असम सरकार ने 'ओरुनोदोई' योजना के तहत राज्य के 40 लाख परिवारों की महिलाओं के खाते में 9-9 हजार रुपये ट्रांसफर किए हैं. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने खुद गुवाहाटी में आयोजित केंद्रीय समारोह में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 3800 करोड़ रुपये महिला लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर किए.
चुनाव से पहले असम में 'खटाखट-खटाखट', महिलाओं को 4 महीने की सहायता राशि एकसाथ मिल गई
असम सरकार ने राज्य में होने वाले चुनावों से पहले 40 लाख परिवारों की महिलाओं के खातों में 3800 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया कि इस योजना का आने वाले विधानसभा चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है.


मुख्यमंत्री हिमंता ने लाभार्थी महिलाओं का एक वीडियो एक्स पर शेयर करते हुए लिखा,
'मुस्कान ही सब कुछ बयां कर देती है. आज हमने असम की सबसे बड़ी DBT स्कीम 'Orunodoi 3.0' के जरिए 40 लाख जरूरतमंद परिवारों को 3800 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए. यह सिर्फ पैसे की मदद नहीं है. यह हर उस महिला की इज्जत और सम्मान के लिए है जो एक परिवार की मुखिया है.'

वहीं असम मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इसे महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा और गरिमा को मजबूत करने वाली पहल बताया. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से आगे बताया गया,
‘राज्य भर की लाभार्थी महिलाओं ने ग्राम पंचायत, स्वायत्त परिषद निर्वाचन क्षेत्रों ग्राम विकास समितियों और शहरी वार्ड समितियों में आयोजित 3,800 से ज्यादा सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए वर्चुअली गुवाहाटी में आयोजित केंद्रीय कार्यक्रम में भाग लिया.’
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया कि इस योजना का आने वाले विधानसभा चुनाव से कोई लेना देना नहीं है. उन्होंने कहा,
‘अगर इसका संबंध चुनावों से होता तो हर जगह इसकी चर्चा हो रही होती. यह सरकार की करुणा से भरी नीति है. पिछले कई सालों से हम ऐसा करते आ रहे हैं.’
‘ओरुणोदोई’ असम की प्रमुख गरीबी उन्मूलन योजना है. इसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,250 रुपये दिए जाते हैं. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ऐलान किया था कि जनवरी से अप्रैल तक के चार महीनों का भुगतान (5 हजार रुपये) और बोहाग बिहू (असमिया नववर्ष) के लिए विशेष अतिरिक्त राशि मार्च में एक साथ दी जाएगी. पहले इस योजना के तहत 8 हजार रुपये दिए जाने थे. लेकिन फिर इसे बढ़ाकर 9 हजार कर दिया गया.
अब सीएम हिमंता बिस्वा सरमा कह रहे हैं कि इसका चुनाव से कोई संबंध नहीं है. हालांकि उनकी सरकार ने इस योजना के तहत अतिरिक्त राशि ऐसे समय में ही बांटी है जब राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. बीजेपी राज्य में तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में जुटी है.
हालांकि मुख्यमंत्री हिमंता ने दावा किया कि चुनाव जीतने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी को जाता है न कि योजनाओं को. उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं तो विपक्षी शासित राज्यों में भी चल रही हैं.
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