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छात्रों के लिए मोटिवेशनल वीडियो बनाने वाले अफसर अरेस्ट, घूसखोरी का आरोप

Bihar News: बिहार के एक सर्कल अफसर पर आरोप है कि उन्होंने अपने ही विभाग के कर्मचारी से रिश्वत ली है. इस आरोप में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया है. इस बीच उनका एक मॉक इंटरव्यू भी वायरल है जिसमें वो मोटिवेशनल बातें कर रहे हैं.

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बिहार में सर्कल अफसर आकाश रौनियार पर घूस लेने का आरोप. (फोटो-स्क्रीनग्रैब)

बिहार के एक युवा प्रशासनिक अधिकारी को पुलिस ने घूसखोरी के आरोप में अरेस्ट किया है. खास बात यह है कि आकाश कुमार रौनियार स्टूडेंट्स के लिए मोटिवेशनल वीडियो बनाते थे. कुछ समय पहले अपनी सफलता की वजह से चर्चा में आए थे. लेकिन अब वो कथित रिश्वतखोरी के मामले को लेकर सुर्खियों में हैं. र‍िश्वत भी अपने ही व‍िभाग के कर्मचारी से लेने का आरोप है. कथित तौर पर उन्हें तीन लाख की र‍िश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है. इन दिनों उनका एक मॉक इंटरव्यू भी सोशल मीड‍िया पर वायरल हो रहा है. जि‍समें वो काफी मोट‍िवेशनल बातें कर रहे हैं. तो क्या है पूरा मामला? इंटरव्यू में क्या है? एक-एक कर सब समझते हैं.  

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शुरुआत र‍िश्वत वाले केस और गिरफ्तारी से करते हैं. रोहतास ज‍िले सासाराम में तैनात अंचलाधिकारी यानी Circle Officer आकाश कुमार रौनियार पर आरोप है कि वे दाखिल-खारिज और जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए रिश्वत मांग रहे थे. चौंकाने वाली बात ये है कि उनके ही विभाग के राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार की शिकायत पर उन्हें अरेस्ट किया गया है. आरोप है कि अंचलाधिकारी हर दाखिल-खारिज और र‍िकॉर्ड करेक्शन के लिए मोटी रकम मांगते थे.

विजिलेंस टीम ने चोरी कैसे पकड़ी? 

शिकायत के बाद विजिलेंस इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो बिहार की टीम पिछले तीन महीने से पूरे मामले पर नजर रखे हुए थी. बताया गया कि पहले आठ लाख रुपये की मांग की गई थी, बाद में मामला छह लाख रुपये में तय हुआ. इसकी पहली किस्त के तौर पर तीन लाख रुपए 22 मई को दिए जाने थे. इसी सूचना के आधार पर व‍िज‍िलेंस की टीम ने जाल बिछाया.

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22 मई की सुबह व‍िज‍िलेंस की टीम ने सासाराम के मोरसराय इलाके में कार्रवाई की. आरोप है कि Circle Officer के निजी कर्मचारी सोनू कुमार, राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार से रिश्वत की रकम ले रहे थे. जैसे ही तीन लाख रुपए का लेनदेन हुआ, टीम ने सोनू कुमार को पकड़ लिया. इसके तुरंत बाद आकाश कुमार रौनियार को भी उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया. व‍िज‍िलेंस के अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आकाश रौनियार ने रिश्वत लेने से इनकार किया, लेकिन जांच और वेर‍िफ‍िकेशन में आरोप सही पाए गए.

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पुलिस ने क्या बताया? 

व‍िज‍िलेंस डीएसपी पवन कुमार ने बताया क‍ि राजस्व कर्मचारी राकेश कुमार ने शिकायत की थी कि रौनियार दाखिल-खारिज मामलों में प्रति केस 50 हजार रुपए मांगते थे. एक जमीन मामले में 8 लाख रुपये की मांग की गई, जिसके लेनदेन के दौरन उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया गया. उन्होंने आगे बताया, 

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‘राकेश कुमार रिश्वत देना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने मामले की शिकायत निगरानी विभाग से की. इसके बाद व‍िज‍िलेंस ब्यूरो पटना की टीम ने शिकायत को वेरीफाई किया. वेरीफाई करने के बाद एक ट्रैप के ज़रिए कार्रवाई की गई. आकाश कुमार रौनियार ने अपने कर्मचारी सोनू कुमार को नीचे भेजकर पैसे मंगवाए और उन्हें अपने कमरे में रखा था. इसके तुरंत बाद निगरानी ब्यूरो की टीम ने छापेमारी कर उनके किराए के आवास से 3 लाख रुपये बरामद कर लिए. मामले में आगे की जांच चल रही है.’

इंटरव्यू की कहानी क्या है? 

अब बात आकाश कुमार रौनियार की. बिहार के पूर्वी चंपारण के रहने वाले आकाश ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC की तैयारी शुरू की. मेहनत रंग लाई और उन्होंने लगातार दो परीक्षाएं पास कर लीं. इसके बाद उन्होंने 2021 में BPSC की 64वीं और 2022 में 65वीं परीक्षा पास की. पहले राजस्व अधिकारी (RO) बने, फिर अंचलाधिकारी यानी Circle Officer के रूप में तैनात रहे.

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इसी दौरान उनके कई मॉक इंटरव्यू सोशल मीडिया और कोचिंग प्लेटफॉर्म पर वायरल हुए. एक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया था कि अगर वे SDM बनते हैं तो सबसे पहले क्या काम करेंगे? जवाब में आकाश ने कहा था कि वे जनता की बुनियादी जरूरतों रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और सुरक्षा पर काम करेंगे. इसी इंटरव्यू में वो कहते हैं कि अफसर का सबसे बड़ा काम जनता और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाना होता है. यहीं से वे BPSC अभ्यर्थियों के बीच प्रेरणा का चेहरा बन गए. कई कोचिंग संस्थानों ने उनके इंटरव्यू को मोटिवेशनल कंटेंट की तरह इस्तेमाल किया.

आकाश कुमार रौनियार की गिरफ्तारी इसलिए ज्यादा चर्चा में है क्योंकि वो सिर्फ एक अफसर नहीं थे, बल्कि कॉम्पीटेट‍िव एग्जाम की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए एक रोल मॉडल के रूप में पेश किए जाते थे. उनकी सफलता की कहानियां कोचिंग संस्थानों के विज्ञापनों में दिखाई जाती थीं. अब वही कहानी भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ खत्म होती नजर आ रही है.

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