The Lallantop

गुटखे का थूक बिजली की तार पर गिरा, करंट से थूकने वाले की जिंदा जलकर मौत

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में 65 साल के प्रभुलाल गुप्ता की बालकनी से गुटखा थूकते समय हाईटेंशन तार की चपेट में आने से मौत हो गई.

Advertisement
post-main-image
हाईटेंशन तार की चपेट में आने से बुजुर्ग की मौत. (फोटो- India today)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • विदिशा के गंजबासौदा इलाके में 65 वर्षीय प्रभुलाल गुप्ता अपने घर की बालकनी से गुटखा थूकते समय 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
  • प्रभुलाल गुटखा थूकने के दौरान तार के बहुत नजदीक थे, जिससे उनके थूक में नमी के कारण बिजली करंट ने उनके शरीर को प्रभावित किया, जो हाईटेंशन तार के वोल्टेज और बालकनी की निकटता से संभव हुआ।
  • इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में बिजली तारों की सुरक्षा और शिकायतों पर कार्रवाई न होने को लेकर असंतोष जताया है, जबकि मकान मालकिन भी जांच व सुधार के लिए प्रशासन से कदम उठाने की मांग कर रही हैं।

गुटखा थूकने की आदत किसी की जान ले सकती है? सोच पाना भी मुश्किल है. लेकिन विदिशा में ऐसा ही कुछ हुआ है. 65 साल के एक बुजुर्ग अपने घर की बालकनी से गुटखा थूक रहे थे. इस दौरान वो घर के सामने से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए. बिजली का ऐसा झटका लगा कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई. ये सब इतना तेज हुआ कि उन्हें कोई हरकत करने का भी मौका नहीं मिला. तत्काल मौत हो गई और उनका शरीर छज्जे पर ही लटका रह गया.

Advertisement

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के गंजबासौदा इलाके की है. 65 साल के प्रभुलाल गुप्ता यहां के गायत्री नगर में एक किराये के मकान में रहते थे. वो मूल रूप से छतरपुर के रहने वाले थे और गंजाबसौदा में राजमिस्त्री का काम करते थे. पिछले 10 साल से वो यहीं के गायत्रीनगर एरिया में किराये के मकान में रह रहे थे. तीसरी मंजिल पर उनका घर था. 

सोमवार, 26 अक्टूबर को दोपहर के करीब 1 बजे प्रभुलाल अपने फ्लोर की बालकनी में खड़े थे. उनके घर के आसपास के लोगों ने बताया कि गुटखा चबाने के बाद उन्होंने वहीं से थूकने की कोशिश की. जैसे ही थूका, वह घर के सामने से गुजर रही बिजली की तार के संपर्क में आ गया. इससे वह गंभीर रूप से झुलस गए. उनकी मौके पर ही मौत हो गई. उनका शव भी बालकनी के छज्जे से लटका रह गया.

Advertisement

घटना से जुड़े कुछ वीडियो भी सामने आए हैं. इनमें प्रभुलाल का जला हुआ शव घर के छज्जे से आधा लटका दिखाई दे रहा है.

थूकने से कैसे लगा करंट?

प्रभुलाल जिस तार की चपेट में आए, वो 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन तार थी. घर में इस्तेमाल होने वाली बिजली करीब 240 वोल्ट की होती है. इसके हिसाब से 11 हजार वोल्ट की बिजली तकरीबन 48 गुना ज्यादा वोल्टेज वाली होती है. हाईटेंशन तारों में दौड़ने वाली यह बिजली इतनी खतरनाक होती है कि इसके संपर्क में आने से जान तक जा सकती है.

सवाल है कि क्या गुटखे की थूक से करंट लगने के चांसेज होते हैं? एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कुछ परिस्थितियों में ऐसा हो सकता है. इंसान की लार में नमी और नमक घुले होते हैं, जो इसे बिजली का बेहतरीन सुचालक बना देते हैं. यानी इससे बिजली गुजर सकती है. अगर थूकते समय मुंह से तार तक लिक्विड की एक लगातार धार बनती है तो यह करंट को शरीर में पहुंचाने का रास्ता बना सकती है. 

Advertisement

इसके अलावा, 11 हजार वोल्ट वाली तार में इतना जबर्दस्त वोल्टेज होता है कि यह हवा में बिजली का एक ‘आर्क’ बना देते हैं. अगर बालकनी और तार की दूरी बहुत कम हो तो बिजली हवा या नमी के जरिए छलांग लगाकर भी इंसान के शरीर में घुस सकती है. जिसके बाद या तो इंसान गंभीर रूप से झुलस जाता है. या फिर उसकी मौत भी हो सकती है.

ये भी पढ़ेंः पत्नी के प्राइवेट पार्ट पर करंट लगाकर मार डाला, जमीन के लालच में पति ने हद पार कर दी

लोगों में आक्रोश

स्थानीय लोगों ने घटना के बारे में जो बताया, उससे प्रभुलाल गुप्ता के साथ भी यही हालात होने के आसार लगते हैं. घटना के बाद लोगों में भयंकर गुस्सा है. मकान मालकिन पद्मा चिधर ने बताया कि घर के काफी पास से गुजर रहे तारों को लेकर उन्होंने कई बार शिकायत की लेकिन उनकी बात पर ध्यान ही नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि वो इसका खर्चा देने को भी तैयार थीं लेकिन अधिकारियों ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की. 

वीडियो: नेहा बोरा की याचिका खारिज, दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस को क्या निर्देश दिए?

Advertisement