मणिपुर एक बार फिर से हिंसा की चपेट में आ गया है. यहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई है. प्रोटेस्ट कर रहे लोग राज्य के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह के आवास की तरफ मार्च कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोका. यहीं पर पुलिस से उनकी झड़प हो गई. बाद में झड़प हिंसक हो गई. ये विरोध प्रदर्शन 'कोऑर्डिनेटिंग कमिटी ऑन मणिपुर इंटीग्रिटी' (COCOMI) के बैनर तले आयोजित किए गए थे. इसमें प्रदर्शनकारियों ने शहर के अलग-अलग हिस्सों से चार अलग-अलग रैलियां निकाली थीं.
मणिपुर फिर क्यों सुलग उठा? CM आवास की ओर जा रहे प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प
प्रोटेस्ट कर रहे लोग नारेबाजी की साथ हाथ में पोस्टर लिए हुए थे. ये लोग हाल ही में एक 5 साल की लड़के और 6 साल की लड़की की लिए न्याय की मांग कर रहे थे. 7 अप्रैल को बिष्णुपुर में हुए एक बम धमाके में ये दोनों बच्चे मारे गए थे. ये धमाका तब हुआ, जब दोनों बच्चे घर में अपनी मां की पास सो रहे थे.


हालांकि, सभी जुलूसों को मेन जगहों जैसे कि केइसमपत जंक्शन, कांगला गेट, कोनूंग मामंग और मोइरांगखोम पर रोक दिया गया. सुरक्षाबलों की भारी तैनाती के कारण बाबूपारा इलाके में मुख्यमंत्री के बंगले तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया था.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक स्थिति मुख्यमंत्री के आवास से लगभग 2 किलोमीटर दूर, खुराई लामलोंग में बिगड़नी शुरू हुई. प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की. इसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के कई गोले दागे. बवाल के बावजूद बाद में एक छोटे डेलिगेशन को सीएम से मिलने की परमिशन दी गई. डेलिगेशन ने अपनी मांगों को गिनाते हुए सीएम को एक ज्ञापन सौंपा है.
प्रोटेस्ट कर रहे लोग नारेबाजी के साथ हाथ में पोस्टर लिए हुए थे. ये लोग हाल ही में एक 5 साल की लड़के और 6 साल की लड़की की लिए न्याय की मांग कर रहे थे. 7 अप्रैल को बिष्णुपुर में हुए एक बम धमाके में ये दोनों बच्चे मारे गए थे. ये धमाका तब हुआ, जब दोनों बच्चे घर में अपनी मां की पास सो रहे थे. धमाके से घर की परखच्चे उड़ गए. इस घटना में उनकी मां भी घायल हो गई. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सीएम से हिंसा से प्रभावित हुए परिवारों को उचित मुआवजा देने और उन्हें वापस से बसाने की मांग की.
वहीं COCOMI की वाई के धीरेन ने सीएम से मीटिंग के बाद बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो उनका प्रदर्शन और भी बड़ा होता जाएगा. उन्होंने कहा कि 2023 में जबसे ये हिंसा शुरू हुई है, तब से इसका कोई समाधान नहीं निकला. वहीं COCOMI के प्रवक्ता नाहकपम शांता सिंह ने कहा कि उनका संगठन बम धमाके में दो बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार से 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (की गई कार्रवाई की रिपोर्ट) की मांग कर रहा है.
इस प्रोटेस्ट से पहले 24 अप्रैल को उखरुल जिले में आपस में लड़ रहे हथियारबंद गुटों के बीच हुई अलग-अलग गोलीबारी में तीन लोग मारे गए हैं. इनमें एक तांगखुल नागा और दो कुकी-जो समुदाय से थे. इन झड़पों में कम से कम पांच और लोग घायल भी हुए, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं.
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