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पुतिन ने G-7 पर '40%' वाला ताना मारा, ब्रिक्स से तुलना कर बोले- 'नए इंजन आ रहे'

BRICS Summit 2026: Russia के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने BRICS और G7 देशों के ग्रुप से पैदा होने वाली GDP की तुलना की है. उन्होंने अपनी स्पीच में पश्चिमी देशों के नेताओं और उनकी काम करने के लहजे पर भी ‘तंज कसा’.

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राष्ट्रपति पुतिन ने G7 देशों के ग्रुप पर 'तंज' कसा. (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS बिजनेस फोरम में कहा कि पिछले पांच वर्षों में दुनिया की GDP का 40 प्रतिशत से अधिक योगदान BRICS देशों का है, जबकि G7 का योगदान 29 प्रतिशत है।
  • पुतिन ने पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया कि वे आर्थिक प्रतिस्पर्धा के बहाने दूसरी आर्थिक ताकतों के विकास को रोकने के प्रयास कर रहे हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय परिवहन मार्गों पर रोक शामिल है।
  • पुतिन ने कहा कि रूस पर 30 हजार से अधिक गैर-कानूनी प्रतिबंध लगाए गए हैं, बावजूद इसके रूस विज्ञान, शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में प्रगति कर रहा है और अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रख रहा है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS के मंच से विकसित पश्चिम देशों के ग्रुप,‘ग्रुप ऑफ सेवन’ (G-7) पर तंज कसा है. वो BRICS बिजनेस फोरम में स्पीच दे रहे थे. इस दौरान उन्होंने BRICS और G-7 देशों की कुल GDP (Gross Domestic Products) के बीच तुलना की. रूस BRICS के मुख्य देशों में से एक है. इसलिए राष्ट्रपति पुतिन भी नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 में शामिल होने पहुंचे थे.

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शुक्रवार,11 सितंबर को राष्ट्रपति पुतिन BRICS बिजनेस फोरम में स्पीच दे रहे थे. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन ने बिजनेस फोरम में रूसी भाषा में स्पीच देते हुए कहा, 

पिछले 5 सालों में दुनिया की GDP का 40 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से में BRICS देशों का योगदान है. जबकि, इसमें ‘तथाकथित’ G7 का योगदान केवल 29 प्रतिशत  है. मुझे नहीं पता इन्हें ‘ग्रुप ऑफ सेवन’ क्यों कहते हैं.

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पुतिन ने आगे कहा कि दुनिया हमेशा बदली रही है और पिछले पांच सालों के ठोस सबूत इसकी पुष्टि भी करते हैं. उन्होंने आगे कहा,

अभी दुनिया स्ट्रक्चरल और गहरे बदलाव से गुजर रहा है. ‘सो-कॉल्ड’ पुराने नेता जो कभी आर्थिक विकास में सबसे आगे हुआ करते थे, उनकी जगह अब विकास के नए इंजन ले रहे हैं.’  

राष्ट्रपति पुतिन ने अपनी स्पीच में पश्चिमी देशों पर दूसरी आर्थिक ताकतों के विकास को रोकने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा,

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हमें बताया जाता रहा है कि कॉम्पिटिशन बहुत जरूरी है, लेकिन हमारे पश्चिमी कॉम्पटीटर अपनी पुरानी बढ़त को वापस पाने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. और कभी-कभी यह कॉम्पिटीशन बहुत बुरा रूप ले लेती है. ईरान से आए हमारे सहयोगी ने भी इस पर बात की.

पुतिन ने आगे कहा कि ‘कभी-कभी ऐसे भी कदम उठाए जाते हैं, जिसमें पाइपलानों को नष्ट करना, अंतरराष्ट्रीय परिवहन के गलियारों को रोकने की कोशिश करना और समुद्री जहाजों को जब्त कर लेना शामिल है.' हालांकि, राष्ट्रपति पुतिन ने अपनी स्पीच में अमेरिका का नाम नहीं लिया. लेकिन उनका टारगेट ईरान-अमेरिका जंग की वजह से ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ पर बढ़ते तनाव पर माना जा रहा है. इसके बाद उन्होंने रूस-यूक्रेन जंग के कारणों से रूस पर लगाए गए सैंक्शंस का भी जिक्र किया. राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, 

गैर-कानूनी प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं. उन लोगों के खिलाफ तथाकथित सेकेंडरी सैंक्शंस लगाने की भी धमकी दी जा जा रही है, जो किसी और के हितों को मानने के बजाय अपने हितों को प्राथमिकता देना चाहते हैं.

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पुतिन ने दावा किया कि अकेले रूस पर 30 हजार से ज्यादा प्रतिबंध लगाए गए हैं. ये दुनिया के बाकी देशों पर लगे प्रतिबंधों से दोगुना है. उन्होंने बताया कि इस मुश्किल हालात के बावजूद रूस अपने बिजनेस, साइंस, एजुकेशन, इंजीनियरिंग स्कूलों और अपने लोगों के भरोसे के लिए काम कर रहा है. साथ ही बड़ी सफलता भी हासिल कर रहा है. 

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