की यात्रा की थी. हालांकि अभी फ्लाइट की डिटेल सामने नहीं आई है. दरअसल जांच एजेंसियों को आगरा में किराए पर ली गई टैक्सी से सुराग मिले, जिनके आधार पर पुलिस नागपुर तक पहुंची. श्रद्धा दुबे 11 दिनों तक लखनऊ पुलिस के साथ चोर-पुलिस का खेल खेल रही थी.
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जिस भी लोकेशन पर पुलिस पहुंचती मालूम चलता श्रद्धा दस बारह घंटे पहले यहां से जा चुकी है. लिहाजा, पुलिस पर सवाल उठ रहे थे. आला अधिकारी सवालों से बचने लगे और आखिरकार पुलिस के तीन बड़े अधिकारी हटा दिए गए. अब जब श्रद्धा दुबे को लखनऊ लाया जा रहा है. जाहिर तौर पर पुलिस पूछताछ करेगी. जांच टीम यह भी जानना चाहेगी की क्या श्रद्धा फरारी के दौरान किसी के कांटेक्ट में थी और क्या कोई उसे गाइड कर रहा था? अब जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि 11 दिनों के दौरान उनके हर ठिकाने, यात्रा के पूरे रास्ते और नागपुर में उन्हें किसने पनाह दी, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने आना बाकी है.
वीडियो: यूपी बुलेटिन: श्रद्धा दुबे को क्यों नहीं पकड़ पा रही यूपी पुलिस?












