बिहार के चर्चित नेता तेज प्रताप यादव पर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है. यह उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में लगाई गई सबसे गंभीर धाराओं में से एक है. अगर अदालत में यह आरोप साबित हो जाता है तो उन्हें 10 साल की जेल हो सकती है. साथ ही जुर्माना भी भरना पड़ सकता है. शनिवार, 25 जुलाई को गिरफ्तार किए जाने के बाद तेज प्रताप को पटना की एक कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. फिलहाल, उन्हें बेऊर सेंट्रल जेल में रखा गया है.
तेज प्रताप यादव को हो सकती है 10 साल की जेल, कौन सी धारा लगी है?
NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में तेज प्रताप यादव पर हत्या की कोशिश समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पटना कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि सबसे गंभीर धारा में दोष सिद्ध होने पर 10 साल तक की सजा हो सकती है.

इंडिया टुडे से जुड़े रोहित कुमार सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक, ये मामला NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रोटेस्ट से जुड़ा है. बिहार में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने ‘बिहार बंद’ का ऐलान किया था. पुलिस ने बताया कि गांधी मैदान के पास प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया, जिससे झड़प और पथराव शुरू हो गया. इसमें गांधी मैदान के थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा और टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. गांधी मैदान थाना कांड संख्या 400/26 के तहत तेज प्रताप यादव और अन्य कई लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया.
तेज प्रताप यादव पर जो धाराएं लगाई गई हैं उनमें BNS की धारा 109 सबसे गंभीर है. ये धारा तब लगती है जब कोई कदम इस इरादे या जानकारी के साथ उठाया जाए जिससे किसी की जान जा सकती हो. आरोप साबित होने पर 10 साल की सजा और जुर्माना हो सकता है. गंभीर चोट आने पर आजीवन कारावास भी हो सकता है.
इसके अलावा उन परः
सरकारी कर्मचारी पर हमला करने के आरोप में BNS की धारा 132,
पुलिस अधिकारी को घायल करने पर धारा 297,
हथियारों से लैस होने और दंगा करने के आरोप में धारा 251 और 191(3),
आपराधिक साजिश के लिए धारा 61(2),
अपराध में मदद करने के आरोप में BNS की धारा 49,
धार्मिक भावनाएं आहत करने और अश्लील हरकतों के आरोप में धारा 293 और 299,
दुश्मनी बढ़ाने के आरोप में धारा 196
और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज किया गया है.
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शॉपिंग मॉल से गिरफ्तारीबता दें कि शनिवार, 25 जुलाई को पुलिस ने तेज प्रताप यादव को पटना के एक शॉपिंग मॉल से गिरफ्तार किया था. इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया. उनके वकील ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि जल्द ही जमानत याचिका (Bail Application) दायर की जाएगी.
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