उत्तर प्रदेश के महोबा स्थित जिला अस्पताल में आवारा सांड भी बीमार लोगों का हाल-चाल लेने आते हैं. वो भी इमरजेंसी वार्ड में. हालांकि उनके ‘स्वागत’ के लिए कथित तौर पर कोई सुरक्षाकर्मी तक नहीं था. होता भी तो क्या ही कर लेता. आवारा सांड दनदनाता आए तो कौन सामने जाए? खबर तो सांड के आ धमकने की ही है. बाकी अस्पताल आने-जाने वाले लोग कहते हैं कि आवारा कुत्ते भी ‘निरीक्षण’ करने आते रहते हैं.
यूपी के जिला अस्पताल में दनदनाते हुए घुसे आवारा सांड, लेटे मरीज भी खड़े हो गए
Mahoba stray bull hospital Video: अस्पताल में मरीज बेड पर लेटे हैं और अचानक वहां सांड घुस आएं तो उनकी हालत समझी जा सकती है. हॉस्पिटल में सांड के घूमते हुए एक वीडियो क्लिप भी सामने आया है. इसमें इमरजेंसी के बाहर दो सांड हैं. लोग एक सांड को किसी तरह भगा देते हैं. लेकिन दूसरा आवारा सांड अंदर चला जाता है. आराम से इमरजेंसी में घूमता है.

मजाक में कही बात को मजाक में नहीं लेना है. स्थिति गंभीर है. अस्पताल में मरीज बेड पर लेटे हैं और अचानक वहां सांड घुस आएं तो उनकी हालत समझी जा सकती है. हॉस्पिटल में सांड के घूमते हुए एक वीडियो क्लिप भी सामने आया है. इसमें इमरजेंसी के बाहर दो सांड हैं. लोग एक सांड को किसी तरह भगा देते हैं. लेकिन दूसरा आवारा सांड अंदर चला जाता है. आराम से इमरजेंसी में घूमता है.
सांडों के आगमन से मरीजों और तीमारदारों में खलबली मच गई. लेकिन हिम्मत दिखाकर लोग दूसरे सांड को भी बाहर भेज देते हैं. गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ. सांड ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया.
ये वीडियो बुधवार, 21 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे का बताया गया है. इंडिया टुडे से जुड़े नाहिद अंसारी की रिपोर्ट के मुताबिक, दो सांड महोबा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में आ गए थे.
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अस्पताल में अपने दोस्त को देखने आए ब्रज राज सिंह ने बताया,
“हम मरीज को देखने के लिए आए थे. मेरा दोस्त यहां था. मैंने देखा कि यहां एक सांड इमरजेंसी वार्ड में घुस आया. वो यहां-वहां भाग रहा है. ऐसा लग रहा था किसी मरीज को वो चोट ना पहुंचा दे.”
उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि लोग हॉस्पिटल में हैं, परेशान हैं, बीमार है. कुछ मरीज बेड से उठ भी नहीं सकते. ऐसे में अगर किसी को चोट लग जाए तो? ब्रज राज ने कहा,
“अस्पताल में एक तो वैसे ही मरीज को लेकर तीमारदार परेशान रहते हैं. ऐसे में अगर सांड के हमले में कोई चोटिल हो जाता, तो काफी नुकसान पहुंचता. हॉस्पिटल और वार्ड में रात के समय भी सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी होती है. लेकिन वो यहां नहीं थे. ऐसे में अस्पताल की सुरक्षा किसके हवाले हैं?”
ब्रज राज ने मांग की कि अस्पताल में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए. ताकि मरीजों को अच्छा माहौल मिले.
'ड्यूटी पर तैनात थे गार्ड्स'लोगों का आरोप है कि घटना के समय कोई गार्ड नहीं था. लेकिन सीएमएस डॉक्टर सुरेश कुमार का कहना है कि घटना के समय सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर तैनात थे. दैनिक भास्कर से बात करते हुए सुरेश कुमार ने कहा कि 2 सांड सड़क से लड़ते-लड़ते जिला अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में पहुंच गए थे.
उन्होंने कहा कि वहां ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड्स ने उन्हें बाहर भगा दिया. किसी भी तरह की कोई घटना या नुकसान नहीं हुआ है. सुरक्षा गार्ड को अलर्ट किया गया था.
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