मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों पर दिल्ली पुलिस की हालिया कार्रवाई के बाद इतिहास की अलमारी से सिर्फ ‘आपातकाल’ शब्द की वापसी नहीं हुई. एक कविता भी वापस लौटी है, जो 1975 के ‘जेपी मूवमेंट’ का मंत्र बन गई थी. रामधारी सिंह दिनकर की लिखी ‘जनतंत्र का जन्म’ कविता का एक अंश ‘सिंहासन खाली करो कि जनता आती है’ उस आंदोलन का बड़ा नारा बन गया था. अब शशि थरूर ने वही कविता दोहराते हुए राहुल गांधी के सुर में अपना सुर मिलाया है कि ‘मौजूदा सरकार को जाना पड़ेगा.’
'ये सरकार जाएगी', शशि थरूर का दावा, मोदी सरकार को वही कविता याद दिलाई
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने राहुल गांधी के 'यह सरकार जाएगी' वाले बयान का समर्थन करते हुए रामधारी सिंह दिनकर की मशहूर कविता 'जनतंत्र का जन्म' की पंक्तियां शेयर कीं. इससे पहले भी उन्होंने पीएम मोदी के आपातकाल पर 2015 के पुराने ट्वीट को शेयर करते हुए तंज कसा था.

डिप्लोमेट से राजनेता बने शशि थरूर ने सबसे पहले तो राहुल गांधी की वो स्पीच ‘एक्स’ पर शेयर की, जो उन्होंने बीते दिनों संसद के सेंट्रल हॉल में दी थी. इसमें उन्होंने जवाहर लाल नेहरू के ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ वाले मशहूर भाषण का जिक्र किया और अंत में काफी जोर देते हुए ये भी कहा कि ‘मोदी सरकार जाएगी. उसके बाद लोकतंत्र की मरम्मत होगी.' थरूर ने राहुल गांधी की ये वाली स्पीच शेयर करते हुए लिखा,
This government will go. यह सरकार जाएगी.
इसके बाद ‘पोएम ऑफ द डे’ (आज की कविता) नाम की पोस्ट में उन्होंने रामधारी सिंह दिनकर की वो प्रसिद्ध पंक्तियां शेयर कीं, जिसका इशारा भी यही है कि सरकार को कुर्सी छोड़नी होगी. थरूर ने कविता की चार पंक्तियां लिखीं,
'युवाओं को सिखाने के लिए थैंक्यू मोदी जी'"लेकिन होता भूडोल, बवंडर उठते हैं,
जनता जब कोपाकुल हो भृकुटि चढ़ाती है.
दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो,
सिंहासन खाली करो कि जनता आती है."
इससे पहले शनिवार, 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट वाले दिन भी थरूर ने पीएम मोदी पर कटाक्ष करते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया था. इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2015 में किए गए एक ट्वीट को रीपोस्ट किया था. 25 जून 2015 को पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा था,
‘व्यक्तिगत तौर पर कहूं तो आपातकाल की यादें आज भी मेरे जेहन में ताजा हैं. जब हम युवा थे, तब आपातकाल के खिलाफ चले आंदोलन के दौरान हमने बहुत कुछ सीखा था.’
पीएम मोदी की इस पुरानी पोस्ट को 2026 में (11 साल बाद) शेयर करते हुए शशि थरूर ने लिखा,
आज के युवाओं को भी वही कई सबक सिखाने के लिए धन्यवाद. मोदी जी!

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शशि थरूर की ओर से आया ये बयान इसलिए भी अहम है क्योंकि कांग्रेस में रहते हुए भी वह मोदी सरकार को लेकर नरम रुख रखने वाले कहे जाते हैं. कई मौकों पर उन्होंने मोदी सरकार की तब तारीफ की, जब उनकी पार्टी जोरदार तरीके से सरकार की आलोचना में लगी थी. चाहे ऑपरेशन सिंदूर का मामला हो या फिर 2023 के जी-20 की मेजबानी के दौरान ‘दिल्ली घोषणापत्र’ को भारत सरकार की कूटनीतिक जीत बताना हो. कई मौकों पर थरूर ने मोदी सरकार की प्रशंसा कर अपनी ही पार्टी को असहज किया है.
हाल की बात करें तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जब राहुल गांधी सड़क पर उतरे थे तब भी थरूर कहीं नजर नहीं आए. कांग्रेस में ‘थरूर की नाराजगी की आशंका’ खोजने वाले लोगों ने इसे मुद्दा भी बनाया.
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