कांग्रेस सांसद शशि थरूर पार्टी की एक अहम बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे. यह बैठक केरल विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा के लिए बुलाई गई है. सूत्रों के मुताबिक थरूर को कांग्रेस के कोच्चि महापंचायत कार्यक्रम में 'अपमानित' महसूस हुआ था. इसके बाद उन्होंने फैसला लिया है कि वह आगामी बैठक का हिस्सा नहीं होंगे.
कांग्रेस की अहम बैठक में नहीं जाएंगे शशि थरूर, राहुल गांधी के कार्यक्रम में 'अपमानित' होने से नाराज
पार्टी सूत्रों के मुताबिक Shashi Tharoor और Congress High Command के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता Sandeep Dikshit का एक बयान भी इसी ओर संकेत देता दिखाई पड़ता है.


इंडिया टुडे की रिपोर्ट में पार्टी के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि थरूर फिलहाल कांग्रेस के केंद्रीय और राज्य, दोनों के नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं. इधर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने इस खबर पर कहा है कि जो लोग जरूरी नहीं हैं, उनके न आने से कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा,
केरल के सभी मज़बूत और सीनियर नेता आ रहे हैं. जो लोग कांग्रेस के लिए जरूरी हैं, वे आ रहे हैं. अगर ऐसे नेता जो बड़े चेहरे नहीं हैं या पार्टी के लिए ज़रूरी नहीं हैं, वे नहीं आते हैं तो कोई फर्क नहीं पड़ता.
ऐसे में थरूर के न आने के फैसले और फिर सीनियर कांग्रेस नेता के इस तरह के बयान से साफ है कि शशि थरूर और पार्टी के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. मालूम हो कि इससे पहले भी थरूर और पार्टी आलाकमान के बीच खींचतान की खबरें आती रही हैं. लेकिन सूत्रों का कहना है कि हाल ही में कोच्चि में हुए महापंचायत कार्यक्रम के बाद शशि थरूर की नाराजगी और बढ़ गई है.
इंडिया टुडे के मुताबिक कोच्चि में हुए कार्यक्रम में बैठने और बोलने के शेड्यूल को लेकर दिक्कतें आईं थीं. सूत्रों के मुताबिक थरूर को बताया गया था कि उनके बाद सिर्फ राहुल गांधी ही बोलेंगे. लेकिन बाद में अन्य नेताओं ने राहुल से पहले भाषण दिया. आरोप है कि इसे थरूर के सार्वजनिक अपमान के तौर पर देखा गया. खासकर पार्टी में उनकी वरिष्ठता के लिहाज से.
प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोपबताया गया है कि शुरुआत में निर्देश दिया गया था कि शशि थरूर के बाद कार्यक्रम में राहुल गांधी बोलेंगे. लेकिन राहुल गांधी के आने के बाद भी कई अन्य पार्टी नेताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया. सूत्रों के मुताबिक तय योजना से अलग चलना थरूर की असंतुष्टि का कारण बना. खासकर भाषण देने वालों के लिए बनाए गए प्रोटोकॉल के उल्लंघन को देखते हुए.
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कहा यह भी जा रहा है कि महापंचायत में भाषण के दौरान राहुल गांधी ने एक बार भी शशि थरूर का नाम नहीं लिया. इस अनदेखी ने उनकी असंतुष्टि और बढ़ा दी. फिलहाल जानकारी है कि थरूर कांग्रेस हाई कमान की बैठक में शामिल नहीं होंगे. हालांकि वह शुक्रवार, 23 जनवरी को केरल साहित्य महोत्सव में हिस्सा लेने वाले हैं.
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