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धर्म बदलकर मुस्लिम लड़की से शादी की, पिता ने बना लिया बंधक, मुकदमे पर HC ने क्या कहा?

Allahabad High Court में Ayush Malik के दोस्त ने एक याचिका दायर की है. याचिका में आयुष को गैर-कानूनी बंधन से छुड़ाने की अपील की गई है. हाई कोर्ट ने आयुष को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है.

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आयुष मलिक को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया. (फोटो- इंडिया टुडे)

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  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि पुलिस 16 सितंबर तक आयुष मलिक को कोर्ट में पेश करे, और यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो संबंधित अधिकारियों और पिता को हलफनामा देना होगा।
  • आयुष मलिक ने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन कर इस्लाम अपनाया और उनसे जुड़े विवाद के कारण उनके पिता ने उन्हें गैर कानूनी रूप से बंधक बना लिया, जिससे यह मामला अदालत में पहुंचा।
  • कोर्ट ने मामले की गंभीरता पर ध्यान दिया है और आदेश दिया कि अगर तय समय पर आयुष को कोर्ट में पेश नहीं किया गया तो जवाबदेही तय करने के लिए जांच की जाएगी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस को आदेश दिया है कि वो 31 साल के आयुष मलिक को कोर्ट में पेश करे. आयुष उत्तर प्रदेश के शामली जिले के एक दवा कारोबारी के बेटे हैं. आरोप है कि उन्होंने अपनी मुस्लिम गर्लफ्रेंड से शादी करने के लिए धर्म परिवर्तन कर लिया था. इससे नाराज होकर उनके पिता ने उन्हें गैर कानूनी ढंग से ‘बंधक’ बना लिया. इसी मामले पर कोर्ट में सुनवाई हुई. आयुष के लिए उनके दोस्त सुल्तान ने हाईकोर्ट में ‘हेबियस कॉर्पस’ याचिका दायर की है. 

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केस की सुनवाई बुधवार, 9 सितंबर को जस्टिस संदीप जैन की सिंगल बेंच ने की. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने कहा कि 16 सितंबर को आयुष मलिक को कोर्ट में पेश करना है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा,

रिट याचिका के साथ लगे डॉक्यूमेंट्स को पहली नजर में देखकर ऐसा लगा कि आयुष मलिक ने अपनी मर्जी से हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाया था. बाद में अपने पिता की मर्जी के खिलाफ चांदनी कुरैशी से शादी की.

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कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के आरोप और राज्य की कथित भूमिका पर जो आरोप लगे हैं, वो गंभीर हैं. इस पर फौरन ध्यान देने की जरूरत है. साथ ही अगर तय समय पर आयुष को कोर्ट में नहीं पेश किया गया तो राज्य के अधिकारियों और उनके पिता को हलफनामा दायर करना होगा. हलफनामे में उन्हें बताना होगा कि उन्होंने ऐसा क्यों किया? कोर्ट को यह भी बताना होगा कि आयुष को कोर्ट में पेश करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? 

मामला शुरू कैसे हुआ?

दरअसल, आयुष के दोस्त ने जो याचिका दायर की, उसमें आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी पिता देवराज सिंह मलिक के खिलाफ चांदनी कुरैशी से शादी थी. बाद में आयुष के पिता ने चांदनी के पिता ने इस्लाम कुरैशी के खिलाफ FIR दर्ज कराई. पुलिस ने ‘उत्तर प्रदेश गैर-कानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2021’ समेत कई अन्य धाराओं में केस दर्ज किया. इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

याचिका में सुल्तान ने दावा किया कि आयुष ने अपनी मर्जी से इस्लाम अपनाया था. उन पर कोई भी दबाव या लालच का असर नहीं था. सुल्तान के वकील ने यह भी दावा किया कि आयुष के पिता ने अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत करके उन्हें गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाया. याचिका में यह भी दावा किया गया कि आयुष ने ही अपने दोस्त से कथित गैर-कानूनी कैद से आजादी के लिए मदद मांगी थी. 

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इसके पहले जून 2026 में आयुष का एक वीडियो सामने आया था. वीडियो में आयुष को कथित तौर पर नमाज पढ़ते हुए दिखाया गया था. इसके बाद आयुष ने खुद ही मीडिया के सामने आकर इस बात को कबूल किया कि उसने अपनी मर्जी से इस्लाम को अपनाया है.  

आयुष ने यह भी बताया कि उन पर कोई ‘दबाव’ नहीं था. उन्हें बचपन से ही इस्लाम पसंद था और चांदनी से मुलाकात होने से पहले करीब 2007 में ही उन्होंने इस्लाम को कबूल कर लिया था. 

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