पिछले साल क्रिसमस के मौके पर एक शख्स ने चर्च के पादरी के साथ बदतमीजी की थी. मदर मैरी और पैगंबर मोहम्मद के बारे में ज़हरीली बातें बोलने वाला, धार्मिक संवेदनाओं और सार्वजनिक व्यवहार की धज्जियां उड़ाने वाला ये शख्स खुद को सत्यनिष्ठ आर्य बताता था. लेकिन कहानी कुछ और ही निकली. उत्तराखंड के ऋषिकेश से पुलिस ने इस शख्स को गिरफ्तार किया. आरोप है कि ये सत्यनिष्ठ आर्य की पहचान के साथ रह रहा था, लेकिन असलियत कुछ और है.
तिलक लगाकर पैगंबर के लिए जहरीली बातें बोलीं, जांच में निकला बांग्लादेशी, नाम- सनीउर रहमान
Satyanisth Arya Bangladeshi: आरोप है कि सनीउर रहमान ने अपनी पहचान छिपाने के लिए गाजियाबाद के पते पर आधार कार्ड बनवा लिया. यानी सिस्टम को चकमा देकर सालों से यहां रह रहा था. इतना ही नहीं वो UPI के जरिए चंदा भी जुटा रहा था. पुलिस जांच में सामने आया कि सत्यनिष्ठ आर्य का असली नाम सनीउर रहमान है. ये बांग्लादेश के बैसड़ी मधुखाली फरीदपुर का रहने वाला है.


पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि सत्यनिष्ठ आर्य का असली नाम सनीउर रहमान है. ये बांग्लादेश के बैसड़ी मधुखाली फरीदपुर का रहने वाला है. ये कोई हालिया एंट्री नहीं, बल्कि साल 2016 से भारत में रह रहा था.
18 अप्रैल को ऋषिकेश पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत चेकिंग अभियान चलाया. इसी दौरान एक शख्स पर शक हुआ. पूछताछ हुई, लेकिन जवाब गोलमोल मिल रहे थे. फिर उसे थाने लाया गया. जब सख्ती बढ़ी तब जाकर कहानी खुली.
पूछताछ में पता चला कि वो गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही लक्ष्मण झूला आया था. इससे पहले वो पश्चिम बंगाल, दिल्ली और गाजियाबाद समेत कई जगहों पर रह रहा था. खबरों के मुताबिक, सनीउर रहमान नेपाल के रास्ते भारत में घुसा था. उसके पास से बांग्लादेशी पासपोर्ट भी मिला, जिसकी वैलिडिटी 2018 में ही खत्म हो चुकी थी.
लेकिन असली खेल यहीं से शुरू होता है. आरोप है कि सनीउर रहमान ने अपनी पहचान छिपाने के लिए गाजियाबाद के पते पर आधार कार्ड बनवा लिया. यानी सिस्टम को चकमा देकर सालों से यहां रह रहा था. इतना ही नहीं वो UPI के जरिए चंदा भी जुटा रहा था.
सोशल मीडिया पर एक्टिवऔर सोशल मीडिया? वहां भी काफी एक्टिव था. सत्यनिष्ठ आर्य के नाम से वीडियो डालता, जो वायरल भी होते थे. पहचान बदलने के बाद वो हिंदू संगठनों के कार्यक्रमों में भी शामिल होने लगा. इतना ही नहीं, मुस्लिम और ईसाई धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी करता रहा. पिछले साल क्रिसमस पर तो उसने गाजियाबाद के एक चर्च में घुसकर पादरी के साथ बदसलूकी भी की थी. जिसका वीडियो भी सामने आया था.
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने उसे फर्जी दस्तावेज बना कर भारत में अवैध तरीके से रहने और पहचान छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया. उसके खिलाफ कोतवाली लक्ष्मण झूला में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 338, 336(3), 340(2) और आप्रवासन एवं विदेशी अधिनियम-2025 की धारा 3/21 के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां आरोपी के बारे में और जानकारी जुटा रही हैं.
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