कतर में करीब एक साल पहले सितंबर 2025 में 8 करोड़ रुपये की चोरी हुई. ये चोरी केरल मुस्लिम कल्चरल सेंटर (KMCC) के दफ्तर में हुई थी. ये संगठन केरल के मुस्लिम समुदाय के लोगों की मदद के लिए काम करता है. अब इस केस में एक बीजेपी नेता का नाम सामने आया है.
कतर में हुई थी 8 करोड़ की चोरी, अब केरल के BJP नेता से निकला इसका कनेक्शन
कतर में सितंबर 2025 में KMCC के दफ्तर से करीब 8 करोड़ रुपये चोरी हुए थे. अब केरल के बीजेपी नेता परप्पिल बालकृष्णन का नाम इसमें सामने आया है. दरअसल उन्होंने खुद पुलिस के सामने सरेंडर कर चोरी में शामिल होने की बात कबूल की है.

इस मामले में केरल के कोझिकोड में बीजेपी के एक स्थानीय नेता परप्पिल बालकृष्णन ने पुलिस के सामने सरेंडर किया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बालकृष्णन ने चोरी में शामिल होने की बात कबूल की है. उन्होंने स्वीकार किया है कि पिछले साल कतर में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के संगठन KMCC के दफ्तर में चोरी करने वालों में वह भी शामिल थे. हालांकि, बालकृष्णन का कहना है कि उन्हें नौकरी दिलाने के बहाने कतर ले जाया गया था. उन्हें धमकी दी और जबरन लॉकर तुड़वाया गया.
कतर में हुई थी चोरीपुलिस के मुताबिक, सितंबर 2025 में केरल से चार लोग कतर गए थे. कतर की राजधानी दोहा के अल तुमामा इलाके में कथित तौर पर KMCC के दफ्तर का लॉकर तोड़कर 31 लाख कतरी रियाल चुरा लिए. भारतीय रुपये में इनकी कीमत करीब 8 करोड़ रुपये थी. इसके बाद सब भारत लौट आए. करीब एक साल तक केस सुलझ नहीं सका. लेकिन अब बीजेपी नेता के सरेंडर करने के बाद जमी हुई धूल फिर से हटी है.
आरोपी बालकृष्णन पेशे से वेल्डर हैं. उसने पिछले साल कोयिलांडी नगरपालिका के एक वार्ड से बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर स्थानीय निकाय चुनाव भी लड़ा था. बुधवार 21 अक्तूबर को वो कोझिकोड ग्रामीण जिले के कोयिलांडी पुलिस स्टेशन पहुंचे और सरेंडर कर दिया.
रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी से पहले रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में बालकृष्णन ने दावा किया कि उन्हें कतर में नौकरी दिलाने का वादा करके ले जाया गया था. उन्होंने कहा, ‘मुझे एक अरब नागरिक के घर नौकरी दिलाने का वादा किया गया था. दोहा पहुंचने के बाद शाजी और बावा मुझे एक लॉज में ले गए. मुझे अपनी मर्जी से बाहर जाने नहीं दिया जाता था. एक सुबह वे मुझे KMCC के दफ्तर ले गए, मुझे धमकाया और लॉकर तोड़ने के लिए मजबूर किया. एक कमरु नाम का शख्स भी था, जो निर्देश दे रहा था. लॉकर खुलने के बाद शाजी पैसे लेकर चला गया. शाजी ने ही मेरे लिए वापसी की टिकट कराई थी.’ बालकृष्णन ने यह भी कहा कि उनकी जान को खतरा है. उन्होंने अपील की कि उसे जमानत पर रिहा न किया जाए.
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पुलिस के मुताबिक, चोरी पिछले साल हुई थी, लेकिन इसकी शिकायत 15 सितंबर 2026 को दर्ज कराई गई. इसके बाद लूट और साझा मंशा से अपराध करने के आरोप में FIR दर्ज हुई. बालकृष्णन के अलावा पांच और लोगों के नाम आरोपी के तौर पर दर्ज हैं. इनमें रशी, सलीह, बॉम्बे शाजी, कमरुद्दीन और हसन शामिल हैं.
पुलिस के मुताबिक, बाकी आरोपी फरार हैं. बॉम्बे शाजी ने अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की है. पुलिस ने इस अर्जी का विरोध किया है. एक पुलिस अधिकारी के हवाले रिपोर्ट में लिखा गया है कि, चोरी कतर में हुई थी, लेकिन आरोपी अपराध के बाद केरल लौट आए. इसलिए राज्य में मामला दर्ज किया जा सकता है.
KMCC के नेतृत्व पर भी उठे सवालचोरी के बाद KMCC की कतर यूनिट के सदस्यों ने संगठन के नेतृत्व से सवाल किए थे. सदस्यों ने पूछा था कि चोरी की कुल रकम कितनी थी और आरोपियों की पहचान के लिए क्या कदम उठाए गए. KMCC कतर यूनिट के उपाध्यक्ष अब्दुल रहीम पीके ने 15 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई थी. फिलहाल बालकृष्णन न्यायिक हिरासत में हैं और बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है.
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