कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने गुरुवार, 24 सितंबर की शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें राहुल गांधी ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों, चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों और CEC ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर सवाल उठाए. नेता प्रतिपक्ष ने देशभर में हुए चुनावों में धांधली होने का आरोप लगाया. उन्होंने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की. लेकिन साथ ही ‘अप्रूवर’ बनने की नसीहत भी दे डाली.
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को 'अप्रूवर' बनने की नसीहत दी, क्या होता है ये?
राहुल गांधी ने SIR में कथित गड़बड़ियों, चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों और CEC ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर सवाल उठाए. नेता प्रतिपक्ष ने देशभर में हुए चुनावों में धांधली होने का आरोप लगाया और ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की. लेकिन साथ ही ‘अप्रूवर’ बनने की नसीहत भी दे डाली.

इंडियन एक्सप्रेस ने SIR में कथित गड़बड़ियों और इन पर दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को लेकर एक रिपोर्ट छापी थी. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद से देश में सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ है. पूरे विपक्ष ने एक आवाज में CEC ज्ञानेश कुमार को कटघरे में खड़ा कर उनसे इस्तीफा मांगा है. उन्हें जेल भेजने की बातें की गईं है. ‘देशद्रोही’ तक बताया गया है.
इस सबके बीच राहुल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने एक बार फिर ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए. लेकिन उनका मेन अटैक पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर रखा. राहुल ने SIR और चुनावों में कथित गड़बड़ियों के लिए सीधा पीएम मोदी और अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया. वहीं ज्ञानेश कुमार के लिए कहा कि वे सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं. लेकिन साथ उन्होंने एक बात और कही.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल ने CEC ज्ञानेश को 'अप्रूवर' बन जाने की बात कही. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
‘लोगों को सजा मिलेगी. दोनों चुनाव आयुक्तों (डॉ.सुखबीर सिंह संधू और डॉ विवेक जोशी) ने समझदारी का काम किया है. मैं उनके इस काम की तारीफ करता हूं. ज्ञानेश कुमार को 'अप्रूवर' बन जाना चाहिए. यह देशभक्ति का काम होगा. हमें पता है कि क्या हुआ है और हम इसका भी पर्दाफाश करेंगे.’
राहुल गांधी की ये बात इस ओर इशारा करती है कि सरकार बदलने के बाद क्या होगा. उनकी बातों का साफ मतलब है कि बीजेपी के सत्ता में हटने के बाद वे नरेंद्र मोदी और अमित शाह के कामों की जांच कराएंगे. इनमें चुनाव आयोग और चुनावों को प्रभावित करने का आरोप भी शामिल है. राहुल ने कहा कि चुनाव में गड़बड़ी करने वाले लोग भारत और इसके लोगों के खिलाफ हैं, देशद्रोही हैं.
यह भी पढ़ें: UN में जेलेंस्की ने रूस को बताया धोखेबाज, भारत से की जंग से दूर रहने की अपील
इसी कड़ी में राहुल ने ज्ञानेश कुमार को अप्रूवर बनने की नसीहत दी. अप्रूवर का मतलब ऐसे व्यक्ति से है जो अपराध में शामिल हो, लेकिन उसे स्वीकार करके बाकी आरोपियों का पूरा कच्चा-चिट्ठा खोलने के लिए राजी हो गया है. सरकारी गवाह बन गया हो. ऐसा करने पर उस व्यक्ति को सजा में रियायत मिलती है या पूरी सजा ही माफ की जा सकती है. ज्ञानेश कुमार को अप्रूवर बनने की सलाह देकर राहुल गांधी ने एक नई बहस जरूर छेड़ दी है.
वीडियो: मेधा रूपम को सुप्रीम कोर्ट से राहत, हाईकोर्ट के 5 लाख मुआवजे वाले आदेश पर रोक













