राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी छोड़ी और तुरंत बीजेपी में जाने का ऐलान कर दिया. चड्ढा अकेले नहीं गए. उनके साथ आम आदमी पार्टी के 6 और सांसद भी बीजेपी में जाने की पूरी तैयारी में हैं. राघव चड्ढा के दावे के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के दो तिहाई यानी 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है. AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल अभी इस झटके से उबरते कि उनके ‘राजनीतिक गुरु’ अन्ना हजारे ने उनके ‘जले पर नमक’ छिड़कने वाली बात कह दी है. अन्ना हजारे वही शख्स हैं जिनके देशव्यापी आंदोलन के नतीजे के तौर पर आम आदमी पार्टी बनी. राघव चड्ढा भी इसी वक्त AAP से जुड़े थे. अब उनके और अन्य 6 सांसदों के AAP छोड़ने पर अन्ना हजारे ने केजरीवाल की पार्टी को ही दोषी ठहराया है.
राघव चड्ढा के बीजेपी में जाने पर अन्ना हजारे ने जो कहा, केजरीवाल चिढ़ जाएंगे
AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल अभी इस झटके से उबरते कि उनके ‘राजनीतिक गुरु’ अन्ना हजारे ने उनके ‘जले पर नमक’ छिड़कने वाली बात कह दी है.


टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार, 24 अप्रैल को अन्ना हजारे ने कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल की पार्टी सही रास्ते पर होती तो राघव चड्ढा और अन्य सांसद पार्टी नहीं छोड़ते. अहिल्यानगर जिले में पत्रकारों से बात करते हुए हजारे ने कहा,
लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है. उन्होंने (राघव चड्ढा) ने जरूर पार्टी के अंदर किसी परेशानी का सामना किया होगा. तभी वो पार्टी छोड़कर चले गए.
अन्ना हजारे ने आगे कहा कि गलती (आम आदमी) पार्टी की है. अगर पार्टी सही तरीके से चलती तो ये लोग नहीं जाते. पार्टी छोड़ने वालों को संगठन के अंदर कुछ दिक्कतें रही होंगी. उन्होंने कहा,
अगर पार्टी सही दिशा में जाती तो ये लोग साथ नहीं छोड़ते. जरूर कोई न कोई कारण रहा होगा. लोकतंत्र में हर व्यक्ति को यह तय करने का हक है कि उसे कहां रहना है और कहां नहीं.
अन्ना हजारे जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता हैं. साल 2011 में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद देश भर में चर्चा में आए थे. इस आंदोलन के बाद ही आम आदमी पार्टी बनी. राघव चड्ढा भी इसी आंदोलन के दौरान AAP के साथ आए थे.
बता दें कि शुक्रवार, 24 अप्रैल को राघव चड्ढा समेत AAP के कई राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में जाने का फैसला किया. राघव चड्ढा ने कहा कि करीब दो-तिहाई AAP सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं और अब वे एक अलग समूह के रूप में काम करेंगे. इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि वह ‘गलत पार्टी में सही आदमी’ थे. चड्ढा के अलावा AAP छोड़ने वाले नेताओं में स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी जैसे बड़े नाम शामिल हैं.
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