महाराष्ट्र के पुणे में जमीन विवाद के कारण दादा ने कथित तौर पर अपने पोते की गोली मारकर हत्या कर दी. शुरुआत में इसे एक्सीडेंटल डेथ माना जा रहा था. बताया गया कि 83 वर्षीय आरोपी मोतीराम रावजी मराठे अपनी राइफल की सफाई कर रहे थे, तभी उनसे ‘गलती से’ ट्रिगर दब गया और गोली पोते को लग गई. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसे संकेत मिले की गोली गलती से नहीं चली थी. पुलिस ने मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.
83 साल के दादा ने पोते को गोली मारी, सबने कहा 'गलती से लगी', फिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई...
Pune man killed grandson: लोनावला में एक दादा पर अपने पोते की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगा है. बताया गया कि दोनों के बीच जमीन से जुड़ा कोई विवाद था.

मृतक की पहचान 33 वर्षीय अभय माणिक मराठे के तौर पर हुई है. वह लोनावला नगर निगम के पूर्व पार्षद माणिक मराठे के बेटे थे. इंडिया टुडे से जुड़े ओमकार वाम्बले की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना सोमवार, 5 अक्टूबर को लोनावला के भुशी गांव में होटल मोतीराम में हुई.
पोस्टमार्टम ने खोला ‘एक्सीडेंट डेथ’ का राजपुलिस को सूचना मिली थी की अभय के सीने में गोली लगी है. पुलिस ने पूछताछ की तो बताया कि लाइसेंसी 12 बोर बंदूक की सफाई के दौरान गलती से गोली चली थी. मगर पुलिस को इस बात पर शक हुआ. पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि अभय के शव को पोस्टमार्टम के लिए ससून अस्पताल भेजा गया. इसमें पता लगा कि गोली गलती से नहीं चली थी.
पुलिस ने दोबारा घटनास्थल को विजिट किया. वहां स्टाफ से पूछताछ की. तब उन्होंने बताया कि अभय और उनके दादा के बीच जमीन बेचने को लेकर विवाद चल रहा था. दादा कुछ जमीन बेचना चाहते थे, लेकिन अभय इसका विरोध कर रहे थे. इसी बात पर दोनों के बीच बहस चल रही थी, जो इतनी बढ़ गई कि मोतीराम ने मृतक के सीने में गोली मार दी.
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मोतीराम ने क्या आरोप लगाया?मोतीराम ने पुलिस को बताया कि अभय उन्हें मारने आया था. लेकिन उन्होंने उसे पहले राइफल से गोली चला दी. पुलिस ने बताया कि मोतीराम के पास दो लाइसेंसी राइफल थी. उन्होंने 1970 में एक 12-बोर राइफल और 1980 में दूसरी राइफल खरीदी थी.
आरोपी मोतीराम के खिलाफ लोनावला सिटी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है. घटना में परिवार और रिश्तेदारों की भी भूमिका का पता चला है. आरोप है कि उन्होंने घटना को दबाने की कोशिश की थी. पुलिस ने आरोपी दादा के अलावा हिरामण मोतीराम मराठे, मनोज हिरामण मराठे, कविता हिरामण मराठे और राजश्री दशरथ पवार को भी गिरफ्तार किया है.
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