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जंतर मंतर पर अब नहीं होगा प्रदर्शन, गृह मंत्रालय ने प्रोटेस्ट साइट से किया डिनोटिफाई

Jantar-Mantar: दिल्ली के जंतर-मंतर को अब ‘प्रोटेस्ट साइट’ से डिनोटिफाई कर दिया गया है. फैसला गृह मंत्रालय के आदेश पर लिया गया है. आज 12 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के नेताओं ने प्रोटेस्ट का कॉल दिया था.

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दिल्ली के जंतर-मंतर को 'प्रोटेस्ट साइट' से डिनोटिफाई कर दिया गया है. (courtesy: ITG)

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  • दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय के आदेश के तहत 11 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की साइट से डिनोटिफाई कर दिया, जिससे वहां धरना-प्रदर्शन अब मान्य नहीं होंगे।
  • यह निर्णय सुरक्षा कारणों से लिया गया है, जबकि जंतर-मंतर पिछले महीनों से नारेबाज़ी और धरना प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र था, जिसके कारण नई जगहों पर प्रदर्शन स्थलों का चयन किया गया।
  • नए आदेश के तहत तीन नई प्रदर्शन स्थलों को तय किया गया है और संबंधित SOP जारी किए जाएंगे, साथ ही CJP और अन्य समूह इस निर्णय के खिलाफ 24 घंटे का अल्टीमेटम दे रहे हैं।

दिल्ली का जंतर-मंतर अब ‘प्रोटेस्ट साइट’ नहीं रहा. मतलब अब यहां धरना-प्रदर्शन नहीं होगा. दिल्ली पुलिस ने इसे ‘प्रोटेस्ट साइट’ से डिनोटिफाई कर दिया है. यह जगह पिछले कुछ महीनों से नारेबाज़ी, धरना-प्रदर्शन और चर्चा का केंद्र बना हुआ था. दिल्ली पुलिस ने ऑर्डर में सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है. साथ ही प्रोटेस्ट के लिए तीन नए ग्राउंड भी तय किए हैं. 

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आज यानी 12 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक के नेता प्रोटेस्ट कर रहे हैं. CJP ने भी दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट के लिए परमिशन मांगी है. मगर इसी बीच गृह मंत्रालय के आदेश पर ये ऑर्डर जारी कर दिया गया. हालांकि, सरकार के इस फैसले पर सियासी संग्राम होना भी तय माना जा रहा है.

गृह मंत्रालय ने जारी किया आदेश

11 अक्टूबर, 2026 के ऑर्डर के मुताबिक, तीन नई तय की गई जगहें हैं. ये हैं पुरानी दिल्ली में रामलीला मैदान, पूर्वी दिल्ली में CBD ग्राउंड और उत्तरी दिल्ली में बुराड़ी ग्राउंड. ये तीनों जगहें जंतर-मंतर से क्रमश: 3 किलोमीटर , 13.5 किलोमीटर और 44 किलोमीटर की दूरी पर हैं. जंतर-मंतर लुटियंस दिल्ली का हिस्सा है. 

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दिल्ली पुलिस का आदेश.

दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने ऑर्डर पर हस्ताक्षर किया है. इस आदेश में 28 अप्रैल, 2022 के उस पुराने आदेश में कुछ बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की जगह के तौर पर तय किया गया था. पुलिस ने कहा कि नए जगहों पर विरोध-प्रदर्शन और रैलियों के आयोजन से जुड़े विस्तृत और संशोधित स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) अलग से जारी किए जाएंगे.

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CJP का 24 घंटे का अल्टीमेटम

जंतर-मंतर को डिनोटिफाई करने के फ़ैसले पर CJP लीडर सौरव दास ने कहा, 

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‘यह मंज़ूर नहीं है. नरेंद्र मोदी जंतर-मंतर से क्यों डरते हैं? जंतर-मंतर भारत के लोगों का है. क्या गृह मंत्रालय ने भारत के लोगों से सलाह ली? क्या किसी स्टेकहोल्डर से सलाह ली गई? क्या किसी संगठन से सलाह ली गई? जिस तरह वे लोगों के जंतर-मंतर को डिनोटिफाई कर रहे हैं, वैसे ही प्रधानमंत्री जल्द ही भारत में लोकतंत्र को भी डिनोटिफाई कर देंगे. यह कदम उसी दिशा की ओर बढ़ रहा है. प्रोटेस्ट करना हमारा मौलिक अधिकार है. अब पूरा देश जंतर-मंतर बन रहा है!'

इससे पहले सौरव दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट की अनुमति मांगी थी. लेकिन पुलिस ने उन्हें तुरंत कोई जवाब नहीं दिया. CJP लीडर्स ने कहा कि उन्होंने दिल्ली पुलिस को प्रोटेस्ट करने की तारीख और समय देने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने ऐलान किया कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वो फिर से मार्च निकालेंगे. उधर, INDIA-ब्लॉक और लेफ्ट यूथ विंग का विरोध प्रदर्शन जारी है.   

वीडियो: अभिजीत दिपके और सौरव दास ने जंतर मंतर प्रदर्शन पर अमित शाह और मोदी सरकार को क्या चेतावनी दी?

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