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'रांका और सौरव दास के ऑर्डर फॉलो करता था', अभिजीत दिपके ने अब ये क्यों बोला?

CJP फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि कुछ लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं. उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि खुद को बचाने के लिए उन्होंने आंदोलन को लीड किए जाने की जिम्मेदारी आशुतोष रांका और सौरव दास पर डाल दी.

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अभिजीत दिपके (बाएं) ने आशुतोष रांका (बीच में) और सौरव दास (दाएं) को CJP का असली लीडर बताया. (Courtesy: PTI)

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  • कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाने में को-कन्वीनर आशुतोष रांका और सौरव दास की सबसे बड़ी भूमिका रही, जबकि वे खुद आंदोलन के नेता नहीं थे।
  • अभिजीत दिपके के इस बयान के पीछे दिल्‍ली पुलिस के 13 अक्टूबर को आशुतोष रांका और सौरव दास को नियंत्रित विरोध स्थल पर जबरन प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार करना और बाद में न्यायिक हिरासत में भेजना है।
  • इस बयान के बाद आंदोलन के नेताओं पर टिप्पणी और जांच तेज हो गई है, और अगले चरण में 21 अक्टूबर को आशुतोष रांका और सौरव दास को पुनः मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दिपके ने दावा किया कि CJP आंदोलन को आगे बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका को-कन्वीनर आशुतोष रांका और सौरव दास की रही. उन्होंने कहा कि भले ही बाहर से उन्हें मूवमेंट का लीडर माना जा रहा हो, लेकिन वे आशुतोष और सौरव के आदेशों का पालन करते थे. अभिजीत के इस बयान के बाद सवाल उठने लगे कि क्या उन्होंने खुद को बचाने के लिए आंदोलन की जिम्मेदारी आशुतोष और सौरव पर डाल दी? अब अभिजीत ने इन आरोपों पर पलटवार किया है. फिलहाल, आशुतोष और सौरव जेल में बंद हैं.

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20 अक्टूबर को अभिजीत दिपके के 16 मिनट 24 सेकेंड के इमोशनल वीडियो से मामला ने तूल पकड़ा. वीडियो में उन्होंने कहा कि वे CJP मूवमेंट के असली लीडर नहीं थे. इसी आंदोलन ने जुलाई 2026 में धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया था. अगर अभिजीत आंदोलन के लीडर नहीं थे, तो फिर कौन था?

क्या बोले अभिजीत दिपके?

CJP के फाउंडर अभिजीत ने खुद इसका जवाब दिया. उन्होंने कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाने और कामयाब करने में आशुतोष रांका और सौरव दास का सबसे बड़ा रोल रहा. अभिजीत ने कहा,

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"बाहर लगता होगा कि मैं लीडर था. मैं लीडर नहीं था. आशु (आशुतोष रांका) और सौरव (सौरव दास) थे, जो मुझे बोलते थे कि कल तुम्हें यहां जाना हैं, कल तुम्हें ये करना है, वो करना है. और मैं बस चुपचाप हां बोलता था कि ठीक है, मैं कर लेता हूं."

खुद को बचाने पर अभिजीत का पलटवार

इस वीडियो में अभिजीत ने आशुतोष और सौरव को अपना भाई बताया. इसके बाद उन्होंने एक और वीडियो पोस्ट किया, जिसमें कहा कि कुछ लोग उन्हें ट्रोल कर रहे हैं. उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि खुद को बचाने के लिए उन्होंने आंदोलन को लीड किए जाने की जिम्मेदारी आशुतोष और सौरव पर डाल दी.

अभिजीत ने सफाई देते हुए कहा कि वे तानाशाही सोच के लोग नहीं हैं, जहां केवल उनकी बात को सही माना जाए. अगर कोई उनसे बेहतर है, तो उन्हें यह स्वीकार करने में कोई संकोच नहीं है. उन्होंने कहा कि सौरव और आशुतोष उनसे बेहतर लीडर ही नहीं, बल्कि बेहतर इंसान भी हैं.

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अभिजीत दिपके ने कहा,

"अगर कोई मुझसे बेहतर है, तो मुझे ये कबूल करने में जरा भी संकोच नहीं है कि वो इंसान मुझसे बेहतर है. वो मुझसे बेहतर सोच सकता है, मुझसे बेहतर समझ सकता है, मुझसे बेहतर फैसले ले सकता है. इस मामले में मुझे ये कहने में कोई शर्म नहीं है कि सौरव और आशु (आशुतोष रांका) मुझसे बहुत बेहतर लीडर हैं. और केवल लीडर ही नहीं, मुझसे बेहतर इंसान भी हैं... मुझे गर्व है कि मेरे दो भाई बहुत स्मार्ट, बहुत इंटेलिजेंट और बहुत मजबूत हैं.. हम एक परिवार की तरह हैं. हम डिस्कस करते हैं. जिसका आइडिया-सजेशन बेस्ट होता है, उस पर काम करते हैं... आप हमें बांट नहीं सकते."

जेल में क्यों हैं आशुतोष और सौरव?

इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, 20 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने आशुतोष रांका और सौरव दास के खिलाफ दर्ज एक केस क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है. अब क्राइम ब्रांच के पास दोनों लीडर्स के दो मामलों की जांच आ गई है.

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर की सुबह CJP के सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्ये शिंदे अन्य 11 अन्य लोगों के साथ जबरन जंतर-मंतर पहुंच गए थे. इस जगह को निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया था.उन्होंने वहां तिरंगा फहराया और नारे लगाए.  आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों के रोकने के बावजूद वे नहीं माने और पुलिस के काम में अड़चन डाली. इसके बाद 14 लोगों को हिरासत में लिया गया.

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सौरव और आशुतोष को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई. अब दोनों को 21 अक्टूबर को फिर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा.

वीडियो: अभिजीत दिपके हुए रिहा, अदालत ने इस शर्त पर छोड़ा

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