नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 के दौरान शनिवार, 12 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. नेताओं ने मीटिंग में इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के मतभेदों को विवाद में बदलने से रोका जाना चाहिए. बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी ने ‘Line Of Actual Control’ (LAC) से लेकर दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापार पर भी चर्चा की.
'मतभेद विवाद में न बदले', 7 साल बाद दिल्ली में मिले मोदी-जनिपिंग तो ये बातें हुईं
BRICS Summit 2026: PM Narendra Modi और President XI Jinping के बीच नई दिल्ली में Bilateral Meeting हुई. दोनों नेताओं ने LAC से लेकर व्यापार, सुरक्षा और सांस्कृतिक मुद्दों पर खुलकर बात की.

दोनों नेताओं के बीच यह मीटिंग ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई. मोदी और शी जिनपिंग की ये मुलाकात काफी अहम है क्योंकि, बीते 7 साल में ऐसा पहली बार हुआ है, जब भारत में मोदी और शी की द्विपक्षीय बैठक हुई है. नई दिल्ली और बीजिंग सीमा विवाद को लेकर सालों चले तनाव के बाद अपने रिश्तों को सुधारने में लगे हैं. बैठक में दोनों नेताओं ने तियानजिन में हुई अपनी पिछली बैठक के बाद हुए सुधारों पर भी चर्चा की.

दोनों नेताओं की बैठक के बाद भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से एक स्टेटमेंट जारी किया गया. विदेश मंत्रालय ने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी और शी इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देशों को अपने रिश्तों को ‘रणनीतिक और लंबे समय के नजरिए’ से देखना चाहिए. साथ ही बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाते हुए मदद के दायरों को बढ़ाने पर भी जोर दिया.
MEA ने आगे लिखा,
‘प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए. दोनों एशियाई ताकतों के बीच रिश्ते तीन सिद्धांतों पर आधारित होने चाहिए. आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित.’

बैठक में मेन एजेंडा सीमा विवाद रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि द्विपक्षीय रिश्तों के विकास के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता जरूरी है. उन्होंने दोनों पक्षों से सीमा से जुड़े मामलों पर मौजूदा समझौतों को समझदारी के साथ मानने के लिए कहा. दोनों देश इस बात पर एकमत हुए कि सीमा विवाद पर ऐसे समाधान खोजने की जरूरत है, जो दोनों पक्षों को मंजूर हो.
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रिश्ते सुधारने पर जोरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सीमा के मुद्दे को दोनों देशों के राजनीतिक रिश्तों और अपनी जनता के लंबे समय के हितों के नजरिए से भी देखा. दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत पूर्वी लद्दाख में सैन्य टकराव और जून 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद हुई है. इन झड़पों के बाद चीन और भारत के रिश्ते बुरी तरह से प्रभावित हुए थे. साथ ही LAC पर लंबे समय के लिए ‘तनाव’ पैदा कर दिया.
बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार और सप्लाई चेन पर भी बात की. व्यापार और उससे जुड़े इंवेस्टमेंट से जुड़ी चिंताओं को दूर करने पर भी एकमत हुए. नेताओं ने मार्केट में अच्छे एक्सेस की बात पर भी जोर दिया. इसके अलावा चीन और भारत के बीच सांस्कृतिक मेलजोल और आवाजाही को बढ़ाने पर भी बात की. वहीं, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे की खूबियों से सीख सकते हैं. साथ ही साझे विकास की दिशा में काम कर सकते हैं. दोनों नेताओं ने साथ मिलकर क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर आपसी सहमति बढ़ाने को लेकर भी बात की.
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