ईरान पर हमला करने के बाद ‘सफाई’ और ‘धमकी’ साथ-साथ देते फिर रहे डॉनल्ड ट्रंप का नया दावा है कि अगर वो ये अटैक नहीं करते तो इजरायल साफ हो जाता. फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम में बोलते हुए डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान एक बहुत ताकतवर देश था, लेकिन अमेरिका ने उन्हें बहुत बुरी तरह से हरा दिया. अगर वो ईरान पर बी-2 बॉम्बर से हमला नहीं करते तो दो हफ्तों के अंदर उसके पास परमाणु बम होता.
'हम न होते तो इजरायल का सफाया हो जाता', ईरान युद्ध पर ट्रंप ने कबूला सच
डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान मिडिल-ईस्ट पर कब्जा करना चाहता था और उनके पास इसे साबित करने के लिए ‘अच्छे सबूत’ हैं.
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ट्रंप ने ईरान पर मध्य-पूर्व पर कब्जा करने का आरोप लगाया और कहा कि पश्चिम एशिया के तमाम देश जो तटस्थ रहना चाहते थे वो अमेरिका के साथ तब आए जब ईरान ने उन पर मिसाइलें गिरानी शुरू कर दीं.
ट्रंप ने कहा कि ईरान को इस जंग में पहले ही हार मान लेनी चाहिए थी. उनके पास अब कुछ नहीं बचा है. जब सब कुछ खत्म हो जाएगा तब इसके सही आंकड़े आएंगे. उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा से एक संकट का बादल था जो न सिर्फ इजरायल पर बल्कि पूरे क्षेत्र पर मंडरा रहा था. अगर बी-2 बॉम्बर से उस पर हमला नहीं किया गया होता तो इजरायल खत्म हो गया होता. उनके (ईरान) के पास दो हफ्तों में न्यूक्लियर हथियार होता.
ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान मिडिल-ईस्ट पर कब्जा करना चाहता था और उनके पास इसे साबित करने के लिए ‘अच्छे सबूत’ हैं. जो मिसाइलें ‘बेवकूफी से’ कतर, सऊदी अरब, UAE पर दागी गई थीं वो उन देशों पर दागी गईं जो इस जंग में तटस्थ रहना चाहते थे. जो अमेरिका को अकेला छोड़ देने के मूड में थे. ट्रंप ने कहा,
“वो ठीक थे और एक तरह से न्यूट्रल थे. लेकिन उन्होंने अचानक से जंग में हिस्सा नहीं लिया. उन पर मिसाइलों से हमला हो रहा था और वो दो में से किसी एक रास्ते पर जा सकते थे. या तो वे उनकी (ईरान की) तरफ जा सकते थे. या फिर वे हमारी तरफ आ सकते थे और वे सच में हमारी तरफ आए.”
ट्रंप ने आगे कहा,
“अमेरिका के पास ईरान पर हमला करने के अलावा कोई चारा नहीं था. अगर हमने हमला नहीं किया होता तो वो हमारे पीछे आते. मैं देख रहा हूं कि डेमोक्रेट्स (अमेरिका का विपक्षी दल) इसे गलत ठहराने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन वो इसमें कामयाब नहीं हैं. वो हमेशा कह रहे हैं कि हमले की कोई वजह नहीं थी लेकिन वोटर उनसे कह रहा है, आप मजाक कर रहे हैं क्या?”
ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया कि अगर उसके पास न्यूक्लियर हथियार होता तो वो इसका इस्तेमाल इजरायल पर करते. यह एक बड़ा हमला होने वाला था. उन्होंने कहा कि ईरान के पास जो भी मिसाइल साइट्स या लॉन्च साइट्स थीं, उसमें से 80 फीसदी अमेरिकी सेना ने नष्ट कर दिया है. ये सब अब बहुत कम हो गया है. ईरान के पास बहुत कम मिसाइल लॉन्च बचे हैं. अमेरिकी सेना ने कमाल का काम किया है.
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के पास मिसाइलें और ड्रोन काफी हद तक खत्म हो चुके हैं. अमेरिका उन जगहों पर हमला कर रहा है जहां ईरान ड्रोन बनाता है. आखिर में उन्होंने इशारा किया कि ये युद्ध बहुत जल्दी खत्म होने वाला है. उन्होंने कहा कि युद्घ खत्म होने के बाद हमारे पास ज्यादा सुरक्षित दुनिया होगी.
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